सनातन धर्म के संपूर्ण 278 दिव्य स्तोत्र — भगवान शिव, मां आद्याशक्ति, श्री गणेश, विष्णु, हनुमान, नवग्रह एवं कुबेर-लक्ष्मी स्तुति। शुद्ध संस्कृत श्लोक, सरल हिंदी भावार्थ, फलश्रुति व पाठ विधि सहित।
अग्नये स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
अनादि कल्पेश्वर स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
अंगारका स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति भूमिपुत्र मंगल देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
सप्तश्लोकी दुर्गा संपूर्ण 700 श्लोकों वाली दुर्गा सप्तशती का महामंत्र-मय सार है। भगवान शिव द्वारा कथित इन सात श्लोकों का पाठ करने से संपूर्ण सप्तशती के पाठ का पुण्य प्राप्त होता है।
अपराजिता स्तोत्र कभी न पराजित होने वाली देवी अपराजिता की दिव्य स्तुति है। यह युद्ध, विवाद, कानूनी मुकदमों और कठिन से कठिन चुनौतियों में अमोघ विजय दिलाने वाला सिद्ध स्तोत्र है।
अमोघ कवच स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
अर्धनारीश्वर स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शंकराचार्य स्तोत्ररत्न में वर्णित यह स्तुति भगवान शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
अश्वत्थ स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
अष्टलक्ष्मी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
अहल्याकृता श्रीराम स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
आनंद लहरी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शंकराचार्य स्तोत्ररत्न में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
आरूढा सरस्वती स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां ज्ञानदायिनी सरस्वती के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
इंद्रकृत श्रीराम स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
इंद्रकृत श्रीकृष्ण स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
इंद्राक्षी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
उज्ज्वल वेंकट नाथ स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हरि विष्णु के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
उपमन्यु कृता शिव स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
स्कंद पुराण में वर्णित यह अंगारक ऋणमोचन स्तोत्र मंगल जनित कर्जों, जमीन-जायदाद के विवादों, रक्त विकारों और भारी ऋण से मुक्ति पाने का सबसे अचूक उपाय है।
ऋण मोचन नरसिंह स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री नृसिंह देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र भारी से भारी कर्ज, व्यापारिक घाटा और आर्थिक तंगी से मुक्ति दिलाने वाला सबसे चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। इसके नित्य पाठ से दरिद्रता समाप्त होकर धन लाभ के नए मार्ग खुलते हैं।
यक्षराजाय विद्महे अलकाधीशाय धीमहि... यक्षों के राजा और देवताओं के खजांची भगवान कुबेर का यह स्तोत्र समस्त कर्जों, दरिद्रता और आर्थिक तंगहाली से छुटकारा दिलाकर अकूत संपत्ति प्रदान करता है।
ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
कल्कि स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हरि विष्णु के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
कल्किस्तव सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हरि विष्णु के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
कामकला कालीस्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महाकाली के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
कामना सिद्धि स्रोत सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
कार्तवीर्यार्जुन द्वादश नामस्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
काशी के कोतवाल भगवान कालभैरव की वंदना में आदि शंकराचार्य द्वारा रचित यह कालभैरवाष्टक परम संहारक, काल-विनाशक और समस्त भय, तंत्र-बाधा व कालसर्प दोषों का शमन करने वाला स्तोत्र है।
कालरात्रि देवी स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
काली पञ्चबाण स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महाकाली के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
काली हृदय स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महाकाली के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
काशी पंचकम् स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शंकराचार्य स्तोत्ररत्न में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
कुंजिका स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
कूर्म स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हरि विष्णु के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
कमला स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
कृष्ण स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
केतु स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति केतु देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
कोपीनपंचकम् स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
क्षमा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गंगा दशहरा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति देवनदी मां गंगा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गणेश अष्टोत्तर सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गणेश अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गणेश महिम्न स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गणेश स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गुरु स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति देवगुरु बृहस्पति के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गोपाल विशंति स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गोपाल हृदय स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गोपिकाविरहगीतम सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्... आदि शंकराचार्य द्वारा रचित यह आठ पदों का स्तोत्र भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण के मधुरतम नामों की अमृत-धारा है।
