श्री स्वर्णाकर्षण भैरव स्तोत्र | Shri Swarnakarshan Bhairav Stotra

श्री स्वर्णाकर्षण भैरव स्तोत्र | Shri Swarnakarshan Bhairav Stotra | Swarna Akarshana Bhairava Stotra ।। श्री मार्कण्डेय उवाच ।।   भगवन् ! प्रमथाधीश ! शिव-तुल्य-पराक्रम !   पूर्वमुक्तस्त्वया मन्त्रं, भैरवस्य महात्मनः ।।     इदानीं श्रोतुमिच्छामि, तस्य स्तोत्रमनुत्तमं ।   तत् केनोक्तं पुरा स्तोत्रं, पठनात्तस्य किं फलम् ।।     तत् सर्वं श्रोतुमिच्छामि, ब्रूहि मे … Read more