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BHAKTI KI SHAKTI
🔱 परमेश्वर व वैदिक ऋषि

गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं

गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं सनातन धर्म का अत्यंत पावन और चमत्कारी वैदिक स्तोत्र है। सनातन आगम व उपनिषद में वर्णित यह स्तुति परमेश्वर व वैदिक ऋषि के परम स्वरूप, अनुग्रह और संकटमोचक सामर्थ्य का गुणगान करती है।

रचयिता वैदिक महर्षि
स्रोत / ग्रन्थ सनातन आगम व उपनिषद
शुभ दिन / तिथि नित्य प्रातः, शुभ मुहूर्त
जप माला रुद्राक्ष अथवा तुलसी माला - 1 पाठ
श्लोक संख्या 1 ॥ श्री ॥
जजाप परमं जाप्यं प्राक्जन्मन्यनुशिक्षितम् ॥ १ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 1): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 2 ॥ श्री ॥
गजेन्द्र उवाच ॐ नमो भगवते तस्मै यत एतच्चिदात्मकम् । पुरुषायादिबीजाय परेशायाभीधीमहि ॥ २ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 3 ॥ श्री ॥
यस्मिन्निदं यतश्चेदं येनेदं य इदं स्वयम् । योऽस्मात्परस्माच्च परस्तं प्रपद्दे स्वयंभुवम् ॥ ३ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4 ॥ श्री ॥
यः स्वात्मनीदं निजमाययार्पितम् । क्वचिद्विभांतं क्व च तत्तिरोहितम् ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4 ॥ श्री ॥
अविद्धदृक् साक्ष्युभयम तदीक्षते । सआत्ममूलोऽवतु मां परात्पतरः ।। ४ ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5 ॥ श्री ॥
कालेन पंचत्वमितेषु कृत्स्नशो । लोकेषु पालेषु च सर्वहेतुषु ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5 ॥ श्री ॥
तमस्तदा ऽ ऽ सीद् गहनं गभीरम् । यस्तस्य पारे ऽ भिविराजते विभुः ॥ ५ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6 ॥ श्री ॥
न यस्य देवा ऋषयः पदं विदुः । जन्तुः पुनः कोऽर्हति गंतुमीरितुम् ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6 ॥ श्री ॥
यथा नटस्याकृतिभिर्विचेष्टतो । दुरत्ययानुक्रमणः स माऽवतु ॥ ६ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7 ॥ श्री ॥
दिदृक्षवो यस्य पदं सुमंगलम् । विमुक्तसंगा मुनयः सुसाधवः ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7 ॥ श्री ॥
चरंत्यलोकव्रतमव्रणं वने । भूतात्मभूतः सुह्रदः स मे गतिः ॥ ७ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8 ॥ श्री ॥
– गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्र न विद्यते यस्य च जन्म कर्म वा । न नामरुपे गुणदोष एव वा ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8 ॥ श्री ॥
तथापि लोकाप्ययसंभवाय यः । स्वमायया तान्यनुकालमृच्छति ॥ ८ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 9 ॥ श्री ॥
तस्मै नमः परेशाय ब्रह्मणेऽनन्तशक्तये । अरुपायोरुरुपाय नम आश्र्चर्य कर्मणे ॥ ९ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 9): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 10 ॥ श्री ॥
नम आत्मप्रदीपाय साक्षिणे परमात्मने । नमो गिरां विदूराय मनसश्चेतसामपि ॥ १० ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 11 ॥ श्री ॥
सत्त्वेन प्रतिलभ्याय नैष्कर्म्येण विपश्र्चिता । नमः कैवल्यनाथाय निर्वाणसुखसंविदे ॥ ११ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 12 ॥ श्री ॥
नमः शांताय घोराय मूढाय गुणधर्मिणे । निर्विशेषाय साम्याय नमो ज्ञानघनाय च ॥ १२ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 12): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 13 ॥ श्री ॥
क्षेत्रज्ञाय नमस्तुभ्यं सर्वाध्यक्षाय साक्षिणे । पुरुषायात्ममूलाय मूलप्रकृतये नमः ॥ १३ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 13): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 14 ॥ श्री ॥
सर्वेन्द्रियगुणद्रष्ट्रे सर्वप्रत्ययहेतवे । असताच्छाययोक्ताय सदाभासाय ते नमः ॥ १४ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 14): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 15 ॥ श्री ॥
नमो नमस्तेऽखिल कारणाय । निष्कारणायाद्भुत कारणाय ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 15 ॥ श्री ॥
सर्वागमाम्नायमहार्णवाय । नमोऽपवर्गाय परायणाय ॥ १५ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 16 ॥ श्री ॥
गुणारणिच्छन्नचिदूष्मपाय । तत्क्षोभ-विस्फूर्जितमानसाय ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 16 ॥ श्री ॥
नैष्कर्म्यभावेन विवर्जितागम । स्वयंप्रकाशाय नमस्करोमि ॥ १६ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 17 ॥ श्री ॥
मादृक्प्रपन्नपशुपाशविमोक्षणाय । मुक्ताय भुरिकरुणाय नमोऽलयाय ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 17 ॥ श्री ॥
स्वांशेनसर्वतनुभृत्मनसि-प्रतीत-प्रत्यग् । दृशे भगवते बृहते नमस्ते ॥ १७ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 18 ॥ श्री ॥
आत्मात्मजाप्तगृहवित्तजनेषु सक्तैः । दुष्प्रापणाय गुणसंगविवर्जिताय ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 18 ॥ श्री ॥
