1 मुखी रुद्राक्ष (साक्षात ओंकार व शिव स्वरूप)
1 Mukhi Rudraksha (Supreme Shiva & Oneness)
ॐ ह्रीं नमः / ॐ ओं ह्रीं क्लीं नमः
Om Hreem Namah / Om Om Hreem Kleem Namah
भगवान शिव के अश्रु बिंदुओं से उत्पन्न पावन रुद्राक्ष का 1 मुखी से लेकर 21 मुखी एवं विशेष स्वरूपों का संपूर्ण शास्त्रोक्त व वैज्ञानिक विवरण। शिव महापुराण के प्रमाण, जैव-चुंबकीय प्रभाव, 45-60 दिनों का शारीरिक रूपांतरण, असली-नकली की अचूक पहचान और राशि अनुसार संस्तुति।
शास्त्र प्रमाण: शिव महापुराण (विद्येश्वर संहिता)
त्रिपुरासुर के संहार हेतु जब शिवजी ने अपनी आंखें आधी खोलीं (अर्ध-निमीलित नेत्र), तब संसार के दुःख और प्राणियों के कल्याण के गहन करुणा भाव से महादेव के नेत्रों से जल की बूंदें (अश्रु) पृथ्वी पर गिरीं। जिन पावन स्थानों पर भगवान शिव के अश्रु गिरे, वहां पवित्र रुद्राक्ष वृक्ष (Elaeocarpus Ganitrus) उत्पन्न हुए।
शिव पुराण के अनुसार, रुद्राक्ष केवल एक बीज नहीं, बल्कि भगवान शिव का साक्षात करुणामयी वरदान है। जो मनुष्य श्रद्धापूर्वक रुद्राक्ष धारण करता है या इसका पूजन करता है, वह समस्त पापों, अकाल मृत्यु के भय और जीवन की विपत्तियों से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त होता है।
बायो-इलेक्ट्रोमैग्नेटिक, न्यूरोलॉजिकल एवं रक्त परिसंचरण प्रभाव
रुद्राक्ष धारण करने के तुरंत बाद व्यक्ति को मानसिक शांति का अनुभव होने लगता है। हालांकि, रुद्राक्ष की बायो-इलेक्ट्रिकल फ्रिक्वेंसी को मानव शरीर के बायो-इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (Aura) के साथ पूर्णतः समकालिक (Synchronize) होने में लगभग 45 से 60 दिनों का समय लगता है। इस अवधि में एकाग्रता, आंतरिक स्थिरता और निर्णय क्षमता में क्रांतिकारी सुधार आता है।
वैज्ञानिक अनुसंधानों (Institute of Chemical Technology, Mumbai व अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशालाओं) के अनुसार, रुद्राक्ष में प्राकृतिक डाई-इलेक्ट्रिक (विद्युत आवेश संचय करने की क्षमता) पाई जाती है। यह मस्तिष्क से निकलने वाले अतिरिक्त न्यूरो-इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स को संतुलित करता है, जिससे अत्यधिक तनाव, क्रोध और डिप्रेशन स्वतः नियंत्रित होने लगते हैं।
रुद्राक्ष का स्पर्श शरीर के प्रमुख मेरिडियन (Acupressure Points) को उत्तेजित करता है। जब यह हृदय के निकट वक्षस्थल पर रहता है, तो इसकी हल्की चुंबकीय तरंगें हृदय की धड़कनों को नियमित रखती हैं और रक्त परिसंचरण में संतुलन स्थापित करती हैं।
रुद्राक्ष में बायो-मैग्नेटिक ध्रुवता होती है जो हमारे चारों ओर एक सुरक्षात्मक ऊर्जा कवच (Energy Shield) तैयार करती है। यह नकारात्मक ऊर्जाओं, ईर्ष्या, नजर दोष और वातावरण में मौजूद हानिकारक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन (मोबाइल, वाई-फाई) के प्रभाव को कम करने में सहायता करता है।
वैज्ञानिक एक्स-रे परीक्षण बनाम बाज़ार के भ्रामक दावे
कहा जाता है कि यदि रुद्राक्ष को दो तांबे के सिक्कों के बीच रखा जाए तो वह घूमने लगता है। यह विज्ञान के अनुसार गलत है। किसी भी खुरदरे या प्राकृतिक उभार वाले गोल बीज पर जब दबाव पड़ता है, तो वह भौतिक संतुलन के कारण हिलता है। इसका रुद्राक्ष के असली होने से कोई संबंध नहीं है।
