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BHAKTI KI SHAKTI
🔱 Lord Brihaspati

Guru Stotram

Guru Stotram is a sacred Vedic and Puranic hymn dedicated to Lord Brihaspati. Sourced from Sanatan Agamas & Upanishads, this divine prayer dispels darkness, grants mental clarity, and invokes universal grace.

Composer Vedic Sages
Source Purana Sanatan Agamas & Upanishads
Auspicious Day Daily Morning, Auspicious Muhurta
Chanting Rosary Rudraksha or Tulsi Mala - 1 recitation
Verse #1 ॥ श्री ॥
।। श्री महादेव्युवाच ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 1): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 1): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #2 ॥ श्री ॥
गुरुर्मन्त्रस्य देवस्य धर्मस्य तस्य एव वा । विशेषस्तु महादेव ! तद् वदस्व दयानिधे ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 2): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #3 ॥ श्री ॥
श्री गुरु स्तोत्रम् श्री महादेवी (पार्वती) ने कहा : हे दयानिधि शंभु ! गुरुमंत्र के देवता अर्थात् श्री गुरुदेव एवं उनका आचारादि धर्म क्या है – इस बारे में वर्णन करें । ।। श्री महादेव उवाच ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 3): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
ध्यानम् ॥ श्री ॥
जीवात्मनं परमात्मनं दानं ध्यानं योगो ज्ञानम् । उत्कल काशीगंगामरणं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 1 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक ध्यानम्): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse ध्यानम्): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
ध्यानम् ॥ श्री ॥
श्री महादेव बोले: जीवात्मा-परमात्मा का ज्ञान, दान, ध्यान, योग पुरी, काशी या गंगा तट पर मृत्यु – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 1 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक ध्यानम्): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse ध्यानम्): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #2 ॥ श्री ॥
प्राणं देहं गेहं राज्यं स्वर्गं भोगं योगं मुक्तिम् । भार्यामिष्टं पुत्रं मित्रं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 2 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 2): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #2 ॥ श्री ॥
प्राण, शरीर, गृह, राज्य, स्वर्ग, भोग, योग, मुक्ति, पत्नी, इष्ट, पुत्र, मित्र – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 2 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 2): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #3 ॥ श्री ॥
वानप्रस्थं यतिविधधर्मं पारमहंस्यं भिक्षुकचरितम् । साधोः सेवां बहुसुखभुक्तिं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 3 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 3): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #3 ॥ श्री ॥
वानप्रस्थ धर्म, यति विषयक धर्म, परमहंस के धर्म, भिक्षुक अर्थात् याचक के धर्म – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 3 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 3): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #4 ॥ श्री ॥
विष्णो भक्तिं पूजनरक्तिं वैष्णवसेवां मातरि भक्तिम् । विष्णोरिव पितृसेवनयोगं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 4 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 4): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #4 ॥ श्री ॥
भगवान विष्णु की भक्ति, उनके पूजन में अनुरक्ति, विष्णु भक्तों की सेवा, माता की भक्ति, श्रीविष्णु ही पिता रूप में हैं, इस प्रकार की पिता सेवा – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 4 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 4): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
न्यासः ॥ श्री ॥
प्रत्याहारं चेन्द्रिययजनं प्राणायां न्यासविधानम् । इष्टे पूजा जप तपभक्तिर्न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 5 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक न्यासः): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse न्यासः): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
न्यासः ॥ श्री ॥
प्रत्याहार और इन्द्रियों का दमन, प्राणायाम, न्यास-विन्यास का विधान, इष्टदेव की पूजा, मंत्र जप, तपस्या व भक्ति – इन सबमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 5 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक न्यासः): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse न्यासः): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #6 ॥ श्री ॥
काली दुर्गा कमला भुवना त्रिपुरा भीमा बगला पूर्णा । श्रीमातंगी धूमा तारा न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 6 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 6): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #6 ॥ श्री ॥
काली, दुर्गा, लक्ष्मी, भुवनेश्वरि, त्रिपुरासुन्दरी, भीमा, बगलामुखी (पूर्णा), मातंगी, धूमावती व तारा ये सभी मातृशक्तियाँ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 6 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 6): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #7 ॥ श्री ॥
मात्स्यं कौर्मं श्रीवाराहं नरहरिरूपं वामनचरितम् । नरनारायण चरितं योगं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 7 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 7): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #7 ॥ श्री ॥
भगवान के मत्स्य, कूर्म, वाराह, नरसिंह, वामन, नर-नारायण आदि अवतार, उनकी लीलाएँ, चरित्र एवं तप आदि भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 7 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 7): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #8 ॥ श्री ॥
श्रीभृगुदेवं श्रीरघुनाथं श्रीयदुनाथं बौद्धं कल्क्यम् । अवतारा दश वेदविधानं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 8 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 8): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #8 ॥ श्री ॥
भगवान के श्री भृगु, राम, कृष्ण, बुद्ध तथा कल्कि आदि वेदों में वर्णित दस अवतार श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 8 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 8): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #9 ॥ श्री ॥
गंगा काशी कान्ची द्वारा मायाऽयोध्याऽवन्ती मथुरा । यमुना रेवा पुष्करतीर्थ न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 9 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 9): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 9): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #9 ॥ श्री ॥
गंगा, यमुना, रेवा आदि पवित्र नदियाँ, काशी, कांची, पुरी, हरिद्वार, द्वारिका, उज्जयिनी, मथुरा, अयोध्या आदि पवित्र पुरियाँ व पुष्करादि तीर्थ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 9 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 9): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 9): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #10 ॥ श्री ॥
गोकुलगमनं गोपुररमणं श्रीवृन्दावन-मधुपुर-रटनम् । एतत् सर्वं सुन्दरि ! मातर्न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 10 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 10): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #10 ॥ श्री ॥
हे सुन्दरी ! हे मातेश्वरी ! गोकुल यात्रा, गौशालाओं में भ्रमण एवं श्री वृन्दावन व मधुपुर आदि शुभ नामों का रटन – ये सब भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 10 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 10): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #11 ॥ श्री ॥
तुलसीसेवा हरिहरभक्तिः गंगासागर-संगममुक्तिः । किमपरमधिकं कृष्णेभक्तिर्न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 11 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 11): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #11 ॥ श्री ॥
तुलसी की सेवा, विष्णु व शिव की भक्ति, गंगा सागर के संगम पर देह त्याग और अधिक क्या कहुं परात्पर भगवान श्री कृष्ण की भक्ति भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 11 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 11): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #12 ॥ श्री ॥
एतत् स्तोत्रम् पठति च नित्यं मोक्षज्ञानी सोऽपि च धन्यम् । ब्रह्माण्डान्तर्यद्-यद् ध्येयं न गुरोरधिकं न गुरोरधिकं ।। 12 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 12): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 12): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
ध्यानम् ॥ श्री ॥
इस स्तोत्र का जो नित्य पाठ करता है वह आत्मज्ञान एवं मोक्ष दोनों को पाकर धन्य हो जाता है । निश्चित ही समस्त ब्रह्माण्ड मे जिस-जिसका भी ध्यान किया जाता है, उनमें से कुछ भी श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है, श्री गुरुदेव से बढ़कर नहीं है ।। 12 ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक ध्यानम्): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse ध्यानम्): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #13 ॥ श्री ॥
।। वृहदविज्ञान परमेश्वरतंत्रे त्रिपुराशिवसंवादे श्रीगुरोःस्तोत्रम् ।।
Hindi Meaning: गुरु स्तोत्र (श्लोक 13): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: गुरु स्तोत्र (Verse 13): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
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Related Chanting, Aarti & Panchang