मुक्तात्मभिः स्वह्रदये परिभाविताय । ज्ञानात्मने भगवते नमः ईश्र्वराय ॥ १८ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 19 ॥ श्री ॥
यं धर्मकामार्थ-विमुक्तिकामाः । भजन्त इष्टां गतिमाप्नुवन्ति ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 19 ॥ श्री ॥
किंत्वाशिषो रात्यपि देहमव्ययम् । करोतु मेऽदभ्रदयो विमोक्षणम् ॥ १९ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 20 ॥ श्री ॥
एकांतिनो यस्य न कंचनार्थम् । वांछन्ति ये वै भगवत् प्रपन्नाः ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 20): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 20 ॥ श्री ॥
अत्यद्भुतं तच्चरितं सुमंगलम् । गायन्त आनन्द समुद्रमग्नाः ॥ २० ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 20): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 21 ॥ श्री ॥
तमक्षरं ब्रह्म परं परेशम् । अव्यक्तमाध्यात्मिकयोगगम्यम् ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 21): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 21 ॥ श्री ॥
अतीन्द्रियं सूक्ष्ममिवातिदूरम् । अनंतमाद्यं परिपूर्णमिडे ॥ २१ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 21): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 22 ॥ श्री ॥
यस्य ब्रह्मादयो देवा वेदा लोकाश्र्चराचराः । नामरुपविभेदेन फल्ग्व्या च कलया कृताः ॥ २२ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 22): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 23 ॥ श्री ॥
यथार्चिषोऽग्ने सवितुर्गभस्तयोः । निर्यान्ति संयान्त्यसकृत् स्वरोचिषः ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 23): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 23 ॥ श्री ॥
तथा यतोऽयं गुणसंप्रवाहो । बुद्धिर्मनः ख्रानि शरीरसर्गाः ॥ २३ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 23): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 24 ॥ श्री ॥
स वै न देवासुरमर्त्यतिर्यङ । न स्त्री न षंढो न पुमान् न जन्तुः ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 24): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 24 ॥ श्री ॥
नायं गुणः कर्म न सन्न चासन् । निषेधशेषो जयतादशेषः ॥ २४ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 24): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 25 ॥ श्री ॥
जिजी विषे नाहमियामुया किम् । अन्तर्बहिश्र्चावृतयेभयोन्या ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 25): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 25 ॥ श्री ॥
इच्छामि कालेन न यस्य विप्लवः । तस्यात्मलोकावरणस्य मोक्षम् ॥ २५ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 25): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 26 ॥ श्री ॥
सोऽहं विश्र्वसृजं विश्र्वमविश्र्वं विश्र्ववेदसम् । विश्र्वात्मानमजंब्रह्म प्रणतोऽस्मि परं पदम् ॥ २६ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 26): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 27 ॥ श्री ॥
योगरंधितकर्माणो ह्रदि योग-विभाविते । योगिनो यं प्रपश्यति योगेशं तं नतोऽस्म्यहम् ॥ २७ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 27): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 28 ॥ श्री ॥
नमो नमस्तुभ्यमसह्यवेग । शक्तित्रयायाखिलधीगुणाय ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 28): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 28 ॥ श्री ॥
प्रपन्नपालाय दुरन्तशक्तये । कदिन्द्रियाणामनवाप्यवर्त्मने ॥ २८ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 28): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 29 ॥ श्री ॥
नायं वेद स्वमात्मानं यच्छक्त्याहं धिया हतम् । तं दुरत्ययमाहात्म्यं भगवंतमितोऽस्म्यहम् ॥ २९ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 29): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 30 ॥ श्री ॥
श्रीशुक उवाच एवं गजेन्द्र मुपवर्णितनिर्विशेषम् । ब्रह्मादयो विविधलिंग भिदाभिमानाः ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 30): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 30 ॥ श्री ॥
नैते यदोपससृपुनिंखिलात्मकत्वात् । तत्राखिलामरमयो हरिराविरासीत् ॥ ३० ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 30): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 31 ॥ श्री ॥
तं तद्वदार्तमुपलभ्य जगन्निवासः । स्तोत्रं निशम्य दिविजै सह संस्तुवद्भिः ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 31): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 31 ॥ श्री ॥
छंदोमयेन गरुडेन समुह्यमानः । चक्रायुधोऽभ्यगमदाशु यतो गजेन्द्रः ॥ ३१ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 31): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 32 ॥ श्री ॥
सोऽन्तः सरस्युरुबलेन गृहीत आर्तो । दृष्टवा गरुत्मति हरिं ख उपात्तचक्रम् ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 32): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 32 ॥ श्री ॥