मान्यता है कि असली रुद्राक्ष पानी में डूब जाता है और नकली तैरता है। वास्तविकता यह है कि कच्चे, सूखे या हल्के परिपक्व असली रुद्राक्ष पानी में तैर सकते हैं, जबकि सीसे या भारी मोम/लकड़ी से बना नकली रुद्राक्ष भी तुरंत डूब जाता है।
रुद्राक्ष को कई घंटों तक उबालने से यदि उसमें गोंद या जोड़ लगाया गया हो तो वह अलग हो सकता है, परंतु इससे असली रुद्राक्ष के प्राकृतिक फाइबर और आंतरिक बीज नष्ट हो सकते हैं।
प्रकृति का सबसे अकाट्य नियम यह है कि रुद्राक्ष के बाहर जितने 'मुख' (धारियां) होते हैं, उसके भीतर ठीक उतने ही प्राकृतिक आंतरिक कक्ष (Seed Compartments / Chambers) मौजूद होते हैं। यदि 7 मुखी रुद्राक्ष का एक्स-रे किया जाए तो उसमें स्पष्ट 7 बीज कक्ष दिखेंगे। जालसाज बाहर से धारी तो बना सकते हैं, किंतु आंतरिक कम्पार्टमेंट नहीं बना सकते।
माइक्रोस्कोप के नीचे असली रुद्राक्ष की धारियां प्राकृतिक, चिकनी और अविरल दिखती हैं जो ऊपरी सिरे से निचले सिरे तक जाती हैं। नक्काशी की गई नकली धारियों में औजारों के खुरदुरे निशान और तीखे किनारे स्पष्ट पकड़ में आ जाते हैं।
नेपाली रुद्राक्ष आकार में बड़े (20 मिमी से 35 मिमी), गहरे खांचों वाले और अत्यंत प्रभावशाली माने जाते हैं। जावा रुद्राक्ष आकार में छोटे (5 मिमी से 15 मिमी) और चिकने होते हैं। दोनों ही शास्त्र सम्मत और प्राकृतिक हैं, किंतु नेपाली रुद्राक्ष अपने उच्च बायो-इलेक्ट्रोमैग्नेटिक चार्ज के कारण सर्वाधिक शक्तिशाली माना जाता है।
चंद्र राशि, स्वामी ग्रह एवं अभीष्ट फल
| राशि (Rashi) | स्वामी ग्रह | संस्तुत रुद्राक्ष | मुख्य लाभ व प्रभाव |
|---|---|---|---|
| मेष (Aries) | मंगल (Mars) | 3 मुखी एवं 11 मुखी | ऊर्जा, साहस, आलस्य निवारण व नेतृत्व |
| वृषभ (Taurus) | शुक्र (Venus) | 6 मुखी एवं 13 मुखी | आकर्षण, विलासिता, दांपत्य सुख व स्थिरता |
| मिथुन (Gemini) | बुध (Mercury) | 4 मुखी एवं 10 मुखी | तीक्ष्ण बुद्धि, वाकपटुता, व्यापारिक लाभ व तंत्र-रक्षा |
| कर्क (Cancer) | चंद्र (Moon) | 2 मुखी एवं गौरी शंकर | मानसिक शांति, तनाव मुक्ति, भावनात्मक सामंजस्य |
| सिंह (Leo) | सूर्य (Sun) | 1 मुखी एवं 12 मुखी | तेज, आत्मबल, सरकारी पद, नेत्र व हृदय स्वास्थ्य |
| कन्या (Virgo) | बुध (Mercury) | 4 मुखी एवं 10 मुखी | विश्लेषण क्षमता, तर्कशक्ति, संचार व सुरक्षा |
| तुला (Libra) | शुक्र (Venus) | 6 मुखी एवं 13 मुखी | कला, आकर्षण, प्रेम संबंध व आर्थिक समृद्धि |
| वृश्चिक (Scorpio) | मंगल (Mars) | 3 मुखी एवं 11 मुखी | साहस, क्रोध नियंत्रण, आत्मविश्वास व विजय |
| धनु (Sagittarius) | गुरु (Jupiter) | 5 मुखी एवं 11 मुखी | ज्ञान, धर्म, उच्च शिक्षा, मान-सम्मान व दीर्घायु |
| मकर (Capricorn) | शनि (Saturn) | 7 मुखी एवं 14 मुखी | शनि पीड़ा/साढ़ेसाती निवारण, अचानक धन लाभ व स्थिरता |
| कुंभ (Aquarius) | शनि (Saturn) | 7 मुखी एवं 17 मुखी | आविष्कार, आर्थिक संपन्नता, कर्ज मुक्ति व कर्म सिद्धि |
| मीन (Pisces) | गुरु (Jupiter) | 5 मुखी एवं 3 मुखी / गौरी शंकर | अध्यात्म, अंतर्ज्ञान, स्वास्थ्य व आत्मिक शांति |
प्रत्येक मुखी का देवता, नियंत्रक ग्रह, बीज मंत्र, राशि संस्तुति व फलश्रुति।
1 Mukhi Rudraksha (Supreme Shiva & Oneness)
ॐ ह्रीं नमः / ॐ ओं ह्रीं क्लीं नमः
Om Hreem Namah / Om Om Hreem Kleem Namah
2 Mukhi Rudraksha (Ardhanarishvara - Unity & Harmony)