घटिकचाला हनुमान स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सुदर्शन संहिता व पुराण परंपरा में वर्णित यह स्तुति पवनपुत्र भगवान हनुमान के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
चक्रराज स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
चतुश्लोकी भागवत सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। महाभारत / पुराण महाकोश में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हरि विष्णु के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
चतुश्लोकी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
चन्द्र स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति चंद्र देव (सोम) के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
चर्पट पंजरिका स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
जटायुकृत श्रीराम स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
ज्वर शांति स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
तन्त्र दोष शांति स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
तंत्रोक्त कीलन स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
तुलसी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवती तुलसी महारानी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
दत्तात्रेय स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान दत्तात्रेय के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
दरिद्रता नाशक स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव पुराण / ऋग्वेद खिल सूक्त में वर्णित यह स्तुति धनपति कुबेर व मां लक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
जब शनिदेव रोहिणी नक्षत्र को भेदने वाले थे (जिससे पृथ्वी पर 12 वर्ष का भयंकर अकाल पड़ता), तब राजा दशरथ ने शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए इस स्तोत्र की रचना की थी। शनिदेव ने प्रसन्न होकर वचन दिया कि जो भी इस स्तोत्र का पाठ करेगा उसे शनि पीड़ा नहीं होगी।
दस महाविद्या स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
दिग्बंधन रक्षा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
दुर्गा अष्टोत्तर सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां भगवती दुर्गा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
देवकृत लक्ष्मी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
देवी अपराध क्षमापन स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
देवी क्षमा प्रार्थना स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
देव्या अपराध क्षमापन स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
देव्या आरात्रिकम् स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
द्वादश पंजरिका स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
धनदा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव पुराण / ऋग्वेद खिल सूक्त में वर्णित यह स्तुति धनपति कुबेर व मां लक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
धूमावती स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
नवग्रह पीड़ाघर स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति नवग्रह देवता के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
जपाकुसुमसंकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम्... महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित यह नवग्रह स्तोत्र नौ ग्रहों के मूल मंत्रों और गुणों की अनुपम स्तुति है, जिससे कुंडली के सभी ग्रह दोष शांत होकर अनुकूल फल देने लगते हैं।
नाग स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
नील सरस्वती स्तोत्र मां भगवती तारा का अत्यंत चमत्कारी स्तोत्र है। यह विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, कवियों और वक्ताओं को अलौकिक प्रज्ञा, वाकसिद्धि और परीक्षा में अप्रत्याशित सफलता प्रदान करता है।
नृसिंह स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री नृसिंह देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
नृसिंहगिरि अष्टोत्तर-शतनाम स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री नृसिंह देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
न्यासदशकम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
परमेश्वर स्तुतिसार स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
परा पूजा स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
पशुपतास्त्रेय स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
पितृ दोष स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
पित्र देव स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
प्रज्ञा विवर्धना कार्तिकेय सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान स्कंद कार्तिकेय के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
प्रत्यंगिरा महाविद्या स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
प्रह्लादकृत नृसिंह स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री नृसिंह देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
प्रातः स्मरणम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
पार्श्वनाथ सहस्रनाम स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
बंदी मोचन स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
बगला रक्षा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां बगलामुखी पीताम्बरा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
बगलामुखी पंजर स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां बगलामुखी पीताम्बरा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
बगलामुखी ब्रह्मास्त्र स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां बगलामुखी पीताम्बरा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