उत्क्षिप्य साम्बुजकरं गिरमाह कृच्छ्रात् । नारायणाखिलगुरो भगवन् नमस्ते ॥ ३२ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 32): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 33 ॥ श्री ॥
तं वीक्ष्य पीडितमजः सहसावतीर्य । सग्राहमाशु सरसः कृपायोज्जहार ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 33): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 33 ॥ श्री ॥
ग्राहाद् विपाटितमुखादरिणा गजेन्द्रम् । संपश्यतां हरिरमूमुचदुस्त्रियाणाम् ॥ ३३ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 33): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 34 ॥ श्री ॥
योऽसौ ग्राहः स वै सद्यः परमाश्र्चर्य रुपधृक् । मुक्तो देवलशापेन हुहु-गंधर्व सत्तमः ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 34): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 34 ॥ श्री ॥
सोऽनुकंपित ईशेन परिक्रम्य प्रणम्य तम् । लोकस्य पश्यतो लोकं स्वमगान्मुक्त-किल्बिषः ॥ ३४ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 34): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 35 ॥ श्री ॥
गजेन्द्रो भगवत्स्पर्शाद् विमुक्तोऽज्ञानबंधनात् । प्राप्तो भगवतो रुपं पीतवासाश्र्चतुर्भुजः ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 35): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 35 ॥ श्री ॥
एवं विमोक्ष्य गजयुथपमब्जनाभः । स्तेनापि पार्षदगति गमितेन युक्तः ॥ ३५ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 35): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 36 ॥ श्री ॥
गंधर्वसिद्धविबुधैरुपगीयमान । कर्माभ्दुतं स्वभवनं गरुडासनोऽगात् ॥ ३६ ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 36): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
समाप्ति ॥ श्री ॥
॥ इति श्रीमद् भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां अष्टमस्कन्धे गजेंन्द्रमोक्षणे तृतीयोऽध्यायः ॥
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक समाप्ति): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 1 ॥ श्री ॥
evam vyavasito buddhya samadhay mano hradi । jajap paramam japyam prakjanmanyanushikshitam ।। 1 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 1): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 2 ॥ श्री ॥
om namo bhagavate tasmai yat etachidatmakam । purushayadibijay pareshayaabheedhimahi ।। 2 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 3 ॥ श्री ॥
yasminnidam yataschedam yenedam ya idam svayam । yo̕smatparasmach parastam prapadde svayambhuvam ।। 3 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4 ॥ श्री ॥
yah svatmaneedam nijamayayaarpitam । kvachidvibhantam kva ch tatirohitam ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4 ॥ श्री ॥
aviddhadruk sakshyubhayam tadikshate । saatmamulo̕vatu maam paratpatarah ।। 4 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5 ॥ श्री ॥
kalen panchatvamiteshu krutsnasho । lokeshu paleshu ch sarvahetushu ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5 ॥ श्री ॥
tamastada ̕ ̕ sid gahanam gabhiram । yastasya pare ̕ bhivirajate vibhuh ।। 5 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6 ॥ श्री ॥
na yasya deva rishayah padam viduh । jantuh punah ko̕rhati gantumeeritum ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6 ॥ श्री ॥
yatha natasyakrutibhirvicheshtato । duratyayanukramanah sa maa̕vatu ।। 6 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7 ॥ श्री ॥
didrukshavo yasya padam sumangalam । vimuktasanga munayah susadhavah ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7 ॥ श्री ॥
charantyalokavratamavranam vane । bhutatmabhutah suhradah sa me gatih ।। 7 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8 ॥ श्री ॥
na vidyate yasya ch janm karm va । na namarupe gunadosh eva va ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8 ॥ श्री ॥
tathapi lokaapyayasambhavay yah । svamayaya tanyanukalamruchati ।। 8 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 9 ॥ श्री ॥
tasmai namah pareshay bramane̕nantashaktaye । arupayorurupay nam aashrcharya karmane ।। 9 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 9): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 10 ॥ श्री ॥
nam aatmapradipay sakshine paramatmane । namo giram viduray manasaschetasamapi ।। 10 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 11 ॥ श्री ॥
sattven pratilabhyay naishkarmyen vipashrchita । namah kaivalyanathay nirvanasukhasamvide ।। 11 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 12 ॥ श्री ॥
