श्री त्रिपुर सुन्दरी वेदसार स्तोत्रम | Tripurasundari Vedasara Stotram

श्री त्रिपुर सुन्दरी वेदसार स्तोत्रम || Sri Tripurasundari Vedasara Stotram कस्तूरीपङ्कभास्वद्गलचलदमलस्थूलमुक्तावलीका ज्योत्स्नाशुद्धावदाता  शशिशिशुमकुटालंकृता ब्रह्मपत्नी। साहित्यांभोजभृङ्गी कविकुलविनुता सात्विकीं वाग्विभूतिं     देयान्मे शुभ्रवस्त्रा करचलवलया वल्लकीं वादयन्ती ॥१॥   एकान्ते योगिवृन्दैः प्रशमितकरणैः क्षुत्पिपासा विमुक्तैः सानन्दं ध्यानयोगाद्बिसगुणसदृशी दृश्यते चित्तमध्ये।   या देवी हंसरूपा भवभटहरणं साधकानां विधत्ते सा नित्यं नादरूपा त्रिभुवनजननी मोदमाविष्करोतु ॥२॥   ईक्षित्री सृष्टिकाले त्रिभुवनमथ या तत्क्षणेऽनुप्रविश्य … Read more