दसमहाविद्याओं में आठवीं महाविद्या मां बगलामुखी का यह स्तोत्र शत्रुओं की जिह्वा, बुद्धि और षड्यंत्रों को कीलित (स्तंभित) कर मुकदमों, विवादों और चुनाव में अप्रत्याशित विजय दिलाता है।
बजरंग की कैंची सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सुदर्शन संहिता व पुराण परंपरा में वर्णित यह स्तुति पवनपुत्र भगवान हनुमान के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान... बजरंग बाण को हनुमान जी की सबसे अचूक और तीव्र प्रार्थना माना जाता है, जिसमें प्रभु श्रीराम की सौगंध देकर भक्त के संकटों का तत्काल अंत कराया जाता है।
बटुक भैरव अष्टोत्तर स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान कालभैरव / बटुक भैरव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
रुद्रयामल तंत्र में वर्णित भगवान बटुक भैरव का यह ब्रह्म कवच साधक के सभी अंगों की रक्षा करता है। यह शत्रु बाधा, नजर दोष, गृह क्लेश और आकस्मिक संकटों से अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
बाल रक्षा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
बुध पंचविमशातिनमा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति बुद्धिप्रदाता बुध देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
बुध स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति बुद्धिप्रदाता बुध देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
बृहस्पति स्तोत्रम सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति देवगुरु बृहस्पति के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
ब्रह्मशक्ति स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
ब्रह्मा कृता सरस्वती स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां ज्ञानदायिनी सरस्वती के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
भक्त मनोरथसिद्धिप्रदं गणेश स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
भवतु स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
भवानी भुजंगप्रयात स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
भारत भूमात्र स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मंगल गीतम सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति भूमिपुत्र मंगल देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मंगल ग्रह स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति भूमिपुत्र मंगल देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मंगल स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति भूमिपुत्र मंगल देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मंगला गौरी स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति भूमिपुत्र मंगल देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
देवी भागवत पुराण में भगवान शिव द्वारा कथित यह मंगल चण्डिका स्तोत्र समस्त प्रकार के अमंगल, मंगली दोष और विघ्नों को हरकर जीवन में मंगल, संतान सुख और सौभाग्य की वर्षा करता है।
मत्स्य स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हरि विष्णु के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मातंगी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मातंगी हृदय स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मयूरेश स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
महाकाल शनी मृत्युंजय सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
महाकाल स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
महाकाली स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति मां महाकाली के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
महागणपति स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
महामृत्युंजय स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते... देवराज इंद्र द्वारा रचित यह अष्टक मां महालक्ष्मी के अमोघ वरदानों, अष्ट सिद्धियों और समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति का दिव्य साधन है।
नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी... भगवान शिव को भी भिक्षा देने वाली काशी की महारानी मां अन्नपूर्णा का यह स्तोत्र घर में कभी अन्न, धन और वैभव की कमी नहीं होने देता।
माँ छिनामस्ता स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
माँ तारा देवी स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
माँ गायत्री स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
माँ भुवनेश्वरी स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मारुती स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मार्कंडेय महा मृत्युंजय स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मीनाक्षी पंचरलम सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मृतसञ्जीवन स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
मोहिनिकृत कृष्ण स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
यक्षिणी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
चरितं रघुनाथस्य शतकोटिप्रविस्तरम्... भगवान शिव द्वारा ऋषि बुधकौशिक को स्वप्न में दिया गया यह राम रक्षा स्तोत्र साधक के सिर से लेकर पैरों तक समस्त अंगों पर प्रभु श्रीराम का अभेद्य रक्षा-कवच स्थापित करता है।
राहू स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति राहु देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
रिन्मोचन महागणपति स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
लांगूलास्त्र हनुमत स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सुदर्शन संहिता व पुराण परंपरा में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हनुमान के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
लक्ष्मी नरसिंह स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
लक्ष्मी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
