श्री अर्धनारीश्वर स्तोत्र || Sri Ardhanarishwara Stotram || Ardhanareeswara Stotram




 

चाम्पेयगौरार्धा  शरीरकायै  कर्पूरगौरार्धा  शररकय  |

 
धम्मिल्लकायै i च   जटाधराय  नमः  शिवाय i च  नमः  शिवाय  ||1||
 
 
कस्तूरिका  कुंकुमचर्चितायै  चितरजःपुंजा  विचर्चिताया  |
 
कृतस्मरायै  विकृतस्मराय  नमः  शिवायै  च  नमः  शिवाय  ||2||
 
 
झणत्क्वणत्कंकणा  नूपुरायै  पादब्जराजत्फणिन  उपरया  |
 
हेमंगदायै  भुजगन  गदया  नमः  शिवायै  च  नमः  शिवाय  ||3||
 
 
विशालनीलोत्पललोचनायै  विकसिपा  नकेरुहलोचनाया  |
 
समेसनयै  विषमेक्षणाय  नमः  शिवायै  च  नमः  शिवाय  ||4||
 
 
मन्दरमलाकलितलकायै  कपलमलाङ्कितकन्धराय  |
 
दिव्याम्बरायै  च  दिगम्बराय  नमः  शिवायै  च  नमः  शिवाय  ||5||
 
 
अम्भोधरश्यामलकुन्तलायै   ताती  त्प्रभातंरजा  तधरया  |
 
निर्लश्वरायै  निखिलेश्वराय  नमः  शिवायै  च  नमः  शिवाय  ||6||
 
 
प्रपञ्चसृष्  ट्युन्मुखला  सयकायी  समस्तसा  महारकताण्डवाया  |
 
जगज्जनन्यै  जगदेकपित्रे  नमः  शिवायै  च   नमः  शिवाय  ||7||
 
 
प्रदीप्तरत्नोज्ज्वलकुण्डलायै स्फुरन्महापन्नगभूषणाय |
 
शिवान्वितायै च शिवान्विताय नमः शिवायै च नमः शिवाय ||8||
 
 
एतत्पठेदश  तकमीश  तडम  यो  भक्त्या  सा  मान्यो   भुवि  डलरघजलवी  |
 
प्राप्नोति  सौभाग्यमनन्तकालम  भूयात  सदा  तस्य  समस्तसिद्दिः  ||9||
 
 
||  इत्ति श्री आदिशंकर भगवत्पदा विरचितम अर्धनारीश्वर स्तोत्रम सम्पूरणम्  ||
 
Ardhanarishwara Stotram

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