ॐ नमः / ॐ ओं नमः
Om Namah / Om Om Namah
3 Mukhi Rudraksha (Lord Agni - Past Karma Cleanser)
ॐ क्लीं नमः
Om Kleem Namah
4 Mukhi Rudraksha (Lord Brahma - Intellect & Eloquence)
ॐ ह्रीं नमः
Om Hreem Namah
5 Mukhi Rudraksha (Kalagni Rudra - Universal Health & Peace)
ॐ ह्रीं नमः / ॐ नमः शिवाय
Om Hreem Namah / Om Namah Shivaya
6 Mukhi Rudraksha (Lord Kartikeya - Willpower & Grounding)
ॐ ह्रीं हुं नमः
Om Hreem Hoom Namah
7 Mukhi Rudraksha (Goddess Mahalakshmi - Wealth & Shani Relief)
ॐ हुं नमः
Om Hoom Namah
8 Mukhi Rudraksha (Lord Ganesha - Obstacle Remover & Rahu Pacifier)
ॐ हुं नमः / ॐ गं गणपतये नमः
Om Hoom Namah / Om Gam Ganapataye Namah
9 Mukhi Rudraksha (Goddess Navadurga - Fearlessness & Ketu Pacifier)
ॐ ह्रीं हुं नमः / ॐ दुं दुर्गायै नमः
Om Hreem Hoom Namah / Om Dum Durgayai Namah
10 Mukhi Rudraksha (Lord Vishnu - Divine Shield & Peace)
ॐ ह्रीं नमः / ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
Om Hreem Namah / Om Namo Bhagavate Vasudevaya
11 Mukhi Rudraksha (11 Rudras & Lord Hanuman - Supreme Courage)
ॐ ह्रीं हुं नमः / ॐ श्री हनुमते नमः
Om Hreem Hoom Namah / Om Shri Hanumate Namah
12 Mukhi Rudraksha (12 Adityas - Sun Radiance & Authority)
ॐ क्रौं क्षौं रौं नमः / ॐ सूर्याय नमः
Om Krowm Kshowm Rowm Namah / Om Suryaya Namah
13 Mukhi Rudraksha (Lord Kamadeva & Indra - Charisma & Desires)
ॐ ह्रीं नमः
Om Hreem Namah
14 Mukhi Rudraksha (Deva Mani - Intuition & Third Eye)
ॐ नमः / ॐ नमः शिवाय
Om Namah / Om Namah Shivaya
15 Mukhi Rudraksha (Lord Pashupatinath - Heart Healing & Abundance)
ॐ ह्रीं नमः / ॐ पशुपतये नमः
Om Hreem Namah / Om Pashupataye Namah
16 Mukhi Rudraksha (Jai Rudraksha - Lord Rama & Mahakaal - Victory)
ॐ ह्रीं हुं नमः / ॐ नमः शिवाय
Om Hreem Hoom Namah / Om Namah Shivaya
17 Mukhi Rudraksha (Lord Vishwakarma & Katyayani - Sudden Wealth)
ॐ ह्रीं हुं हुं नमः
Om Hreem Hoom Hoom Namah
18 Mukhi Rudraksha (Bhoomi Devi - Earth Stability & Real Estate)
ॐ ह्रीं हुं एकत्वरूपे हुं ह्रीं ॐ
Om Hreem Hoom Ekatvarupaye Hum Hreem Om
19 Mukhi Rudraksha (Lord Narayana - Supreme Material Fulfillment)
ॐ ह्रीं हुं नमः / ॐ नमो नारायणाय
Om Hreem Hoom Namah / Om Namo Narayanaya
20 Mukhi Rudraksha (Lord Brahma - Supreme Cosmic Knowledge)
ॐ ह्रीं ह्रीं हुं हुं ब्रह्मणे नमः
Om Hreem Hreem Hoom Hoom Brahmaney Namah
21 Mukhi Rudraksha (Lord Kubera - Boundless Wealth & Opulence)
ॐ ह्रीं हुं शिवमित्राय नमः
Om Hreem Hoom Shivmitraye Namah
Gauri Shankar Rudraksha (Divine Union of Shiva & Parvati)
ॐ गौरीशंकराय नमः / ॐ नमः शिवाय
Om Gaurishankaraye Namah / Om Namah Shivaya
Ganesh Rudraksha (Trunk Protrusion - Intellect & Success)
ॐ गं गणपतये नमः
Om Gam Ganapataye Namah
Garbh Gauri Rudraksha (Mother & Child - Progeny & Maternal Care)
ॐ गर्भ गौर्ये नमः / ॐ नमः शिवाय
Om Garbh Gaurye Namah / Om Namah Shivaya
शास्त्रोक्त प्राण प्रतिष्ठा विधान एवं नित्य नियम
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