ललिता पञ्चकम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
ललिता महालक्ष्मी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
वासुदेवकृत कृष्ण स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
विंध्यवासिनी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
विनायक स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
विपरीत प्रत्यंगिरा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
विप्रपत्नी करिता कृष्णा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
विवाह वसु गन्धव स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
विविधदेवस्तोत्राणि सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
विश्व शांति स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
विष्णुपुराण नगपतनी कृता श्रीकृष्ण स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
वीरा विम्सती काव्यं हनुमान स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सुदर्शन संहिता व पुराण परंपरा में वर्णित यह स्तुति पवनपुत्र भगवान हनुमान के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
वेंकश्वारा अशोत्तारा शातानमा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
चारों वेदों, उपनिषदों और वेदांत दर्शन के परम सार को समेटे हुए यह स्तोत्र भगवान शिव के निर्गुण और सगुण दोनों स्वरूपों की अनुपम वैदिक स्तुति है।
शत्रु विंध्यवासिनी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शनि स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शनिश्चर स्तवराज स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शनिश्चर स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति सूर्यपुत्र भगवान शनिदेव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शिव तांडव स्तोत्र परम शक्तिशाली और ओजस्वी संस्कृत छंदों में रचित स्तोत्र है। जब रावण का अहंकार टूटा तो उसने भगवान शिव के दिव्य तांडव नृत्य की स्तुति में इस अप्रतिम स्तोत्र की रचना की थी।
शिव पंचाक्षर नक्षत्रमाला स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शंकराचार्य स्तोत्ररत्न में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शिव पंचाक्षर स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शंकराचार्य स्तोत्ररत्न में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शिव प्रातः स्मरण स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शिव रक्षा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शिव शंकर स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शिव षडाक्षरा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शिवअष्टकम स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शिवमानस पूजा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शिवापराधक्षमा स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शिवाष्टकम स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शुक्र स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति दैत्यगुरु भार्गव शुक्र देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
शैलपुत्री देवी स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
षट्पदी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
षोडशी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
षोडशी हृदय स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री अंगरक स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री ऋणमोचन मंगल स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति भूमिपुत्र मंगल देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री एकदंत स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
अङ्कं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती... एक निर्धन ब्राह्मणी की दारिद्र्य व्यथा देखकर आदि शंकराचार्य ने मां लक्ष्मी की स्तुति में यह स्तोत्र रचा, जिसके प्रभाव से स्वर्ण के आंवलों की वर्षा हुई थी।
श्री कार्तिकेय स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान स्कंद कार्तिकेय के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री कृष्ण अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री कृष्ण द्वादशनाम स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री कृष्ण शरणम ममः सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री कृष्णा कीलक स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री कृष्णा माणसा पूजा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री कृष्णा लीला वर्णन स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री गंगा महिम्ना स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति देवनदी मां गंगा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री गंगा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति देवनदी मां गंगा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री गणपति स्तवः सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री गणेश प्रातः समरणं स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री गणेशा अवतार स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गणेश द्वादशनाम स्तोत्र में भगवान गणपति के 12 दिव्य नामों का वर्णन है। किसी भी शुभ कार्य, यात्रा, विद्यारंभ या गृह प्रवेश से पूर्व इसके पाठ से विघ्न दूर होकर निर्बाध सफलता प्राप्त होती है।
