मेडिटेशन यानी ध्‍यान न सिर्फ अध्‍यात्‍म से जुड़ा है बल्कि ये विज्ञान से भी जुड़ा है। इसके नियमित अभ्‍यास से शरीर को फायदा होता है|

मैडिटेशन एक प्रभावी तकनीक है जो सदियों से चली आ रही है। जो लोग लगातार ध्यान करते हैं वे पाते हैं कि इसके बहुत सारे शारीरिक और मानसिक लाभ हैं।

उदाहरण के लिए, जैसे ही आप ध्यान करने के लिए बैठना शुरू करते हैं, ध्यान करने वालों को तनाव और चिंता में कमी, बेहतर स्वास्थ्य, और कई मामलों में, बेहतर नींद और समग्र स्वास्थ्य का आनंद लेना शुरू हो जाता है।

लंबे समय में, ध्यानी यह समझने में सक्षम होते हैं कि मन कैसे काम करता है और अपने दिमाग के साथ कैसे काम करता है।

यह बात विज्ञान ने भी स्‍वीकार किया है और वैज्ञानिक शोधों के जरिये इन बातों की पुष्टि हुई है कि नियमित मेडिटेशन ( Meditation ) करने से दिमाग स्‍वस्‍थ होता है और याद रखने की शक्ति बढ़ती है। 

साथ ही यह शरीर को स्थिर कर मजबूत बनाता है। तो अब न केवल अध्‍यात्मिक कारणों से बल्कि वैज्ञानिक कारणों से भी मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में आप जरूर शामिल करें।

मेडिटेशन करने का सही समय

मैडिटेशन करने का कोई उपुक्त समय नहीं है | परन्तु सुबह का समय प्रात: तीन से पांच बजे के बीच कभी भी या फिर रात्रि सोने से पहले भी आप इसे कर सकते है। इस दोनों ही समय प्रकृति बेहद शांत होती है। दोनों समय समान रूप से लाभकारी है।

मेडिटेशन करने के फायदे

ध्यान एक विश्राम है।  यह किसी वस्तु पर अपने विचारों का केन्द्रीकरण या एकाग्रता नहीं है, अपितु यह अपने आप में विश्राम पाने की प्रक्रिया है। 

ध्यान करने से हम अपने किसी भी कार्य  को एकाग्रता पूर्ण सकते हैं।

  1. मेडिटेशन तनाव मुक्ति का सबसे कारगर उपाय है।  
  2. वैज्ञानिकों ने भी मेडिटेशन के फायदों को स्‍वीकारा।
  3. मेडिटेशन के जरिये दिमाग अधिक क्रियाशील बनेगा।
  4. मेडिटेशन शरीर को स्थिर और मजबूत बनाता है।
  5. ध्यान के कारण शरीर की आतंरिक क्रियाओं में विशेष परिवर्तन होते हैं और शरीर की प्रत्येक कोशिका प्राणतत्व (ऊर्जा) से भर जाती है। 
  6. शरीर में प्राणतत्व के बढ़ने से प्रसन्नता, शांति और उत्साह का संचार भी बढ़ जाता है।
  7. व्यक्तित्व के विकास में सहायक


पेनीसिल्‍वेनिया विश्विविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गये एक शोध के अनुसार, मेडिटेशन व्‍यक्तित्‍व के विकास में सहायक होता है। 

इस शोध के अनुसार, मेडिटेशन द्वारा मस्तिष्क को तीन चरणों में एकाग्रचित किया जा सकता है। 

साथ ही सक्रिय रहते हुए मस्तिष्‍क को प्रत्येक बिंदु पर क्रियाशील बनाया जा सकता है। 

इस शोध के दौरान प्रतिभागियों को एक महीने तक 30 मिनट की मेडिटेशन करने के लिए कहा गया। 

एक महीने के पश्चात उनके मस्तिष्क की क्रियाओं को मापा गया और उनकी मानसिक गतिविधियों का निरीक्षण किया गया। 

इस शोध के निष्कर्ष स्वरूप इन प्रतिभागियों के मस्तिष्क और व्यवहार में काफी सकारात्मक परिवर्तन सामने आए।

