क्या है ईश्वर या प्रभुत्व को प्राप्त करना ?

योग में कहा गया है कि मनुष्य की सबसे बड़ी समस्या है ‘चित्त की वृत्तियां’ ,यह संचित कर्म ही हमारा प्रारब्ध भी होते हैं और इसी से आगे की दिशा भी तय होती है।  सूक्ष्म शरीर के द्वारा ही हम दूसरे के शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इस चित्त की पांच अवस्थाएं होती है … Read more