श्लोक संख्या 1
॥ श्री ॥
मूल-मन्त्रः-
“ॐ ऐं क्लां क्लीं क्लूं ह्रां ह्रीं ह्रूंसः वं आपदुद्धारणाय अजामल-बद्धायलोकेश्वराय स्वर्णाकर्षण-भैरवाय ममदारिद्र्य-विद्वेषणायश्रींमहा-भैरवायनमः ।”
।। श्री मार्कण्डेय उवाच ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 1): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 2
॥ श्री ॥
भगवन् ! प्रमथाधीश ! शिव-तुल्य-पराक्रम ।
पूर्वमुक्तस्त्वयामन्त्रं, भैरवस्यमहात्मनः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 3
॥ श्री ॥
इदानींश्रोतुमिच्छामि, तस्यस्तोत्रमनुत्तमं ।
तत्केनोक्तंपुरास्तोत्रं, पठनात्तस्यकिंफलम् ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4
॥ श्री ॥
तत्सर्वंश्रोतुमिच्छामि, ब्रूहिमेनन्दिकेश्वर ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5
॥ श्री ॥
।। श्री नन्दिकेश्वर उवाच ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6
॥ श्री ॥
इदंब्रह्मन् ! महा-भाग, लोकानामुपकारक ।
स्तोत्रंवटुक-नाथस्य, दुर्लभंभुवन-त्रये ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7
॥ श्री ॥
सर्व-पाप-प्रशमनं, सर्व-सम्पत्ति-दायकम् ।
दारिद्र्य-शमनंपुंसामापदा-भय-हारकम् ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8
॥ श्री ॥
अष्टैश्वर्य-प्रदंनृणां, पराजय-विनाशनम् ।
महा-कान्ति-प्रदंचैव, सोम-सौन्दर्य-दायकम् ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 9
॥ श्री ॥
महा-कीर्ति-प्रदंस्तोत्रं, भैरवस्यमहात्मनः ।
नवक्तव्यंनिराचारे, हिपुत्रायचसर्वथा ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 9): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 10
॥ श्री ॥
शुचयेगुरु-भक्ताय, शुचयेऽपितपस्विने ।
महा-भैरव-भक्ताय, सेवितेनिर्धनायच ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 11
॥ श्री ॥
निज-भक्तायवक्तव्यमन्यथाशापमाप्नुयात् ।
स्तोत्रमेतत्भैरवस्य, ब्रह्म-विष्णु-शिवात्मनः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 12
॥ श्री ॥
श्रृणुष्वब्रूहितोब्रह्मन् ! सर्व-काम-प्रदायकम् ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 12): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
विनियोगः
॥ श्री ॥
विनियोगः-
सीधे हाथ में जल लेकर विनियोग पढ़कर जल भूमि पर छोड़ दे ।
ॐअस्यश्रीस्वर्णाकर्षण-भैरव-स्तोत्रस्यब्रह्माऋषिः, अनुष्टुप्छन्दः, श्रीस्वर्णाकर्षण-भैरव-देवता, ह्रींबीजं, क्लींशक्ति, सःकीलकम्, मम-सर्व-काम-सिद्धयर्थेपाठेविनियोगः ।
ध्यानः-
मन्दार-द्रुम-मूल-भाजिविजितेरत्नासनेसंस्थिते ।
दिव्यंचारुण-चञ्चुकाधर-रुचादेव्याकृतालिंगनः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक विनियोगः): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 13
॥ श्री ॥
भक्तेभ्यःकर-रत्न-पात्र-भरितंस्वर्णदधानोभृशम् ।
स्वर्णाकर्षण-भैरवोभवतुमेस्वर्गापवर्ग-प्रदः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 13): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 14
॥ श्री ॥
।। स्तोत्र-पाठ ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 14): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 15
॥ श्री ॥
ॐनमस्तेऽस्तुभैरवाय, ब्रह्म-विष्णु-शिवात्मने,
नमःत्रैलोक्य-वन्द्याय, वरदायपरात्मने ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 16
॥ श्री ॥
रत्न-सिंहासनस्थाय, दिव्याभरण-शोभिने ।
नमस्तेऽनेक-हस्ताय, ह्यनेक-शिरसेनमः ।
नमस्तेऽनेक-नेत्राय, ह्यनेक-विभवेनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 17
॥ श्री ॥
नमस्तेऽनेक-कण्ठाय, ह्यनेकान्तायतेनमः ।
नमोस्त्वनेकैश्वर्याय, ह्यनेक-दिव्य-तेजसे ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 18
॥ श्री ॥
अनेकायुध-युक्ताय, ह्यनेक-सुर-सेविने ।
अनेक-गुण-युक्ताय, महा-देवायतेनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 19
॥ श्री ॥
नमोदारिद्रय-कालाय, महा-सम्पत्-प्रदायिने ।
श्रीभैरवी-प्रयुक्ताय, त्रिलोकेशायतेनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 20
॥ श्री ॥