namah shantaay ghoray mudhay gunadharmine । nirvisheshay samyay namo dnyanaghanay ch ।। 12 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 12): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 13 ॥ श्री ॥
kshetragnyay namastubhyam sarvaadhyakshay sakshine । purushayatmamulay mulprakrutaye namah ।। 13 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 13): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 14 ॥ श्री ॥
sarvendriyagunadrashtre sarvapratyayahetave । asatachayayoktay sadabhasay te namah ।। 14 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 14): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 15 ॥ श्री ॥
namo namaste̕khil karanay । nishkaranayadbhut karanay ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 15 ॥ श्री ॥
sarvagamaamnayamaharnavay । namo̕pavargay parayanay ।। 15 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 16 ॥ श्री ॥
gunaranicchhannachidushmapay । takshobha-visphoorjitamanasay ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 16 ॥ श्री ॥
naishkarmyabhaven vivarjitagam । svayamprakashay namaskaromi ।। 16 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 17 ॥ श्री ॥
madrukprapannapashupashavimokshanay । muktay bhurikarunay namo̕layay ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 17 ॥ श्री ॥
svanshenasarvatanubhrutmansi-pratit-pratyag । drshe bhagavate bruhate namaste ।। 17 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 18 ॥ श्री ॥
aatmatmajaptagruhavittajaneshu saktaih । dusprapanay gunasangavivarjitay ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 18 ॥ श्री ॥
muktatmabhih svahradaye paribhavitay । dnyanatmane bhagavate namah ishrvaray ।। 18 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 19 ॥ श्री ॥
yam dharmakamarth-vimuktikamah । bhajant ishtam gatimapnuvanti ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 19 ॥ श्री ॥
kintvashisho ratyapi dehamavyayam । karotu me̕dabhradayo vimokshanam ।। 19 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 20 ॥ श्री ॥
ekantino yasya na kanchanartham । vanghhanti ye vai bhagavat prapannah ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 20): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 20 ॥ श्री ॥
atyadbhutam tacharitam sumangalam । gayant anand samudramagnah ।। 20 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 20): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 21 ॥ श्री ॥
tamaksharam bram param paresham । avyaktamadhyatmikayogagamyam ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 21): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 21 ॥ श्री ॥
atindriyam sukshmamivatiduram । anantamadyam paripurnamide ।। 21 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 21): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 22 ॥ श्री ॥
yasya bramadayo deva veda lokashrcharacharah । namarupavibheden falgvya ch kalaya krutah ।। 22 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 22): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 23 ॥ श्री ॥
yatharchisho̕gne saviturgabhastayoh । niryanti sanyaantyaskrut svarochishah ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 23): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 23 ॥ श्री ॥
tatha yato̕yam gunasampravaho । buddhirmanah khrani sharirasargah ।। 23 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 23): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 24 ॥ श्री ॥
sa vai na devasuramartyatiryang । na stri na shandho na puman na jantuh ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 24): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 24 ॥ श्री ॥
nayam gunah karm na sann chasan । nishedhashesho jayatadasheshah ।। 24 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 24): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 25 ॥ श्री ॥
jiji vishe nahamiyamuya kim । antarbahishrchavrutayebhayonya ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 25): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 25 ॥ श्री ॥
ichami kalen na yasya viplavah । tasyatmalokaavaranasya moksham ।। 25 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 25): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 26 ॥ श्री ॥
