शिव कामा सुंदरी अष्टकं | Shiva Kama Sundari Ashtakam

शिव कामा सुंदरी अष्टकं || Shivakama Sundari Ashtakam ||  पुण्डरीक पुरा मध्य वसिनिं, नृथ राज सह ध्गर्मिनिं । अध्रि राज थानयां, धिने धिने चिन्थयामि शिवकामा सुन्दरीं ॥१॥ ब्रह्म विष्णु धाम देव पूजिथं, बहु स्रीपद्म सुक वथस शोबिथं । बहुलेय कलपन नथ्मजं, धिने धिने चिन्थयामि शिवकामा सुन्दरीं ॥२॥ वेद शीर्ष विनुथ आत्मा वैभवं, वन्चिथर्थ फल धन … Read more