दिगम्बर ! नमस्तुभ्यं, दिगीशायनमोनमः ।
नमोऽस्तुदैत्य-कालाय, पाप-कालायतेनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 20): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 21
॥ श्री ॥
सर्वज्ञायनमस्तुभ्यं, नमस्तेदिव्य-चक्षुषे ।
अजितायनमस्तुभ्यं, जितामित्रायतेनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 21): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 22
॥ श्री ॥
नमस्तेरुद्र-पुत्राय, गण-नाथायतेनमः ।
नमस्तेवीर-वीराय, महा-वीरायतेनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 22): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 23
॥ श्री ॥
नमोऽस्त्वनन्त-वीर्याय, महा-घोरायतेनमः ।
नमस्तेघोर-घोराय, विश्व-घोरायतेनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 23): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 24
॥ श्री ॥
नमःउग्रायशान्ताय, भक्तेभ्यःशान्ति-दायिने ।
गुरवेसर्व-लोकानां, नमःप्रणव-रुपिणे ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 24): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 25
॥ श्री ॥
नमस्तेवाग्-भवाख्याय, दीर्घ-कामायतेनमः ।
नमस्तेकाम-राजाय, योषित्कामायतेनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 25): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 26
॥ श्री ॥
दीर्घ-माया-स्वरुपाय, महा-माया-पतेनमः ।
सृष्टि-माया-स्वरुपाय, विसर्गायसम्यायिने ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 26): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 27
॥ श्री ॥
रुद्र-लोकेश-पूज्याय, ह्यापदुद्धारणायच ।
नमोऽजामल-बद्धाय, सुवर्णाकर्षणायते ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 27): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 28
॥ श्री ॥
नमोनमोभैरवाय, महा-दारिद्रय-नाशिने ।
उन्मूलन-कर्मठाय, ह्यलक्ष्म्यासर्वदानमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 28): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 29
॥ श्री ॥
नमोलोक-त्रेशाय, स्वानन्द-निहितायते ।
नमःश्रीबीज-रुपाय, सर्व-काम-प्रदायिने ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 29): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 30
॥ श्री ॥
नमोमहा-भैरवाय, श्रीरुपायनमोनमः ।
धनाध्यक्ष ! नमस्तुभ्यं, शरण्यायनमोनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 30): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 31
॥ श्री ॥
नमःप्रसन्न-रुपाय, ह्यादि-देवायतेनमः ।
नमस्तेमन्त्र-रुपाय, नमस्तेरत्न-रुपिणे ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 31): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 32
॥ श्री ॥
नमस्तेस्वर्ण-रुपाय, सुवर्णायनमोनमः ।
नमःसुवर्ण-वर्णाय, महा-पुण्यायतेनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 32): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 33
॥ श्री ॥
नमःशुद्धायबुद्धाय, नमःसंसार-तारिणे ।
नमोदेवायगुह्याय, प्रबलायनमोनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 33): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 34
॥ श्री ॥
नमस्तेबल-रुपाय, परेषांबल-नाशिने ।
नमस्तेस्वर्ग-संस्थाय, नमोभूर्लोक-वासिने ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 34): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 35
॥ श्री ॥
नमःपाताल-वासाय, निराधारायतेनमः ।
नमोनमःस्वतन्त्राय, ह्यनन्तायनमोनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 35): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 36
॥ श्री ॥
द्वि-भुजायनमस्तुभ्यं, भुज-त्रय-सुशोभिने ।
नमोऽणिमादि-सिद्धाय, स्वर्ण-हस्तायतेनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 36): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 37
॥ श्री ॥
पूर्ण-चन्द्र-प्रतीकाश-वदनाम्भोज-शोभिने ।
नमस्तेस्वर्ण-रुपाय, स्वर्णालंकार-शोभिने ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 37): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 38
