एकादशी माता की आरती || Ekadashi Mata Ki Aarti

 ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता । विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता ।। ॐ।। तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी । गण गौरव की देनी माता, शास्त्रों में वरनी ।।ॐ।। मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष की उत्पन्ना, विश्वतारनी जन्मी। शुक्ल पक्ष में हुई मोक्षदा, मुक्तिदाता बन आई।। ॐ।। पौष के … Read more

Maa Brahmacharini Ki Aarti || माँ ब्रह्मचारिणी की आरती ||

  जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।  ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो। ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा। जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता। Read Also : Maa Brahmacharini Devi Stotra कमी कोई रहने न पाए। कोई भी … Read more

पितर जी की आरती || Pitaron Ki Aarti || Shraadh Mein Pitron Ki Aarti

जय जय पितर महाराज, मैं शरण पड़यों हूँ थारी। शरण पड़यो हूँ थारी बाबा, शरण पड़यो हूँ थारी।। आप ही रक्षक आप ही दाता, आप ही खेवनहारे। मैं मूरख हूँ कछु नहिं जाणूं, आप ही हो रखवारे।। जय।। आप खड़े हैं हरदम हर घड़ी, करने मेरी रखवारी। हम सब जन हैं शरण आपकी, है ये … Read more

Shaligram ji ki Aarti -श्री शालिग्राम जी की आरती

श्री शालिग्राम जी की आरती – Shree Shaligram ji ki Aarti शालिग्राम सुनो विनती मेरी । यह बरदान दयाकर पाऊं ।। प्रात: समय उठी मंजन करके । प्रेम सहित सनान  कराऊँ ।। चन्दन धुप दीप तुलसीदल । वरन -बरन के पुष्प चढ़ाऊँ ।। तुम्हरे सामने नृत्य करूँ नित । प्रभु घंटा शंख मृदंग बजाऊं ।। … Read more

Maa Jagdamba Aarti – जगदम्बा जी की आरती

जगदम्बा जी की आरती – Maa Jagdamba Aarti आरती कीजै शैल – सुता की ।। टेक ।। जगदम्बा की आरती कीजै , सनेह-सुधा, सुख सुन्दर लीजै । जीने नाम लेत दृर्ग भीजे, ऐसी वह माता वसुधा की  ।। आरती ॰ ।। पाप विनाशनी, कलि -मल-हरिणी, दयामयी भवसागर तारिणी । शस्त्र धारिणी शैल- विहारिणी, बुद्धि- राशि … Read more

Shree Ramayan ji ki Aarti – रामायण जी की आरती

। श्री रामायण जी की आरती । Shree Ramayan Aarti । आरती श्री रामायण जी की । कीरति कलित  ललित सिया पी की ।।                   आरती श्री रामायण जी की…   गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद,  बाल्मीकि विज्ञान विशारद । सुक सनकादि शेष अरू शारद, बरनी पवन सुत कीर्ति निकी  ।। … Read more

Jagdamba ji ki Aarti – जगदम्बा जी की आरती

जगदम्बा जी की आरती – Jagdamba ji ki Aarti सुन मेरी देवी पर्वत बासिनि तेरा पार न पाया ।                 सुन मेरी देवी पर्वत बासिनि तेरा पार न पाया …… पान सुपारी धव्जा नरिरल ले तेरी भेंट चढ़ाया                  सुन मेरी देवी … Read more

Bhairav ji ki Aarti -भैरव जी की आरती

भैरव जी की आरती- Bhairav Aarti जय भैरव देवा ,प्रभु जय भैरव देवा । जय काली और गौरा देवी कृत सेवा ।। जय भैरव देवा ,प्रभु जय भैरव देवा ……. तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिंधु तारक । भक्तों के सुख कारक विषन बपुधारक ।।  जय भैरव देवा ,प्रभु जय भैरव देवा ……. वाहन शवान विराजत … Read more

Shree Krishna Chandra ji ki Aarti – श्री कृष्ण चंद्र जी की आरती

श्री कृष्ण चंद्र जी की आरती -Shree Krishan Chandra ji ki Aarti । आरती युगल किशोर की कीजै । राधे तन- मन- धन न्यौशाबार कीजै रवि शशि कोटी बदन की शोभा  ताहि निरख मेरो मन लोभा  । आरती युगल किशोर की कीजै…….. । गौर श्याम मुख निरखत रीजै प्रभु को रूट नयन भर पीजै  । … Read more

Shree Ram Chandra ji ki Aarti – श्री राम चंद्र जी की आरती

श्री राम चंद्र जी की आरती – Shree Ram Chandra ji Ki Aarti आरती कीजै रामचंद्र जी की । हरि हरि दुष्ट दलन सीतापति जी की ।।      पहली आरती पुष्पन की माला ।  काली नागनाथ लाए गोपाला ।। दूसरी आरती देवकी नंदन । भक्त उभारण कंस निकंदन ।। तीसरी आरती त्रिभुवन मन मोहे … Read more