भगवान शिव को बेलपत्र कियूं चढ़ाये जाते है ? | Belpatra Kiyu Chadaye jate Hai

baghwan shiv ko belpatra kiyu chadate hai

सावन का महीना हो, सोमवार हो, महाशिवरात्रि हो या फिर महादेव की पूजा हो श्रद्धालु महादेव जी को को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर गंगाजल के साथ-साथ बेलपत्र भी चढ़ाते है | बेलपत्र को संस्कृत भाषा में ‘बिल्वपत्र’ भी कहा जाता है महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है और यह … Read more

शिव स्तुति || Shiv Stuti || Shiv Pujan Stuti

शिव स्तुति || Shiv Stuti ||  Shiv Pujan Stuti स्फुटं स्फटिकसप्रभं स्फुटितहारकश्रीजटं शशाङ्कदलशेखरं कपिलफुल्लनेत्रत्रयम्। तरक्षुवरकृत्तिमद्भुजगभूषणं भूतिमत्, कदा नु शितिकण्ठ ते वपुरवेक्षते वीक्षणम्॥१॥ त्रिलोचन! विलोचने वसति ते ललामायिते, स्मरो नियमघस्मरो नियमिनामभूद्भस्मसात्। स्वभक्तिलतया वशीकृतवती सतीयं सती, स्वभक्तवशगो भवानपि वशी प्रसीद प्रभो ॥२॥ महेशमहितोऽसि तत्पुरुष पूरुषाग्र्यो भवा-, नघोररिपुघोर ते नवम वामदेवाञ्जलिः॥ नमः सपदि जायते त्वमिति पञ्चरूपोचित-, प्रपञ्चचयपञ्चवृन्मम मनस्तमस्ताडय … Read more

शिव स्तुति || Shiva Stuti || Baghwan Shiv ki Stuti

शिव स्तुति || Shiva Stuti || Baghwan Shiv ki Stuti शंकरं, शंप्रदं, सज्जनानंददं, शैल – कन्या – वरं, परमरम्यं । काम – मद – मोचनं, तामरस – लोचनं, वामदेवं भजे भावगम्यं ॥1॥ कंबु – कुंदेंदु – कर्पूर – गौरं शिवं, सुंदरं, सच्चिदानंदकंदं । सिद्ध – सनकादि – योगींद्र – वृंदारका, विष्णु – विधि – वन्द्य … Read more

भगवान शिव जी के 108 नाम || Shiv Ji Ke 108 Naam || Ashtottara Shatanamavali

भगवान शिव जी के 108 नाम || Shiv Ji Ke 108 Naam || 108 Names Of Lord Shiva शिव – कल्याण स्वरूप महेश्वर – माया के अधीश्वर शम्भू – आनंद स्वरूप वाले पिनाकी – पिनाक धनुष धारण करने वाले शशिशेखर – चंद्रमा धारण करने वाले वामदेव – अत्यंत सुंदर स्वरूप वाले विरूपाक्ष – विचित्र अथवा … Read more

श्री रुद्र कवचम् -Shree Rudra Kavacham

श्री रुद्र कवचम् -Shree Rudra Kavacham       ॥ रुद्रकवचम् ( स्कंदपुराण ) ॥  ॥ अथ श्री रुद्रकवचम् ॥ ॐ अस्य श्री रुद्र कवच स्तोत्र महा मंत्रस्य दूर्वासऋषिः अनुष्ठुप् छंदः त्र्यंबक रुद्रो देवता ह्राम् बीजम् श्रीम् शक्तिः ह्रीम् कीलकम्म म मनसोभीष्टसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ह्रामित्यादिषड्बीजैः षडंगन्यासः ॥ ॥ ध्यानम् ॥ शांतम् पद्मासनस्थम् शशिधरमकुटम्पं चवक्त्रम् त्रिनेत्रम् शूलम् … Read more

