श्री लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली || Shri Laxmi Ashtottara Shatanamavali

श्री लक्ष्मी अष्टोत्तर शतनामावली || Shri Laxmi Ashtottara Shatanamavali ऊँ श्री अव्ययायै नम: ऊँ श्री अच्युतायै नम: ऊँ श्री अंशुभालिन्यै नम: ऊँ श्री अपर्णायै नम: ऊँ श्री अमृतावहायै नम: ऊँ श्री अनुमत्यै नम: ऊँ श्री आदित्यवर्णायै नम: ऊँ श्री अरुणावत्यै नम: ऊँ श्री कष्टगम्यायै नम: ऊँ श्री कलंकरहितायै नम: ऊँ श्री कलावत्यै नम: ऊँ श्री … Read more

श्री लक्ष्मी स्तुति || Shri Lakshmi Stuti || Shri Laxmi Stuti

श्री लक्ष्मी स्तुति || Shri Lakshmi Stuti || Shri Laxmi Stuti आदि लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु परब्रह्म स्वरूपिणि। यशो देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।1।। सन्तान लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु पुत्र-पौत्र प्रदायिनि। पुत्रां देहि धनं देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।2।। विद्या लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु ब्रह्म विद्या स्वरूपिणि। विद्यां देहि कलां देहि सर्व कामांश्च देहि मे।।3।। धन लक्ष्मि नमस्तेऽस्तु सर्व … Read more

श्री महालक्ष्मी कवचम् || Shree Mahalakshmi Kavacham ||

श्री महालक्ष्मी कवचम् || Shri Mahalakshmi Kavacham || Mahalakshmi Kavach महालक्ष्याः प्रवक्ष्यामि कवचं सर्वकामदम्। सर्वपापप्रशमनं  सर्वव्याधि निवारणम्॥१॥   दुष्टमृत्युप्रशमनं दुष्टदारिद्र्यनाशनम्। ग्रहपीडा प्रशमनं अरिष्ट प्रविभञ्जनम्॥२॥   पुत्रपौत्रादिजनकं विवाहप्रदमिष्टदम्। चोरारिहारि जगतां अखिलेप्सित कल्पकम्॥३॥   सावधानमना भूत्वा शृणु त्वं शुकसत्तम। अनेकजन्मसंसिद्धि लभ्यं मुक्तिफलप्रदम्॥४॥   धनधान्य महाराज्य सर्वसौभाग्यदायकम्। सकृत्पठनमात्रेण महालक्ष्मीः प्रसीदति॥५॥   क्षीराब्धिमध्ये पद्मानां कानने मणिमण्टपे। रत्नसिंहासने दिव्ये तन्मध्ये … Read more

श्री लक्ष्मी कवच || Lakshmi Kavacham

श्री लक्ष्मी कवच || Shree Lakshmi Kavach || Lakshmi Kavacham सर्वऐश्वर्यप्रद-लक्ष्मी-कवच श्रीमधुसूदन उवाच गृहाण कवचं शक्र सर्वदुःखविनाशनम्। परमैश्वर्यजनकं सर्वशत्रुविमर्दनम्॥ ब्रह्मणे च पुरा दत्तं संसारे च जलप्लुते। यद् धृत्वा जगतां श्रेष्ठः सर्वैश्वर्ययुतो विधिः॥ बभूवुर्मनवः सर्वे सर्वैश्वर्ययुतो यतः। सर्वैश्वर्यप्रदस्यास्य कवचस्य ऋषिर्विधि॥ पङ्क्तिश्छन्दश्च सा देवी स्वयं पद्मालया सुर। सिद्धैश्वर्यजपेष्वेव विनियोगः प्रकीर्तित॥ यद् धृत्वा कवचं लोकः सर्वत्र विजयी भवेत्॥ … Read more

श्री अष्टलक्ष्मी स्तोत्र : Shree Ashta Lakshmi Stotram

Ashtalakshmi Stotram : श्री अष्टलक्ष्मी स्तोत्र 1. आदिलक्ष्मी ( Adhi Lakshmi ) सुमनसवन्दित सुन्दरि माधवी चन्द्र सहोदरीहेममये | मुनिगणमंडित मोक्षप्रदायिनी मंजुलभाषिणीवेदनुते || पंकजवासिनी देवसुपुजित सद्रुणवर्षिणी शांतियुते | जय जय हे मधुसुदन कामिनी आदिलक्ष्मी सदापलीमाम ||१|| 2. धान्यलक्ष्मी ( Dhanya Lakshmi ) अहिकली कल्मषनाशिनि कामिनी वैदिकरुपिणी वेदमये | क्षीरमुद्भव मंगलरूपिणी मन्त्रनिवासिनी मन्त्रनुते | | मंगलदायिनि  अम्बुजवासिनि देवगणाश्रित … Read more

Indra Lakshmi Stotram | इन्द्रकृतं लक्ष्मीस्तोत्रं |

Indra Lakshmi Stotram : इन्द्रकृत लक्ष्मी स्तोत्र इन्द्र उवाच    ऊँ नम: कमलवासिन्यै नारायण्यै नमो नम: ।   कृष्णप्रियायै सारायै पद्मायै च नमो नम: ।।1।। अर्थ – देवराज इन्द्र बोले – भगवती कमलवासिनी को नमस्कार है. देवी नारायणी को बार-बार नमस्कार है. संसार की सारभूता कृष्णप्रिया भगवती पद्मा को अनेकश: नमस्कार है.  पद्मपत्रेक्षणायै च पद्मास्यायै … Read more

Shree Kanakdhara Stotram : श्री कनकधारा स्तोत्रम् अर्थ सहित

Shree Kanakdhara स्तोत्रम: श्री कनकधारा स्तोत्रम् अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्। अङ्गीकृताऽखिल-विभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदाऽस्तु मम मङ्गळदेवतायाः ॥1॥ अर्थ : – जैसे भ्रमरी अधखिले कुसुमों से अलंकृत तमाल-तरु का आश्रय लेती है, उसी प्रकार जो प्रकाश श्रीहरि के रोमांच से सुशोभित श्रीअंगों पर निरंतर पड़ता रहता है तथा जिसमें संपूर्ण ऐश्वर्य का निवास है, संपूर्ण मंगलों की … Read more