गीर ललिताम्बिका स्तुति || Maa Lalitambika Stuti

गीर ललिताम्बिका स्तुति || Maa Lalitambika Stuti कञ्जाक्षमुख्यामर पूजिताभ्यां निजाश्रिताशेषवरप्रदाभ्याम्। शृङ्गाद्रिकाञ्चीपुरवासिनीभ्यां नमो नमो गीर्ललिताम्बिकाभ्याम्॥१॥ एकान्तपूजापरितुष्टहृद्भ्या-मेकाक्षरीशीलनलब्धपद्भ्याम्। विधीशचित्ताब्जरविप्रभाभ्यां नमो नमो गीर्ललिताम्बिकाभ्याम्॥२॥ ईहाम्बुधेर्बाडवभारभृद्भ्या-मीकारयुङ्मन्त्रविबोधिताभ्याम्। अजास्य शम्भ्वङ्कविभूषणाभ्यां नमो नमो गीर्ललिताम्बिकाभ्याम्॥३॥ Mata Lalitambika Stuti