कुंजिका स्तोत्र सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। श्री दुर्गा सप्तशती / मार्कण्डेय पुराण में वर्णित यह स्तुति मां आद्याशक्ति जगदम्बा के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।
इस स्तोत्र साधना के साथ संबंधित चालीसा, आरती, पूजन विधि व आज का शुभ मुहूर्त पंचांग भी अवश्य देखें:
प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त अथवा संध्या काल में शुद्ध होकर शुक्रवार, मंगलवार, अष्टमी, नवरात्रि पर पाठ करना सर्वाधिक फलदायी माना गया है।
यह पाठ नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर आत्मबल, शांति, सुरक्षा और अभीष्ट फल प्रदान करता है।
प्रतिदिन प्रातः अपनी राशि का सटीक दैनिक राशिफल, आज का शुभ चौघड़िया व राहुकाल समय की सूचना सीधे अपने कंप्यूटर पर प्राप्त करें।