Complement your stotra recitation with authentic Aarti, Chalisa, Vedic puja rules, and today's auspicious Panchang timings:

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Divine Benefits (Phalashruti)

  • ✓ Invokes the boundless blessings, protection, and spiritual grace of Lord Brihaspati
  • ✓ Relieves anxieties, unseen fears, domestic conflict, and planetary afflictions
  • ✓ Removes obstacles in career, commerce, and higher pursuits
  • ✓ Daily chanting charges the environment with auspicious energy and peace
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Chanting Rules & Vidhi

1
शुद्धि व स्नान
प्रातः काल स्नानोपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2
आसन व दीप
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं।
3
ध्यान व अर्पण
देवगुरु बृहस्पति का ध्यान कर पुष्प, चंदन, अक्षत और नैवेद्य अर्पित करें।
4
संकल्प व पाठ
हाथ में जल और अक्षत लेकर अपने मनोरथ का संकल्प करें और शांत मन से स्तोत्र का पाठ करें।
5
क्षमा प्रार्थना व समर्पण
पाठ उपरांत अज्ञानतावश हुई त्रुटियों के लिए क्षमा मांगें और आरती करें।
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Frequently Asked Questions

When should Guru Stotram be recited? ▼

Reciting with a pure mind during Brahma Muhurta or dusk, especially on Daily Morning, Auspicious Muhurta, yields maximum spiritual results.

What are the primary benefits of this stotra? ▼

It dispels negative vibrations, calms the mind, provides spiritual immunity, and brings fulfillment of noble wishes.