ब्रह्माण्ड मोहनाख्यं दुर्गा कवचम् || Brahmanda Mohanakhyam Durga Kavacham ||

ब्रह्माण्ड मोहनाख्यं दुर्गा कवचम् || Brahmanda Mohanakhyam Durga Kavacham ||  श्रीगणेशाय नमः । नारद उवाच । भगवन्सर्वधर्मज्ञ सर्वज्ञानविशारद । ब्रह्माण्डमोहनं नाम प्रकृते कवचं वद ॥ १॥ नारायण उवाच । शृणु वक्ष्यामि हे वत्स कवचं च सुदुर्लभम् । श्रीकृष्णेनैव कथितं कृपया ब्रह्मणे पुरा ॥ २॥ ब्रह्मणा कथितं पूर्वं धर्माय जान्हवीतटे । धर्मेण दत्तं मह्यं च कृपया … Read more

श्री दुर्गा कवचम् || Shree Durga Kavacham ||

श्री दुर्गा कवचम् || Shri Durga Kavacham ईश्वर उवाच शृणु देवि प्रवक्ष्यामि कवचं सर्वसिद्धिदम् । पठित्वा पाठयित्वा च नरो मुच्येत सङ्कटात् ॥ १ ॥ उमा देवी शिरः पातु ललाटं शूलधारिणी । चक्षुषी खेचरी पातु वदनं सर्वधारिणी ॥ २ ॥ जिह्वां च चण्डिका देवी  ग्रीवां सौभद्रिका तथा । अशोकवासिनी चेतो द्वौ बाहू वज्रधारिणी ॥ ३ ॥ … Read more

दुर्गा चालीसा पाठ – Durga Chalisa

श्री दुर्गा चालीसा – Shri Durga Chalisa in Hindi  Durga Chalisa नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूँ लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला। नेत्र लाल भृकुटि विकराला॥ रूप मातु को अधिक सुहावे। दरश करत जन अति सुख पावे॥1॥ तुम संसार शक्ति लै कीना। पालन हेतु … Read more