शांति पाठ मंत्र 


ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्ष, शांति पृथ्वी:
शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शांति : ।
 
वनस्पत्य: शांतिविश्वे: देवा: शांति,
सर्वँ शान्ति:, शान्तिरेव शान्ति:, सामा शान्तिरेधि॥
 
ॐ शान्ति:! शान्ति:! शान्ति:॥
 

Shanti Mantra Meaning in Hindi

 
शान्ति: कीजिये, भगवन त्रिभुवन में,त्रिलोक में, जल में, थल में और गगन में,
अन्तरिक्ष में, अग्नि पवन में, औषधि, वनस्पति, वन, उपवन में,
सकल विश्व में अवचेतन में !
 
शान्ति राष्ट्र-निर्माण सृजन, नगर, ग्राम और भवन में
जीवमात्र के तन, मन और जगत के  कण कण में,
ॐ शान्ति: ! शान्ति: ! शान्ति:॥
 
Shanti Mantra  image शांति पाठ अर्थ सहित
 

शांति पाठ मंत्र के लाभ

  • शांति पाठ मंत्र का जाप करने से मनुष्य के मन को शांति मिलती है
  • शांति पाठ मंत्र का जाप करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है
  • यह पाठ शरीर के रक्तचाप को संतुलन में रखता है
  • इस पाठ को करने से अनेको बीमारियों से मुक्ति मिलती है और मन शांत रहता है
  • इस मंत्र का जाप बिलकुल शांत जगह पर करना चाहिए

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शांति पाठ मंत्र की विधि

  • शांति पाठ मंत्र का जाप करने के लिए सुबह नाहा धोकर स्वच्छ जगह पर बैठना चाहिए
  • इस मंत्र का जाप बिलकुल शांत जगह पर करना चाहिए
  • स्वच्छ जगह पर आसान बिछाये
  • इस मंत्र का जाप ऊंचे स्वर में करना चाहिए
  • ॐ शब्द की धवनि ऊंचे स्वर में ले
  • शांति मंत्र का जाप पूजा से पहले और पूजा के अंत में भी करना चाहिए

FAQ’S

  1. शांति पाठ मंत्र का जाप कब करना चाहिए?

    शांति पाठ मंत्र का जाप पूजा से पहले और पूजा के अंत में करना चाहिए

  2. घर की सुख शांति बनाये रखने के लिए कौन सा मंत्र या पाठ करना चाहिए?

    घर की सुख शांति बनाये रखने के लिए शांति पाठ मंत्र करना चाहिए

  3. शांति पाठ मंत्र कितनी बार करना चाहिए?

    शांति पाठ मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए


शांति पाठ मंत्र PDF


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