so̕ham vishrvasrijam vishrvamvishrvam vishrvavedasam । vishrvatmanamajambram pranato̕smi param padam ।। 26 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 26): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 27 ॥ श्री ॥
yogarandhitakarmano hradi yog-vibhavite । yogino yam prapashyati yogesham tam nato̕smyaham ।। 27 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 27): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 28 ॥ श्री ॥
namo namastubhyamasahyaveg । shaktitrayayakhildheegunay ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 28): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 28 ॥ श्री ॥
prapannapalay durantashaktaye । kadindriyanamanavapyavartmane ।। 28 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 28): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 29 ॥ श्री ॥
nayam ved svamatmanam yacchhaktyaham dhiya hatam । tam duratyayamahatmyam bhagavantamito̕smyaham ।। 29 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 29): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 30 ॥ श्री ॥
evam gajendra mupavarnitanirvishesham । bramadayo vividhaling bhidabhimanah ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 30): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 30 ॥ श्री ॥
naite yadopasasripuninkhilatmakatvat । tatrakhilamaramayo hariravirasit ।। 30 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 30): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 31 ॥ श्री ॥
tam tadvadartamupalabhya jagannivasah । stotram nishamya divijai sah sanstuvadbhih ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 31): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 31 ॥ श्री ॥
chhandomayen garuden samuhyamanah । chakrayudho̕bhyagamadashu yato gajendrah ।। 31 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 31): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 32 ॥ श्री ॥
so̕ntah sarasyurubalen grihit aarto । drushtava garutmati harim kh upattachakram ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 32): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 32 ॥ श्री ॥
utkshipya sambujakaram giramah krichrat । narayanaakhilaguro bhagavan namaste ।। 32 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 32): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 33 ॥ श्री ॥
tam vikshya piditamajah sahasavatirya । sagrahamaashu sarasah krupayojjahar ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 33): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 33 ॥ श्री ॥
grahad vipatitamukhaadarina gajendram । sampashyatam hariramumuchadustriyanam ।। 33 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 33): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 34 ॥ श्री ॥
yo̕sau grahah sa vai sadyah paramakcharya rupdhruk । mukto devalashapen huhu-gandharva sattamah ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 34): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 34 ॥ श्री ॥
so̕nukampit ishen parikramya pranamya tam । lokasya pashyato lokam svamaganmukt-kilbishah ।। 34 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 34): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 35 ॥ श्री ॥
gajendro bhagavatsparshaad vimukto̕dnyanabandhanat । prapto bhagavato rupam pitvasashrchaturbhujah ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 35): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 35 ॥ श्री ॥
evam vimokshya gajayuthapamabjanabhah । stenaapi parshadagati gamiten yuktah ।। 35 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 35): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 36 ॥ श्री ॥
gandharvasiddhavibudhairupagiyaman । karmabhdutam svabhavanam garudasano̕gat ।। 36 ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 36): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 37 ॥ श्री ॥
।। iti shrimad bhagavate mahapurane paramahansyam sanhitayam ashtamaskandhe gajenndramokshane trutiyo̕dhyayah ।।
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 37): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 38 ॥ श्री ॥
आरती चालीसा स्तुतियाँ सूक्तम् अष्टकम् सहस्त्रनाम सूर्य स्तोत्रम् चन्द्र स्तोत्रम् मंगल स्तोत्रम् बुध स्तोत्रम् बृहस्पति स्तोत्रम् शुक्र स्तोत्रम् शनि स्तोत्रम् राहू स्तोत्रम् केतु स्तोत्रम् नवग्रह स्तोत्रम्
हिंदी भावार्थ: गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 38): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
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संबंधित चालीसा, आरती, पूजन एवं पंचांग