श्री गणेशा पंच्रालाम स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री घटिकचाला हनुमत स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सुदर्शन संहिता व पुराण परंपरा में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हनुमान के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री त्रिपुर सुंदरी स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री दत्तात्रेय अपराध क्षमापन स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान दत्तात्रेय के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री दत्तात्रेय स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान दत्तात्रेय के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री दधि वामन स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हरि विष्णु के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री दशावतार स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हरि विष्णु के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री नरसिम्हा पंचामरुथा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री नरसिम्हा प्राप्ति स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री नवनाग स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री नारायण स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री महाविष्णु के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री नृसिंहगिरि अष्टोत्तर-शतनाम स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री नृसिंह देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री परशुराम स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री परशुराम अशोत्तारा शातानमा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री पांडुरंग स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हरि विष्णु के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री प्रपन्न गीतम सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री प्रह्लाद कृतं गणेशा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री भगवती स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री भगवाच्छरण स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री मंगलचरण स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति भूमिपुत्र मंगल देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री मातंगी स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री मयूरेश्वर स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री महागणेशा पंच्रालाम स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री महालक्ष्मी हृदयं स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दनुते... यह स्तोत्र मां भगवती के महिषासुर वध के शौर्य, तेज और अनुपम मातृशक्ति का ओजस्वी छंदों में नर्तन है।
श्री मृत्युंजय स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री राधा नाम महात्मय स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरम्... वल्लभाचार्य जी द्वारा रचित मधुराष्टक भगवान श्रीकृष्ण के प्रत्येक अंग, लीला और भाव की अद्वितीय मधुरता का अमृतमय गान है।
श्री राज मातंगी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री राम मंगलाशासनम स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री रामा भुजंगा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री रामा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री लक्ष्मी नारायण स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री लघु अन्नपूर्ण स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री लघु स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
कुरुक्षेत्र के धर्मक्षेत्र में शरशय्या पर लेटे भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठिर को उपदेशित यह स्तोत्र भगवान विष्णु के 1000 पावन नामों का अद्भुत महामंत्र है, जो समस्त पापों और कष्टों को हर लेता है।
श्रीविष्णु कृतं गणेश स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री वेंकटेश स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री हरि विष्णु के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री वेंकटेश्वरा मंगला स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भूमिपुत्र मंगल देव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री वेंकतेस्वारा वज्र कवचा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री शक्ति कृतं श्रीगानाधिश स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
रुद्राष्टकम भगवान शिव की सबसे कल्याणकारी, प्रिय और स्तुतिमय रचना है। यह आठ श्लोकों में देवाधिदेव महादेव के निर्गुण, सगुण, निराकार और साकार रूप का अद्भुत वर्णन करती है।
श्री शिवरामाष्टक स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति देवाधिदेव महादेव शिव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
गंधर्वराज पुष्पदंत द्वारा रचित शिव महिम्न स्तोत्र संस्कृत साहित्य का मुकुटमणि है। यह भगवान शिव के अनंत ऐश्वर्य, निर्विकल्प स्वरूप और तीनों लोकों में उनकी असीम महिमा का गुणगान करता है।
श्री संतान गोपाल स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
ब्रह्मवैवर्त पुराण में महर्षि याज्ञवल्क्य द्वारा रचित यह सरस्वती स्तोत्र विद्या, संगीत, कला और आत्मज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां भारती की मधुर वंदना है।
श्री सुब्रमन्य करावालाम्बा सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान स्कंद कार्तिकेय के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री सब्रमन्य भुजंगा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री सूर्य प्रातः स्मरण स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान सूर्य नारायण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री सूर्य मंडल अष्टकम स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान सूर्य नारायण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्... ऋग्वेद का यह पावन श्री सूक्तम देवी लक्ष्मी का आदि वैदिक स्तोत्र है। इसके पाठ और हवन से दरिद्रता, भूख, ऋण और अभाव का समूल विनाश होता है।
