श्री शिव रुद्राष्टक स्तोत्र | Shri Shiva Rudrashtakam Stotram

श्री शिव रुद्राष्टक स्तोत्र || Shri Shiva Rudrashtakam Stotram || Shri Rudrashtakam Stotram   नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपं।   निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं। चिदाकाशमाकाशवासं भजे हं॥1॥     निराकारमोंकारमूलं तुरीयं। गिरा ग्यान गोतीतमीशं गिरीशं।   करालं महाकाल कालं कृपालं। गुणागार संसारपारं नतो हं॥2॥     तुषाराद्रि संकाश गौरं गम्भीरं। मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरं। … Read more