BHAKTI KI SHAKTI
🌊
🌊 वरुण अवतारी श्री झूलेलाल जी ⏰ चेटी चंड, शुक्रवार, नए व्यापार के शुभारंभ पर

श्री झूलेलाल जी की आरती (ॐ जय दूलह देवा)

जल-ज्योति स्वरूप झूलेलाल जी की कृपा, व्यापार में लाभ और यात्रा में सुरक्षा हेतु।

💬 WhatsApp
॥ मुख्य टेक / मुखड़ा ॥

ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा। पूजा कनि था सिंधी, ज्योति वारी सेवा॥ ॐ जय दूलह देवा॥

॥ संपूर्ण आरती कड़ियां ॥
1

रतनलाल रतनाणी, नंदन अवतारी। अमरलाल सुखकारी, संकट सब टारी॥ ॐ जय दूलह देवा॥

2

सिंधु नदी जा स्वामी, वरुण देव सांचा। दीन दुखियन जा दाता, पूरन करि वाचा॥ ॐ जय दूलह देवा॥

3

जो कोइ आरती गावे, प्रेम सों मन लाई। सुख सम्पति सो पावे, झूलेलाल सहाई॥ ॐ जय दूलह देवा॥

ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा। पूजा कनि था सिंधी, ज्योति वारी सेवा॥ ॐ जय दूलह देवा॥

🪔
Sacred Aarti Exposition & Meaning · आरती भावार्थ व सारांश

Divine Meaning of Shri Jhulelal Ji Ki Aarti ("Aao Lal Jhoolelalan")

Honors the water deity and saint of Sindh, invoking his blessings for peace, communal harmony, and prosperous trade.

✨ Stanza-by-Stanza Devotional Significance

✦ Rider of the Fish

Praises his arrival to protect the righteous and foster loving brotherhood among all humans.

🌟 Spiritual Fruits & Vastu Household Blessings (आरती फल)

Brings thriving trade, safe travels across oceans, and joyful family unity.

🪔

आरती करने की शास्त्रोक्त विधि

जल के पात्र के सम्मुख ज्योति प्रज्वलित कर अक्खा और पल्लव के साथ भावपूर्वक आरती करें।

🌟

आरती के चमत्कारी लाभ

व्यापार में लाभ होता है। जल यात्राओं में सुरक्षा मिलती है और पारिवारिक सौहार्द बना रहता है।

🔔
दैनिक राशिफल व पंचांग अलर्ट

शुभ मुहूर्त व दैनिक राशिफल पाएं

प्रतिदिन प्रातः अपनी राशि का सटीक दैनिक राशिफल, आज का शुभ चौघड़िया व राहुकाल समय की सूचना सीधे अपने मोबाइल/कंप्यूटर पर प्राप्त करें।

🍪

कुकीज़ व गोपनीयता सहमति (Cookie Consent)

हम आपकी पसंदीदा भाषा, चयनित शहर और पंचांग गणना को सहेजने के लिए आवश्यक कुकीज़ का उपयोग करते हैं।