केतु अष्टोत्तर शतनामावली

  1. ॐ कॆतवॆ नमः ।
  2. ॐ स्थूलशिरसॆ नमः ।
  3. ॐ शिरॊमात्राय नमः ।
  4. ॐ ध्वजाकृतयॆ नमः ।
  5. ॐ नवग्रहयुताय नमः ।
  6. ॐ सिंहिकासुरीगर्भसंभवाय नमः ।
  7. ॐ महाभीतिहराय नमः ।
  8. ॐ चित्रवर्णाय नमः ।
  9. ॐ श्री पिंगळाक्षाय नमः ।
  10. ॐ फलधूम्रसंकाशाय नमः ।
  11. ॐ तीक्ष्णदंष्ट्राय नमः ।
  12. ॐ महॊरगाय नमः ।
  13. ॐ रक्तनॆत्राय नमः ।
  14. ॐ चित्रकारिणॆ नमः ।
  15. ॐ तीव्रकॊपाय नमः ।
  16. ॐ महाशूराय नमः ।
  17. ॐ पापकंटकाय नमः ।
  18. ॐ क्रॊधनिधयॆ नमः ।
  19. ॐ छायाग्रहविशॆषकाय नमः ।
  20. ॐ अंत्यग्रहाय नमः ॥ २० ॥
  21. ॐ महाशीर्षाय नमः ।
  22. ॐ सूर्यारयॆ नमः ।
  23. ॐ पुष्पवद्गृहिणॆ नमः ।
  24. ॐ वरदहस्ताय नमः ।
  25. ॐ गदापाणयॆ नमः ।
  26. ॐ चित्रशुभ्रधराय नमः ।
  27. ॐ चित्रध्वजपताकाय नमः ।
  28. ॐ घॊराय नमः ।
  29. ॐ चित्ररथाय नमः ।
  30. ॐ शिखिनॆ नमः ।
  31. ॐ कुळत्थभक्षकाय नमः ।
  32. ॐ वैढूर्याभरणाय नमः ।
  33. ॐ उत्पातजनकाय नमः ।
  34. ॐ शुक्रमित्राय नमः ।
  35. ॐ मंदारखाय नमः ।
  36. ॐ शिखिनॆंधपकाय नमः ।
  37. ॐ अंतर्वॆदिनॆ नमः ।
  38. ॐ ईश्वराय नमः ।
  39. ॐ जैमिनिगॊत्रजाय नमः ।
  40. ॐ चित्रगुप्तात्मनॆ नमः ॥ ४० ॥
  41. ॐ दक्षिणाभिमुखाय नमः ।
  42. ॐ मुकुंदवरप्रदाय नमः ।
  43. ॐ महासुरकुलॊद्भवाय नमः ।
  44. ॐ घनवर्णाय नमः ।
  45. ॐ लघुदॆहाय नमः ।
  46. ॐ मृत्युपुत्राय नमः ।
  47. ॐ उत्पातरूपधारिणॆ नमः ।
  48. ॐ अदृश्याय नमः ।
  49. ॐ कालाग्निसन्निभाय नमः ।
  50. ॐ नृपीठाय नमः ॥ ५० ॥
  51. ॐ ग्रहकारिणॆ नमः ।
  52. ॐ सर्वॊपद्रवकारकाय नमः ।
  53. ॐ चित्रप्रसूताय नमः ।
  54. ॐ अनलाय नमः ।
  55. ॐ सर्वव्याधिविनाशकाय नमः ।
  56. ॐ अपसव्यप्रचारिणॆ नमः ।
  57. ॐ नवमॆपापदायकाय नमः ।
  58. ॐ पंचमॆशॊकदाय नमः ।
  59. ॐ उपरागगॊचराय नमः ।
  60. ॐ पुरुषकर्मणॆ नमः ॥ ६० ॥
  61. ॐ तुरीयॆस्थॆसुखप्रदाय नमः ।
  62. ॐ तृतीयॆवैरदाय नमः ।
  63. ॐ पापग्रहाय नमः ।
  64. ॐ स्फॊटकारकाय नमः ।
  65. ॐ प्राणनाथाय नमः ।
  66. ॐ पंचमॆश्रमकारकाय नमः ।
  67. ॐ द्वितीयॆस्फुटवाग्धात्रॆ नमः ।
  68. ॐ विषाकुलितवक्त्राय नमः ।
  69. ॐ कामरूपिणॆ नमः ।
  70. ॐ सिंहदंताय नमः ॥ ७० ॥
  71. ॐ सत्यॊपनृतवतॆ नमः ।
  72. ॐ चतुर्थॆवमातृनाशाय नमः ।
