Vishnu puran in hindi || श्री विष्णु पुराण

श्री विष्णु पुराण में भी इस ब्राह्मण्ड की उत्पत्ति, वर्णन व्यवस्था, आश्रम व्यवस्था, भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की सर्वव्यापकता, ध्रुव, प्रह्लाद, वेनु, पृथु आदि राजाओं के वर्णन एवं उनकी जीवन गाथा, विकास की परम्परा, कृषि गोरक्षा आदि कार्यों का संचालन, भारत आदि नौ खण्ड मोदिनी, सप्त सागरों के वर्णन, अद्यः एवं अर्द्ध लोकों का … Read more

Navkar Mantra || Namokar Mantra || णमोकार महामंत्र

Namokar Mantra जैन धर्म का पवित्र और अनादी मंत्र है णमोकार महामंत्र – नवकार मंत्र ईश्वर या संत के किसी विशिष्ट नाम को संबोधित नहीं करता है। नवकार मंत्र सभी देवताओं, ऋषियों और संतों का आशीर्वाद लेने और उनका आशीर्वाद पाने का एक सामान्य मंत्र है।  इसमें किसी व्यक्ति का नहीं, किंतु संपूर्ण रूप से … Read more

Krishna and Sudama Story || कृष्ण और सुदामा की कहानी

Krishna Sudama श्रीमद्भागवत महापुराण  के अनुसार- “राजा परीक्षित ने ब्राह्मणो से कहा- “श्री कृष्ण ! प्रेम और मोक्ष के दाता परब्रह्म परमात्मा भगवान  की शक्ति का कोई अंत नहीं है। इसलिये उनकी माधुर्य और ऐश्वर्य से भरी लीलाएँ भी अंतहीन हैं।    अब हम श्री कृष्ण की दूसरी लीलाएँ, जिनका वर्णन आपने अब तक नहीं … Read more

पार्वती मंगल पाठ || Parvati Mangal Path

 पार्वती मंगल पाठ – Parvati Mangal Stotra बिनइ गुरहि गुनिगनहि गिरिहि गननाथहि । ह्रदयँ आनि सिय राम धरे धनु भाथहि ।।1।। गावउँ गौरि गिरीस बिबाह सुहावन । पाप नसावन पावन मुनि मन भावन ।।2।। कबित रीति नहिं जानउँ कबि न कहावउँ । संकर चरित सुसरित मनहि अन्हवावउँ ।।3।। पर अपबाद-बिबाद-बिदूषित बानिहि । पावन करौं सो … Read more

Bhakti Yoga : Bhagwat Geeta adhyay 12 hindi mein

बारहवां अध्याय – भक्ति योग – श्रीमद् भगवद गीता (Twelevth chapter -Bhakti Yoga- Shrimad Bhagavad Gita) in Hindi श्रीमद भगवत गीता के श्लोक में मनुष्य जीवन यापन का सार है | यह ग्रन्थ अन्धकार से लौ की तरफ ले जाता है | हर मुश्किल समय में मार्गदर्शक बनकर मुश्किल परिस्तिथि से बाहर निकाल सकता है … Read more

Shri Swarnakarshana Bhairava Stotram !! श्री स्वर्णाकर्षण भैरव स्तोत्र

 श्री स्वर्णाकर्षण भैरव स्तोत्र – Swarnakarshana Bhairava Stotra   । श्री मार्कण्डेय उवाच ।।    भगवन् ! प्रमथाधीश ! शिव-तुल्य-पराक्रम !  पूर्वमुक्तस्त्वया मन्त्रं, भैरवस्य महात्मनः ।।  इदानीं श्रोतुमिच्छामि, तस्य स्तोत्रमनुत्तमं ।  तत् केनोक्तं पुरा स्तोत्रं, पठनात्तस्य किं फलम् ।।  तत् सर्वं श्रोतुमिच्छामि, ब्रूहि मे नन्दिकेश्वर ! ।।      ।। श्री नन्दिकेश्वर उवाच ।।  इदं ब्रह्मन् … Read more

दामोदर अष्टकम् || Shri Damodarashtakam || Damodar ashtakam

Damodar Ashtakam   नमामीश्वरं सच्चिदानंदरूपं  लसत्कुण्डलं गोकुले भ्राजमानं यशोदाभियोलूखलाद्धावमानं परामृष्टमत्यं ततो द्रुत्य गोप्या ॥ १॥ जिनके कपोलों पर दोदुल्यमान मकराकृत कुंडल क्रीड़ा कर रहे है, जो गोकुल नामक अप्राकृत चिन्मय धाम में परम शोभायमान है, जो दधिभाण्ड (दूध और दही से भरी मटकी) फोड़ने के कारण माँ यशोदा के भय से भीत होकर ओखल से कूदकर … Read more

श्री धन्वंतरि मंत्र || Shri Dhanvantari Mantra || Dhanteras Puja Ke Mantra

 भगवान धन्वंतरि को प्रसन्न करने का सबसे सरल मंत्र है : Baghwan Dhanvantri ko Prasann Karne ka Asaan Mantra ॐ धन्वंतराये नमः॥ आरोग्य प्राप्ति करने के लिए भगवान श्री धन्वंतरि जी का मंत्र || Aarogya Prapti Bhagwan Shri Dhanvantri Mantra  ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये: अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री … Read more

भवान्यष्टकम् || भवानी अष्टकम || Bhavani Ashtakam ( Na Tato Na Mata )

Bhavanyashtakam  न तातो न माता न बन्धुर्न दाता, न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता। न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव, गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि।।1।।  भवाब्धावपारे महादु:खभीरु:, पपात प्रकामी प्रलोभी प्रमत्त:। कुसंसार-पाश-प्रबद्ध: सदाSहं, गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि।।2।।  न जानामि दानं न च ध्यान-योगं, न जानामि तन्त्रं न च स्तोत्र-मन्त्रम्। न जानामि पूजां न च … Read more

Shiva Bilvashtakam Stotram || श्री शिव बिल्वाष्टकम

 श्री शिव बिल्वाष्टकम  ” बिल्वाष्टकम् में बेल पत्र (बिल्व पत्र) के गुणों के साथ-साथ भगवान शंकर का उसके प्रति प्रेम भी बताया गया है “ त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनॆत्रं च त्रियायुधं त्रिजन्म पापसंहारम् ऎकबिल्वं शिवार्पणं त्रिशाखैः बिल्वपत्रैश्च अच्चिद्रैः कॊमलैः शुभैः तवपूजां करिष्यामि ऎकबिल्वं शिवार्पणं कॊटि कन्या महादानं तिलपर्वत कॊटयः काञ्चनं क्षीलदानॆन ऎकबिल्वं शिवार्पणं काशीक्षॆत्र निवासं च … Read more