Shiv Kavach – शिव कवचम्

शिव कवचम् –  Shiva Kavacham      वज्रदंष्ट्रं त्रिनयनं कालकण्ठमरिन्दमम्। सहस्रकरमत्युग्रं वन्दे शंभुमुमापतिम् ॥१॥   अथो परं सर्वपुराणगुह्यं निश्शेषपापौघहरं पवित्रम्। जयप्रदं सर्वविपद्प्रमोचनं वक्ष्यामि शैवं कवचं हिताय ते ॥२॥   नमस्कृत्वा महादेवं सर्वव्यापिनमीश्वरं।  वक्ष्ये शिवमयं वर्म सर्वरक्षाकरं नृणाम् ॥३॥   शुचौ देशे समासीनो  यथावत्कल्पितासनः। जितेन्द्रियो जितप्राणश्चिन्तयेच्छिवमव्ययम् ॥४॥   हृत्पुण्डरीकान्तरसन्निविष्टं स्वतेजसाव्याप्तनभोवकाशम्। अतीन्द्रियं सूक्ष्ममनन्तमाद्यं ध्यायेत्परानन्दमयं महेशम् ॥५॥   … Read more

Markandeya maha mrityunjaya stotram : मार्कंडेय कृत महामृत्युंजय स्तोत्र

Markandeya Maha Mrityunjaya Stotram : मार्कंडेय कृत महामृत्युंजय स्तोत्र मार्कण्डेय मुनि द्वारा वर्णित “महामृत्युंजय स्तोत्र” मृत्युंजय पंचांग में प्रसिद्ध है और यह मृत्यु के भय को मिटाने वाला स्तोत्र है।  इस स्तोत्र का नित्य पाठ करने से  भक्त के मन में भगवान के प्रति दृढ़ विश्वास हो जाता है कि वह  भगवान “रुद्र” का आश्रय … Read more

Amogh shiv kavach : शक्तिशाली अमोघ शिव कवच

Amogh shiv kavach : शक्तिशाली अमोघ शिव कवच   अमोघ शिव कवच बहुत की कल्याणकारी कवच है, इस कल्याणकारी एवं अति शीघ्र फल प्रदान करने वाले कवच  का कोई दूसरा सार ही नहीं है ।   किसी भी  प्रकार के शारीरिक ,मानसिक ,आर्थिक और  सामाजिक कष्टों से मुक्ति दिलाने में ये कवच अपना विशेष प्रभाव … Read more

Shivashtakam Stotra – शिवाष्टकम्

Shivashtakam in Hindi | शिवाष्टकम्           ॥ अथ श्री शिवाष्टकं ॥  प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथनाथं सदानन्दभाजम् । भवद्भव्यभूतेश्वरं भूतनाथं शिवं शङ्करं शम्भुमीशानमीडे ॥ 1॥ गले रुण्डमालं तनौ सर्पजालं महाकालकालं गणेशाधिपालम् । जटाजूटगङ्गोत्तरङ्गैर्विशालं शिवं शङ्करं शम्भुमीशानमीडे ॥ 2॥ मुदामाकरं मण्डनं मण्डयन्तं महामण्डलं भस्मभूषाधरं तम् । अनादिह्यपारं महामोहहारं शिवं शङ्करं शम्भुमीशानमीडे ॥ … Read more

अकाल मृत्यु से कैसे बचाव करता है महामृत्युंजय मंत्र | Mahamrityunjaya Mantra

MahaMrityunjaya Mantra  – संकटमोचक महामृत्युंजय महामंत्र संकटमोचक महामृत्युंजय महामंत्र ( Maha Mrityunjaya Mantra )का जाप करने से साधक के कष्ट तुरंत समाप्त हो जाते हैं। यदि पूर्ण एकाग्रता के साथ  साधना प्रारम्भ की जाए तो समस्त भय और संकटों से मुक्ति मिल जाती है। शिव पुराण, मंत्र शास्त्र, मंत्र संहिता आदि विभिन्न ग्रंथों में इसका विशेष उल्लेख किया किया गया है। … Read more