मेडिटेशन कैसे करें

ऐसी जगह चुने यहाँ शांत हो या एकांत हो

आप घर पर या बहार मैडिटेशन करना चाह रहे हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपको एक शांत जगह चाहिए। बाहर का शोर आपको ध्यान में जाने से रोकेगा ।

इसलिए आप जिस भी जगह को चुने एक बात निश्चित करे की कोई आसपास शोर न हो जो की आपका ध्यान भंग करे |

ध्यान लगाने के लिए सीधा बैठें

ध्यान लगाते समय आपको अपनी रीढ़ को बिना अपने शरीर पर दबाव डालें सीधा रखना है , सुविधानुसार सीधा बैठें।

सबसे पहले आप व्रजासन, सुखासन या पद्मासन में बैठें। बैठने का तरीका सही हो ताकि आप सही से सांस अंदर बाहर कर सकें।

अगर आप किसी वजह से इन आसनों में बैठ नहीं सकते हैं, तो कुर्सी पर बैठकर अपनी कमर को सीधा रखते हुए आप ध्यान लगा सकते हैं।

ध्यान से शरीर के किसी अंग पर कोई दबाब या कसाब न हो


ध्यान लगाने से पहले अपने पूरे शरीर को चेक कर ले की कही कोई असहज महसूस तो नहीं हो रहा | अगर नहीं शरीर को आराम की अवस्था में ले जाएं।

शरीर को ढीला छोड़ दें और आराम की मुद्रा में चले जाएँ। अपने शरीर के हर एक अंग को अपने ध्यान से चेक करें और सुनिश्चित करें कि पूरा शरीर आराम की अवस्था में है |

आँखें बंद करके ध्यान केंद्रित करें


आप अपने मन में एक किसी एक बस्तु या विचार पर केंद्रित करना शुरू करें। यह शुरू के प्रयास में मुश्किल जरूर होगा पर निरंतर प्रयास करने पर आप इसमें सफलता पाएंगे।

शुरू में आप अपनी सांसों के अन्दर आने और जाने की प्रक्रिया पर ध्यान दे।लम्बी साँसे ले और सुनने की कोशिश करें साँसों का अन्दर आना और बाहरजाना |

आपका दिमाग बड़ा चंचल है यह आपके मन्न को एक जगह स्थिर नहीं होने देगा | आपको अलग अलग विचार आएंगे पर फिर आपको उस विचार को छोड़कर साँसों के आने जाने पर ध्यान लगाना होगा |

कुछ ही दिन में आप महसूस करेंगे ,आप जिस चीज या विचार पर भी ध्यान केंद्रित करने का प्रयास कर रहे हैं, वो आपको सुख का अनुभव देती है ।

जब हम अपनी सांसों पर ध्यान देते हैं, तो हम सीख रहे होते हैं कि कैसे वापस लौटना है, और वर्तमान क्षण में बने रहना है – बिना किसी और के निर्णय के, बिना किसी बाहरी दबाब के, हम अब अपने उद्देश्य पर खुद को खड़ा कर सकते है ।

ध्यान के लाभों को महसूस करने के लिए नियमित अभ्यास आवश्यक है।  प्रतिदिन आप इसको कुछ समय निकलकर ध्यान कीजिये | मैडिटेशन करने का सबसे सही समय सुबह उठने के बाद या फिर सोने से पहले आप कर सकते है |

प्रतिदिन की दिनचर्या में एक बार आत्मसात कर लेने पर ध्यान दिन का सर्वश्रेष्ठ अंश बन जाता है। ध्यान एक बीज की तरह है। 

जब आप बीज को प्यार से विकसित करते हैं तो वह उतना ही खिलता जाता है | प्रतिदिन, सभी क्षेत्रों के व्यस्त व्यक्ति आभार पूर्वक अपने कार्यों को रोकते हैं और ध्यान के ताज़गी भरे क्षणों का आनंद लेते हैं।

