उज्ज्वल वेंकट नाथ स्तोत्र | Ujjwala Venkata Natha Stotram

उज्ज्वल वेंकट नाथ स्तोत्र || Ujjwala Venkata Natha Stotram ॥ उज्ज्वलवेङ्कटनाथस्तोत्रम् ॥   रङ्गे तुङ्गे कवेराचलजकनकनद्यन्तरङ्गे भुजङ्गे,   शेषे शेषे विचिन्वन् जगदवननयं भात्यशेषेऽपि दोषे ।     निद्रामुद्रां दधानो निखिलजनगुणध्यानसान्द्रामतन्द्रां,   चिन्तां यां तां वृषाद्रौ विरचयसि रमाकान्त कान्तां शुभान्ताम् ॥ १॥       तां चिन्तां रङ्गक्लृप्तां वृषगिरिशिखरे सार्थयन् रङ्गनाथ,   श्रीवत्सं वा विभूषां व्रणकिणमहिराट्सूरिक्लृप्तापराधम् … Read more