कुरुक्षेत्र के धर्मक्षेत्र में शरशय्या पर लेटे भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठिर को उपदेशित यह स्तोत्र भगवान विष्णु के 1000 पावन नामों का अद्भुत महामंत्र है, जो समस्त पापों और कष्टों को हर लेता है।
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प्रातः काल या संध्या काल में शुद्ध होकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके तुलसी माला - 1 पाठ पाठ करना सर्वोत्तम माना गया है।
यह पाठ नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर आत्मबल, शांति, सुरक्षा और अभीष्ट फल प्रदान करता है।
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