मुकुन्द मुक्तावली || Shri Mukunda Muktavali

मुकुन्द मुक्तावली || Shri Mukunda Muktavali नवजलधरवर्णं चम्पकोद्भासिकर्णं विकसित नयनास्यं विस्फुरन्मन्दहासम् । कनकरुचिदुकूलं चारुबर्हावतंसं कमपि निखिलसारं नौमि गोपीकुमारम् ॥१॥ सजलजलदनीलं वल्लवीकेलिलोलं श्रितसुरतरुमूलं विद्युदुल्लासिचेलम्। नतसुरमुनिजालं सन्मनोबिम्बलीलम् सुररिपुकुलकालं नौमि गोपालबालम् ॥२॥ सजलजलदनीलं दर्शितोदारलीलं करतलधृतशैलं वेणुनादैः रसालम्। व्रजजनकुलपालं कामिनीकेलिलोलं कलितललितमालं नौमि गोपालबालम् ॥३॥ स्मितललितकपोलं स्निग्धसंगीतलोलम् ललितचिकुरजालं चौर्य-चातुर्य-लीलम्। शतमखरिपुकालं शातकुंभाभचेलं कुवलयदलनीलं नौमि गोपालबालम् ॥४॥ मुरलिनिनदलोलं मुग्धमायूरचूडं दलितदनुजजालम् धन्यसौजन्यशीलम्। परहितनवहेलं … Read more

आरती कुंजबिहारी की – Aarti Kunj Bihari ki Lyrics |Krishan ji ki Aarti

आरती कुंजबिहारी की – Aarti Kunj Bihari Ki     आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥   आरती कुंजबिहारी की     गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला । श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला । गगन सम अंग … Read more