  73. ॐ नवमॆपितृनाशाय नमः ।
  74. ॐ अंतॆवैरप्रदाय नमः ।
  75. ॐ सुतानंदनबंधकाय नमः ।
  76. ॐ सर्पाक्षिजाताय नमः ।
  77. ॐ अनंगाय नमः ।
  78. ॐ कर्मराश्शुद्भवाय नमः 
  79. ॐ अपांतॆकीर्तिदाय नमः ।
  80. ॐ सप्तमॆकलहप्रदाय नमः ।
  81. ॐ अष्टमॆव्याधिकर्त्रॆ नमः ।
  82. ॐ धनॆबहुसुखप्रदाय नमः ।
  83. ॐ जननॆरॊगदाय नमः ।
  84. ॐ ऊर्ध्वमूर्धजाय नमः ।
  85. ॐ ग्रहनायकाय नमः ।
  86. ॐ पापदृष्टयॆ नमः ।
  87. ॐ खॆचराय नमः ।
  88. ॐ शांभवाय नमः ।
  89. ॐ आशॆषपूजिताय नमः ।
  90. ॐ शाश्वताय नमः ॥ ९० ॥
  91. ॐ वटाय नमः ।
  92. ॐ शुभाशुभफलप्रदाय नमः ।
  93. ॐ धूम्राय नमः ।
  94. ॐ सुधापायिनॆ नमः ।
  95. ॐ अजिताय नमः ।
  96. ॐ भक्तवत्सलाय नमः ।
  97. ॐ सिंहासनाय नमः ।
  98. ॐ कॆतुमूर्तयॆ नमः ।
  99. ॐ रवींदुद्युतिनाशकाय नमः ।
  100. ॐ अमराय नमः ॥ १०० ॥
  101. ॐ पीठकाय नमः ।
  102. ॐ विष्णुदृष्टाय नमः ।
  103. ॐ अमरॆश्वराय नमः ।
  104. ॐ भक्तरक्षकाय नमः ।
  105. ॐ वैचित्र्यकपॊलस्यंदनाय नमः ।
  106. ॐ विचित्रफलदायिनॆ नमः ।
  107. ॐ भक्ताभीष्टफलदाय नमः ।
  108. ॐ कॆतवॆ नमः ॥ १०८ ॥
 
॥ इति केतु अष्टोत्तर शतनामावली संपूर्णम्‌ ॥


Ketu Ashtottara Shatanamavali

 


केतु अष्टोत्तर शतनामावली के लाभ

  • केतु अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ करना बहुत लाभदायक होता है
  • केतु अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ करने से केतु गृह को मजबूत बनाया जा सकता है
  • यह पाठ बहुत चमत्कारी होता है
  • केतु अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ करने से केतु गृह को शांत किया जा सकता है
  • अगर कुंडली में केतु गृह दुष्प्रभाव दे रहा हो तो यह पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है
  • कोई भी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए यह पाठ करना चाहिए

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FAQ’S

  1. केतु गृह के स्वामी कौन है?

    केतु गृह के स्वामी गणेश जी है

  2. केतु गृह की कौन सी राशि है?

    केतु गृह की राशि धनु है

  3. केतु गृह की पूजा किस दिन करनी चाहिए?

    केतु गृह की पूजा मंगलवार और बुधवार के दिन करनी चाहिए


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