माँ स्कंदमाता देवी स्तोत्र || Skandmata Devi Stotra

माँ स्कंदमाता देवी स्तोत्र || Maa Skandmata Devi Stotra !! ध्यान !! वन्दे वांछित कामर्थेचन्द्रार्घकृतशेखराम्। सिंहारूढाचतुर्भुजास्कन्धमातायशस्वनीम्॥ धवलवर्णाविशुद्ध चक्रस्थितांपंचम दुर्गा त्रिनेत्राम। अभय पदमयुग्म करांदक्षिण उरूपुत्रधरामभजेम्॥ पटाम्बरपरिधानाकृदुहज्ञसयानानालंकारभूषिताम्। मंजीर हार केयूर किंकिणिरत्नकुण्डलधारिणीम।। प्रभुल्लवंदनापल्लवाधरांकांत कपोलांपीन पयोधराम्। कमनीयांलावण्यांजारूत्रिवलींनितम्बनीम्॥ !! स्तोत्र !! नमामि स्कन्धमातास्कन्धधारिणीम्। समग्रतत्वसागरमपारपारगहराम्॥ शिप्रभांसमुल्वलांस्फुरच्छशागशेखराम्। ललाटरत्‍‌नभास्कराजगतप्रदीप्तभास्कराम्॥ महेन्द्रकश्यपाíचतांसनत्कुमारसंस्तुताम्। सुरासेरेन्द्रवन्दितांयथार्थनिर्मलादभुताम्॥ मुमुक्षुभिíवचिन्तितांविशेषतत्वमूचिताम्। नानालंकारभूषितांकृगेन्द्रवाहनाग्रताम्।। सुशुद्धतत्वातोषणांत्रिवेदमारभषणाम्। सुधामककौपकारिणीसुरेन्द्रवैरिघातिनीम्॥ शुभांपुष्पमालिनीसुवर्णकल्पशाखिनीम्। तमोअन्कारयामिनीशिवस्वभावकामिनीम्॥ सहस्त्रसूर्यराजिकांधनज्जयोग्रकारिकाम्। सुशुद्धकाल कन्दलांसुभृडकृन्दमज्जुलाम्॥ प्रजायिनीप्रजावती नमामिमातरंसतीम्। स्वकर्मधारणेगतिंहरिप्रयच्छपार्वतीम्॥ … Read more

Skandmata Devi Kavach -स्कंदमाता देवी कवच

 स्कंदमाता देवी कवच –  Skandmata Devi Kavach !! कवच !! ऐं बीजालिंकादेवी पदयुग्मधरापरा। हृदयंपातुसा देवी कातिकययुता॥ श्रींहीं हुं ऐं देवी पूर्वस्यांपातुसर्वदा। सर्वाग में सदा पातुस्कन्धमातापुत्रप्रदा॥ वाणवाणामृतेहुं फट् बीज समन्विता। उत्तरस्यातथाग्नेचवारूणेनेत्रतेअवतु॥ इन्द्राणी भैरवी चैवासितांगीचसंहारिणी। सर्वदापातुमां देवी चान्यान्यासुहि दिक्षवै॥ Skandmata Kavach