Vishnu puran hindi mein 1 श्री विष्णु पुराण कथा | Vishnu puran in hindi |

श्री विष्णु पुराण कथा | Vishnu puran in hindi |

श्री विष्णु पुराण में भी इस ब्राह्मण्ड की उत्पत्ति, वर्णन व्यवस्था, आश्रम व्यवस्था, भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की सर्वव्यापकता, ध्रुव, प्रह्लाद, वेनु, पृथु आदि …

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purush suktam पुरुष सूक्तम | Purusha Suktam with Hindi Meaning

पुरुष सूक्तम | Purusha Suktam with Hindi Meaning

पुरुष सूक्तम सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात्।  स भूमिँसर्वतः स्पृत्वाऽत्यतिष्ठद्दशाङगुलम्।।   जो सहस्रों सिरवाले, सहस्रों नेत्रवाले और सहस्रों चरणवाले विराट पुरुष हैं, वे सारे ब्रह्माँड को …

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Shanta Karam Bhujaga Shayanam

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं | Shantakaram Bhujagashayanam

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं श्लोक

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्ण शुभाङ्गम् ।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम् ॥

 

Shaanta-Aakaaram Bhujaga-Shayanam Padma-Naabham Sura-Iisham
Vishva-Aadhaaram Gagana-Sadrsham Megha-Varnna Shubha-Anggam|
Lakssmii-Kaantam Kamala-Nayanam Yogibhir-Dhyaana-Gamyam
Vande Vissnnum Bhava-Bhaya-Haram Sarva-Loka-Eka-Naatham ||
 

शान्ताकारम भुजगशयनम पद्मनाभम सुरेशं हिंदी अर्थ

शान्ताकारं जिनकी आकृति अतिशय शांत है, वह जो धीर क्षीर गंभीर हैं,

भुजग-शयनंजो शेषनाग की शैया पर शयन किए हुए हैं (विराजमान हैं),

पद्मनाभंजिनकी नाभि में कमल है,

सुरेशंजो ‍देवताओं के भी ईश्वर और

विश्वाधारंजो संपूर्ण जगत के आधार हैं, संपूर्ण विश्व जिनकी रचना है,

गगन-सदृशंजो आकाश के सदृश सर्वत्र व्याप्त हैं,

मेघवर्णनीलमेघ के समान जिनका वर्ण है,

शुभाङ्गम्अतिशय सुंदर जिनके संपूर्ण अंग हैं, जो अति मनभावन एवं सुंदर है

लक्ष्मीकान्तंऐसे लक्ष्मी के कान्त ( लक्ष्मीपति )

कमल-नयनंकमलनेत्र (जिनके नयन कमल के समान सुंदर हैं)

योगिभिर्ध्यानगम्यम् (योगिभिर – ध्यान – गम्यम्) – जो योगियों द्वारा ध्यान करके प्राप्त किए जाते हैं, (योगी जिनको प्राप्त करने के लिया हमेशा ध्यानमग्न रहते हैं)

वन्दे विष्णुंभगवान श्रीविष्णु को मैं प्रणाम करता हूँ (ऐसे परमब्रम्ह श्री विष्णु को मेरा नमन है)

भवभय-हरंजो जन्म-मरण रूप भय का नाश करने वाले हैं, जो सभी भय को नाश करने वाले हैं

सर्वलोकैक-नाथम्जो संपूर्ण लोकों के स्वामी हैं, सभी चराचर जगत के ईश्वर हैं

शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं Shanta Karam Bhujaga Shayanam

 

 

Meaning of  Shantakaram Bhujagashayanam Vishnu Mantra in English

 
Salutations to Sri Vishnu, Who has a Serene Appearance, Who Rests on a Serpent (Adisesha), Who has a Lotus on His Navel and Who is the Lord of the Devas,
Who Sustains the Universe, Who is Boundless and Infinite like the Sky, Whose Colour is like the Cloud (Bluish) and Who has a Beautiful and Auspicious Body,
Who is the Husband of Devi Lakshmi, Whose Eyes are like Lotus and Who is Attainable to the Yogis by Meditation,
Salutations to That Vishnu Who Removes the Fear of Worldly Existence and Who is the Lord of All the Lokas.

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kayena vacha sloka in english

कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा । Kayena Vacha Manasendriyenva | Vishnu Mantra

कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा   कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा । बुद्ध्यात्मना वा प्रकृतिस्वभावात् । करोमि यद्यत्सकलं परस्मै । नारायणयेति समर्पयामि ॥ (i)   कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा बुद्ध्यात्मना …

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Shuklam Baradharam Vishnum Vishnu Mantra

शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् । Shuklam Baradharam Vishnum

शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् । प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥   Sukla-Ambara-Dharam Vissnnum Shashi-Varnnam Catur-Bhujam | Prasanna-Vadanam Dhyaayet Sarva-Vighno[a-U]pashaantaye ||   Meaning …

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sri stuti श्री स्तुतिः | Sri Stuti | Sri Stuthi

श्री स्तुतिः | Sri Stuti | Sri Stuthi

श्री स्तुतिः    मानातीतप्रथितविभवां मङ्गलं मङ्गलानां   वक्षःपीठीं मधुविजयिनॊ भूषयन्तीं स्वकान्त्या ।   प्रत्यक्षानुश्रविकमहिमप्रार्थनीनां प्रजानां   श्रॆयॊमूर्तिं श्रियमशरणः त्वां शरण्यां प्रपद्यॆ ॥ १ ॥   …

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shree hari stuti श्री हरि स्तुति | Hari Stuti | Shree Hari Stuti

श्री हरि स्तुति | Hari Stuti | Shree Hari Stuti

श्री हरि स्तुति    स्तोष्ये भक्त्या विष्णुमनादिं जगदादिं यस्मिन्नेतत्संसृतिचक्रं भ्रमतीत्थम् ।   यस्मिन् दृष्टे नश्यति तत्संसृतिचक्रं तं संसारध्वान्तविनाशं हरिमीडे  ॥१॥       यस्यैकांशादित्थमशेषं जगदेतत् …

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