॥ श्री ॥
नमःस्वर्णाकर्षणाय, स्वर्णाभायचतेनमः ।
नमस्तेस्वर्ण-कण्ठाय, स्वर्णालंकार-धारिणे ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 38): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 39
॥ श्री ॥
स्वर्ण-सिंहासनस्थाय, स्वर्ण-पादायतेनमः ।
नमःस्वर्णाभ-पाराय, स्वर्ण-काञ्ची-सुशोभिने ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 39): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 40
॥ श्री ॥
नमस्तेस्वर्ण-जंघाय, भक्त-काम-दुघात्मने ।
नमस्तेस्वर्ण-भक्तानां, कल्प-वृक्ष-स्वरुपिणे ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 40): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 41
॥ श्री ॥
चिन्तामणि-स्वरुपाय, नमोब्रह्मादि-सेविने ।
कल्पद्रुमाधः-संस्थाय, बहु-स्वर्ण-प्रदायिने ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 41): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 42
॥ श्री ॥
भय-कालायभक्तेभ्यः, सर्वाभीष्ट-प्रदायिने ।
नमोहेमादि-कर्षाय, भैरवायनमोनमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 42): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 43
॥ श्री ॥
स्तवेनानेनसन्तुष्टो, भवलोकेश-भैरव ।
पश्यमांकरुणाविष्ट, शरणागत-वत्सल ।
श्रीभैरवधनाध्यक्ष, शरणंत्वांभजाम्यहम् ।
प्रसीदसकलान्कामान्, प्रयच्छममसर्वदा ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 43): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 44
॥ श्री ॥
।। फल-श्रुति ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 44): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 45
॥ श्री ॥
श्रीमहा-भैरवस्येदं, स्तोत्रसूक्तंसु-दुर्लभम् ।
मन्त्रात्मकंमहा-पुण्यं, सर्वैश्वर्य-प्रदायकम् ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 45): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 46
॥ श्री ॥
यःपठेन्नित्यमेकाग्रं, पातकैःसविमुच्यते ।
लभतेचामला-लक्ष्मीमष्टैश्वर्यमवाप्नुयात् ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 46): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 47
॥ श्री ॥
चिन्तामणिमवाप्नोति, धेनुंकल्पतरुंध्रुवम् ।
स्वर्ण-राशिमवाप्नोति, सिद्धिमेवसमानवः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 47): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 48
॥ श्री ॥
संध्याययःपठेत्स्तोत्र, दशावृत्त्यानरोत्तमैः ।
स्वप्नेश्रीभैरवस्तस्य, साक्षाद्भूतोजगद्-गुरुः ।
स्वर्ण-राशिददात्येव, तत्क्षणान्नास्तिसंशयः ।
सर्वदायःपठेत्स्तोत्रं, भैरवस्यमहात्मनः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 48): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 49
॥ श्री ॥
लोक-त्रयंवशीकुर्यात्, अचलांश्रियंचाप्नुयात् ।
नभयंलभतेक्वापि, विघ्न-भूतादि-सम्भव ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 49): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 50
॥ श्री ॥
म्रियन्तेशत्रवोऽवश्यमलक्ष्मी-नाशमाप्नुयात् ।
अक्षयंलभतेसौख्यं, सर्वदामानवोत्तमः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 50): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 51
॥ श्री ॥
अष्ट-पञ्चाशताणढ्यो, मन्त्र-राजःप्रकीर्तितः ।
दारिद्र्य-दुःख-शमनं, स्वर्णाकर्षण-कारकः ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 51): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 52
॥ श्री ॥
ययेनसंजपेत्धीमान्, स्तोत्रवाप्रपठेत्सदा ।
महा-भैरव-सायुज्यं, स्वान्त-कालेभवेद्ध्रुवं ।।
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक 52): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
समाप्ति
॥ श्री ॥
। इति स्वर्णाकर्षण भैरव स्तोत्र सम्पूर्णम्
हिंदी भावार्थ:
श्री सर्वाकर्षण भैरव स्तोत्र (श्लोक समाप्ति): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
🕉️
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