अपनी अनंत गहराइयों में जाएँ और जीवन को समृद्ध बनाएं।

योग गुरु सदियों से इस बात को मानते हैं कि महज एक महीने के मेडिटेशन से दिमाग को दुरुस्त किया जा सकता है। हाल ही में किए गए एक अध्ययन ने भी उनकी बातों को माना है। 

अध्ययन से पता चला है कि मेडिटेशन के जरिये कई दिमागी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। 

अमेरिका के वैज्ञानिकों ने यूनिवर्सिटी के छात्रों के दो समूह पर किए गए अध्ययन में पाया कि महज चार हफ्तों के प्रशिक्षण से उनके दिमाग में अहम बदलाव आया। 

उनके दिमाग का नर्व फाइबर घना हुआ और दिमाग से ज्यादा संकेत मिलने शुरू हो गए। 

अध्ययन के दौरान मस्तिष्‍क के व्यवहार को नियंत्रित करने वाले हिस्से में भी अच्छे बदलाव पाये गये। 

इस हिस्‍से में नसों की खराब गतिविधियां ही दिमागी बीमारियों यानी एकाग्रता में कमी, डिमेंशिया, अवसाद और सिजोफ्रेनिया का कारण बनती हैं। 

इसके अलावा जर्नल हेल्‍थ साईकोलॉजी में हाल ही में हुए शोध के अनुसार मेडिटेशन से तनाव मुक्ति और शांति पाने का सबसे कारगर उपाय है। 

मेडिटेशन से शरीर से कोर्टिसोल नामक हार्मोंन का स्राव सही मात्रा में होता है, जिससे आपका दिमाग शांत रहता है और आपको तनाव मुक्‍त रहने में मदद मिलती है।

मेडिटेशन के शारीरिक और मानसिक लाभ


मेडिटेशन , मस्तिष्क की तरंगों के स्वरुप को अल्फा स्तर पर ले आता है जिससे चिकित्सा की गति बढ़ जाती है। 

मस्तिष्क पहले से अधिक सुन्दर, नवीन और कोमल हो जाता है। 

ध्यान मस्तिष्क के आतंरिक रूप को स्वच्छ व पोषण प्रदान करता है। 

जब भी आप व्यग्र, अस्थिर और भावनात्मक रूप से परेशान होते हैं तब ध्यान आपको शांत करता है। 

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Meditation Kaise Karen

मेडिटेशन के सतत अभ्यास से होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:


ध्यान मस्तिष्क को केन्द्रित करते हुए कुशाग्र बनाता है तथा विश्राम प्रदान करते हुए विस्तारित करता है।

बिना विस्तारित हुए एक कुशाग्र बुद्धि क्रोध, तनाव व निराशा का कारण बनती है।

एक विस्तारित चेतना बिना कुशाग्रता के अकर्मण्य/ अविकसित अवस्था की ओर बढ़ती है।

कुशाग्र बुद्धि व विस्तारित चेतना का समन्वय पूर्णता लाता है।

ध्यान आपको जागृत करता है कि आपकी आतंरिक मनोवृत्ति ही प्रसन्नता का निर्धारण करती है।

ध्यान करने के वैज्ञानिक कारण और इस से होने वाले लाभ -  meditation benefits

ध्यान के 3 आध्यात्मिक लाभ


ध्यान का कोई धर्म नहीं है और किसी भी विचारधारा को मानने वाले इसका अभ्यास कर सकते हैं।

मैं कुछ हूँ इस भाव को अनंत में प्रयास रहित तरीके से समाहित कर देना और स्वयं को अनंत ब्रह्मांड का अविभाज्य पात्र समझना।

ध्यान की अवस्था में आप प्रसन्नता, शांति व अनंत के विस्तार में होते हैं और यही गुण पर्यावरण को प्रदान करते हैं, इस प्रकार आप सृष्टी से सामंजस्य में स्थापित हो जाते हैं।

ध्यान आप में सत्यतापूर्वक वैयक्तिक परिवर्तन ला सकता है। 

क्रमशः आप अपने बारे में जितना ज्यादा जानते जायेंगे, प्राकृतिक रूप से आप स्वयं को ज्यादा खोज पाएंगे।


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