श्री तुलसी शतनाम स्तोत्रम 

तुलसी पावनी पूज्या वृन्दावननिवासिनी !
 

ज्ञानदात्री ज्ञानमयी निर्मला सर्वपूजिता ॥1॥

 
सती पतिव्रता वृन्दा क्षीराब्धिमथनोद्भवा !
 
कृष्णवर्णा रोगहन्त्री त्रिवर्णा सर्वकामदा ॥2॥
 
 
लक्ष्मीसखी नित्यशुद्धा सुदती भूमिपावनी !
 
हरिध्यानैकनिरता हरिपादकृतालया ॥3॥
 
 
पवित्ररूपिणी धन्या सुगन्धिन्यमृतोद्भवा !
 
सुरूपारोग्यदा तुष्टा शक्तित्रितयरूपिणी  ॥4॥
 
 
देवी देवर्षिसंस्तुत्या कान्ता विष्णुमनःप्रिया !
 
भूतवेतालभीतिघ्नी महापातकनाशिनी ॥5॥
 
 
मनोरथप्रदा मेधा कान्तिर्विजयदायिनी !
 
शंखचक्रगदापद्मधारिणी कामरूपिणी ॥6॥
 
 
अपवर्गप्रदा श्यामा कृशमध्या सुकेशिनी !
 
वैकुण्ठवासिनी नन्दा बिंबोष्ठी कोकिलस्वना ॥7॥
 
 
कपिला निम्नगाजन्मभूमी आयुष्यदायिनी !
 
वनरूपा दुःखनाशी अविकारा चतुर्भुजा ॥8॥
 
 
गरुत्मद्वाहना शान्ता दान्ता विघ्ननिवारिणी !
 
विष्णुमूलिका पुष्टा त्रिवर्गफलदायिनी ॥9॥
 
 
महाशक्तिर्महामाया लक्ष्मीवाणीसुपूजिता !
 
सुमंगल्यर्चनप्रीता सौमङ्गल्यविवर्धिनी ॥10॥ 
 
 
चातुर्मासोत्सवाराध्या विष्णुसान्निध्यदायिनी !
 
उत्तानद्वादशीपूज्या सर्वदेवप्रपूजिता ॥11॥
 
 
गोपीरतिप्रदा नित्या निर्गुणा पार्वतीप्रिया !
 
अपमृत्युहरा राधाप्रिया मृगविलोचना ॥12॥
 
 
अम्लाना हंसगमना कमलासनवन्दिता !
 
भूलोकवासिनी शुद्धा रमकृष्णादिपूजिता ॥13॥
 
 
सीतापूज्या राममनःप्रिया नन्दनसंस्थिता !
 
सर्वतीर्थमयी मुक्ता लोकसृष्टिविधायिनी ॥14॥
 
 
प्रातर्दृश्या ग्लानिहन्त्री वैष्णवी सर्वसिद्धिदा !
 
 
नारायणी सन्ततिदा मूलमृद्धारिपावनी  ॥15॥
 
 
अशोकवनिकासंस्था सीताध्याता निराश्रया !
 
गोमतीसरयूतीररोपिता कुटिलालका  ॥16॥
 
 
अपात्रभक्ष्यपापघ्नी दानतोयविशुद्धिदा !
 
श्रुतिधारणसुप्रीता शुभा सर्वेष्टदायिनी ॥17॥

 


Tulsi Ashtottara Shatanama Stotram श्री तुलसी शतनाम स्तोत्रम
Tulsi Ashtottara Shatanama Stotram

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