BHAKTI KI SHAKTI
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☀️ भगवान सूर्य नारायण ⏰ रविवार, प्रातः सूर्योदय, छठ पूजा, मकर संक्रांति

श्री सूर्य देव की आरती (जय कश्यप नंदन)

आरोग्य, नेतृत्व क्षमता, मान-सम्मान, नेत्र ज्योति और पिता के सहयोग हेतु।

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॥ मुख्य टेक / मुखड़ा ॥

जय कश्यप-नंदन, ॐ जय अदिति नंदन। त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥ ॐ जय कश्यप नंदन॥

॥ संपूर्ण आरती कड़ियां ॥
1

सप्त-अश्वरथ राजित, एक चक्र धारी। दुःखहारी, सुखकारी, मानस मल हारी॥ ॐ जय कश्यप नंदन॥

2

सुर-मुनि-भूसुर वन्दित, विमल विभवशाली। अघ-दल-दलन दिवाकर, दिव्य किरण माली॥ ॐ जय कश्यप नंदन॥

3

सकल सुकर्म प्रसविता, सविता शुभकारी। विश्व-विलोचन मोचन, भव-बंधन भारी॥ ॐ जय कश्यप नंदन॥

4

कमल-समूह विकासक, नाशक तम भारी। जीवन-ज्योति विधाता, जग-हित अवतारी॥ ॐ जय कश्यप नंदन॥

5

सूर्यदेव की आरती, जो कोई नर गावे। सुख-सम्पत्ति लहि सोई, उत्तम फल पावे॥ ॐ जय कश्यप नंदन॥

जय कश्यप-नंदन, ॐ जय अदिति नंदन। त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय चन्दन॥ ॐ जय कश्यप नंदन॥

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आरती करने की शास्त्रोक्त विधि

प्रातः तांबे के लोटे में जल, रोली, अक्षत और लाल पुष्प डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। इसके पश्चात सूर्य देव की आरती करें।

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आरती के चमत्कारी लाभ

शारीरिक व्याधियां और त्वचा संबंधी रोग दूर होते हैं। नौकरी और समाज में मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा बढ़ती है। आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।

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