Shri Siddhi Lakshmi Stotram

श्री सिद्ध लक्ष्मी स्तोत्र || Shri Siddhi Lakshmi Stotram || Siddhi Laxmi Stotram ध्यानम् ब्राह्मीं च वैष्णवीं भद्रां, षड्–भुजां च चतुर्मुखीम्।    त्रिनेत्रां खड्गत्रिशूलपद्मचक्रगदाधराम्।।     पीताम्बरधरां देवीं, नानाऽलंकारभूषिताम्।   तेजःपुञ्जधरीं श्रेष्ठां, ध्यायेद् बाल–कुमारिकाम्।।   मूल स्तोत्रम्   ॐकारं लक्ष्मी रुपं तु, विष्णुं हृदयमव्ययं।   विष्णुमानन्दमव्यक्तं, ह्रीं कारं बीज रुपिणिम्।।     क्लीं अमृतानन्दिनीं भद्रां, … Read more