श्री शिवरामाष्टक स्तोत्रम् || Shiva Ramashtakam Stotram

श्री शिवरामाष्टक स्तोत्रम् ||  Shiva Ramashtakam Stotram शिव हरे शिव राम सखे प्रभो त्रिविधतापनिवारण हे प्रभो । अज जनेश्वर यादव पाहि मां शिव हरे विजयं कुरु मे वरम् ॥१॥ कमललोचन राम दयानिधे हर गुरो गजरक्षक गोपते । शिवतनो भव शङ्कर पाहि मां शिव हरे विजयं कुरु मे वरम् ॥२॥ सुजनरञ्जन मङ्गलमन्दिरं भजति ते पुरुषः परमं … Read more