इस स्तोत्र साधना के साथ संबंधित चालीसा, आरती, पूजन विधि व आज का शुभ मुहूर्त पंचांग भी अवश्य देखें:

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पाठ की दिव्य फलश्रुति व लाभ

  • ✓ परमेश्वर व वैदिक ऋषि की अविरल कृपा, सुरक्षा और आत्मबल की प्राप्ति
  • ✓ अज्ञात भय, मानसिक तनाव, कलह और गृह दोषों का निवारण
  • ✓ कार्यक्षेत्र, व्यापार और विद्या में आने वाले विघ्नों पर विजय
  • ✓ नित्य पाठ से सकारात्मक ऊर्जा, सुख, शांति और सौभाग्य में वृद्धि
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स्तोत्र पाठ विधि एवं नियम

1
शुद्धि व स्नान
प्रातः काल स्नानोपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2
आसन व दीप
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं।
3
ध्यान व अर्पण
परमेश्वर व वैदिक ऋषि का ध्यान कर पुष्प, चंदन, अक्षत और नैवेद्य अर्पित करें।
4
संकल्प व पाठ
हाथ में जल और अक्षत लेकर अपने मनोरथ का संकल्प करें और शांत मन से स्तोत्र का पाठ करें।
5
क्षमा प्रार्थना व समर्पण
पाठ उपरांत अज्ञानतावश हुई त्रुटियों के लिए क्षमा मांगें और आरती करें।
❓

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं का पाठ कब करना चाहिए? ▼

प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त अथवा संध्या काल में शुद्ध होकर नित्य प्रातः, शुभ मुहूर्त पर पाठ करना सर्वाधिक फलदायी माना गया है।

इस स्तोत्र के मुख्य लाभ क्या हैं? ▼

यह पाठ नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर आत्मबल, शांति, सुरक्षा और अभीष्ट फल प्रदान करता है।