श्री हनुमत पंचारालम स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री हनुमत स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान कालभैरव / बटुक भैरव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्रीकृष्ण कृत दुर्गा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां भगवती दुर्गा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्रीकृष्ण केशादिपदम वर्णमा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री कृष्ण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्रीमद दिव्या परशुराम अष्टकम स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्रीलक्ष्मी द्वादस नामा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्रीलक्ष्मी नरसिंह द्वादसनमा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्रीलक्ष्मी नरसिम्हा करावालाम्बा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
श्रीलक्ष्मी हयावादाना रत्नमाला स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
त्रिपुर भैरवी अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान कालभैरव / बटुक भैरव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
त्रिपुर भैरवी सहस्रनाम स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शिव महापुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान कालभैरव / बटुक भैरव के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
त्रिपुर सुन्दरी वेद-पाद स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
त्रिपुर सुंदरी स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
संकट नाशन गणेश स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री गणेश पुराण / मुद्गल पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान श्री गणेश के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
संकट हरण स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
सप्तश्लोकी गीता स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। महाभारत / पुराण महाकोश में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
सरस्वती रहस्य स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां ज्ञानदायिनी सरस्वती के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
सर्प सूक्तं स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
सर्वदेव कृता लक्ष्मी स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां महालक्ष्मी के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
साधना पंचकम स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शंकराचार्य स्तोत्ररत्न में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम्... रावण से अंतिम निर्णायक युद्ध से पूर्व महर्षि अगस्त्य ने भगवान श्रीराम को इस आदित्य हृदयम स्तोत्र का उपदेश दिया था, जिसके प्रभाव से श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त की।
सूर्य ग्रह स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान सूर्य नारायण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
सूर्य स्तोत्रम् सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। ब्रह्मांड पुराण / स्कंद पुराण में वर्णित यह स्तुति भगवान सूर्य नारायण के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
हनुमान तांडव स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। शंकराचार्य स्तोत्ररत्न में वर्णित यह स्तुति पवनपुत्र भगवान हनुमान के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
हनुमान बाहुक स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्रीरामचरितमानस / संकटमोचन परंपरा में वर्णित यह स्तुति पवनपुत्र भगवान हनुमान के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
हनुमान भुजंगा स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सुदर्शन संहिता व पुराण परंपरा में वर्णित यह स्तुति पवनपुत्र भगवान हनुमान के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
लंकापति विभीषण द्वारा लंका के घोर संकट के समय रचा गया यह हनुमान वडवानल स्तोत्र अग्नि की प्रचंड ज्वाला के समान शक्तिशाली है। यह असाध्य रोगों, भूत-प्रेत, तांत्रिक बंधन और मारण-उच्चाटन जैसे घोर अभिचारों को भी भस्म कर देता है।
हनुमान बजरंग बाण सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्रीरामचरितमानस / संकटमोचन परंपरा में वर्णित यह स्तुति पवनपुत्र भगवान हनुमान के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
हनुमान बंदी मोचन स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सुदर्शन संहिता व पुराण परंपरा में वर्णित यह स्तुति पवनपुत्र भगवान हनुमान के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
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स्तोत्र शब्द की उत्पत्ति संस्कृत की 'स्तु' धातु से हुई है, जिसका अर्थ है स्तुति अथवा प्रशंसा करना। यह भगवान के गुण, रूप, लीला और सामर्थ्य का छंदोबद्ध काव्यात्मक गुणगान होता है।
मंत्र ध्वनि-विज्ञान और बीजाक्षरों पर आधारित होते हैं जिनके लिए गुरु-दीक्षा आवश्यक है। चालीसा अवधी/हिंदी में 40 चौपाइयों की सरल प्रार्थना है। जबकि स्तोत्र शास्त्रीय संस्कृत छंदों में बिना किसी कठोर तांत्रिक बंधन के सभी के लिए सुगम भक्ति-साधना है।
प्रातः काल स्नान कर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें। शुद्ध घी का दीपक जलाकर शांत और स्पष्ट वाणी में पाठ करें। पाठ के अंत में क्षमा प्रार्थना अवश्य करें।
स्तोत्र संस्कृत के 'स्तु' धातु से बना है, जिसका अर्थ है ईश्वर की महिमा, गुणों और स्वरूप की स्तुति करना। वेदों, पुराणों और तंत्र शास्त्रों में ऋषियों द्वारा रचित स्तोत्रों के पाठ से सकारात्मक ऊर्जा, ग्रह शांति, भय मुक्ति और मनोकामना सिद्धि प्राप्त होती है।
मंत्र में विशिष्ट बीजाक्षर और ध्वनि तरंगें होती हैं जिनके लिए कठोर गुरु दीक्षा और नियमों की आवश्यकता होती है। जबकि स्तोत्र भक्ति और प्रेम प्रधान स्तुतियां हैं, जिन्हें कोई भी साधक शुद्ध मन और श्रद्धा के साथ पाठ कर लाभ प्राप्त कर सकता है।
स्तोत्र पाठ के लिए प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) अथवा प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके शुद्ध घी का दीपक जलाकर पाठ करना सर्वाधिक फलदायी होता है।
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