श्लोक संख्या 1
॥ श्री ॥
जजाप परमं जाप्यं प्राक्जन्मन्यनुशिक्षितम् ॥ १ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 1): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 2
॥ श्री ॥
गजेन्द्र उवाच
ॐ नमो भगवते तस्मै यत एतच्चिदात्मकम् ।
पुरुषायादिबीजाय परेशायाभीधीमहि ॥ २ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 3
॥ श्री ॥
यस्मिन्निदं यतश्चेदं येनेदं य इदं स्वयम् ।
योऽस्मात्परस्माच्च परस्तं प्रपद्दे स्वयंभुवम् ॥ ३ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4
॥ श्री ॥
यः स्वात्मनीदं निजमाययार्पितम् ।
क्वचिद्विभांतं क्व च तत्तिरोहितम् ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4
॥ श्री ॥
अविद्धदृक् साक्ष्युभयम तदीक्षते ।
सआत्ममूलोऽवतु मां परात्पतरः ।। ४ ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5
॥ श्री ॥
कालेन पंचत्वमितेषु कृत्स्नशो ।
लोकेषु पालेषु च सर्वहेतुषु ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5
॥ श्री ॥
तमस्तदा ऽ ऽ सीद् गहनं गभीरम् ।
यस्तस्य पारे ऽ भिविराजते विभुः ॥ ५ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6
॥ श्री ॥
न यस्य देवा ऋषयः पदं विदुः ।
जन्तुः पुनः कोऽर्हति गंतुमीरितुम् ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6
॥ श्री ॥
यथा नटस्याकृतिभिर्विचेष्टतो ।
दुरत्ययानुक्रमणः स माऽवतु ॥ ६ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7
॥ श्री ॥
दिदृक्षवो यस्य पदं सुमंगलम् ।
विमुक्तसंगा मुनयः सुसाधवः ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7
॥ श्री ॥
चरंत्यलोकव्रतमव्रणं वने ।
भूतात्मभूतः सुह्रदः स मे गतिः ॥ ७ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8
॥ श्री ॥
– गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्र
न विद्यते यस्य च जन्म कर्म वा ।
न नामरुपे गुणदोष एव वा ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8
॥ श्री ॥
तथापि लोकाप्ययसंभवाय यः ।
स्वमायया तान्यनुकालमृच्छति ॥ ८ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 9
॥ श्री ॥
तस्मै नमः परेशाय ब्रह्मणेऽनन्तशक्तये ।
अरुपायोरुरुपाय नम आश्र्चर्य कर्मणे ॥ ९ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 9): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 10
॥ श्री ॥
नम आत्मप्रदीपाय साक्षिणे परमात्मने ।
नमो गिरां विदूराय मनसश्चेतसामपि ॥ १० ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 11
॥ श्री ॥
सत्त्वेन प्रतिलभ्याय नैष्कर्म्येण विपश्र्चिता ।
नमः कैवल्यनाथाय निर्वाणसुखसंविदे ॥ ११ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 12
॥ श्री ॥
नमः शांताय घोराय मूढाय गुणधर्मिणे ।
निर्विशेषाय साम्याय नमो ज्ञानघनाय च ॥ १२ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 12): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 13
॥ श्री ॥
क्षेत्रज्ञाय नमस्तुभ्यं सर्वाध्यक्षाय साक्षिणे ।
पुरुषायात्ममूलाय मूलप्रकृतये नमः ॥ १३ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 13): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 14
॥ श्री ॥
सर्वेन्द्रियगुणद्रष्ट्रे सर्वप्रत्ययहेतवे ।
असताच्छाययोक्ताय सदाभासाय ते नमः ॥ १४ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 14): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 15
॥ श्री ॥
नमो नमस्तेऽखिल कारणाय ।
निष्कारणायाद्भुत कारणाय ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 15
॥ श्री ॥
सर्वागमाम्नायमहार्णवाय ।
नमोऽपवर्गाय परायणाय ॥ १५ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 16
॥ श्री ॥
गुणारणिच्छन्नचिदूष्मपाय ।
तत्क्षोभ-विस्फूर्जितमानसाय ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 16
॥ श्री ॥
नैष्कर्म्यभावेन विवर्जितागम ।
स्वयंप्रकाशाय नमस्करोमि ॥ १६ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 17
॥ श्री ॥
मादृक्प्रपन्नपशुपाशविमोक्षणाय ।
मुक्ताय भुरिकरुणाय नमोऽलयाय ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 17
॥ श्री ॥
स्वांशेनसर्वतनुभृत्मनसि-प्रतीत-प्रत्यग् ।
दृशे भगवते बृहते नमस्ते ॥ १७ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 18
॥ श्री ॥
आत्मात्मजाप्तगृहवित्तजनेषु सक्तैः ।
दुष्प्रापणाय गुणसंगविवर्जिताय ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 18
॥ श्री ॥
मुक्तात्मभिः स्वह्रदये परिभाविताय ।
ज्ञानात्मने भगवते नमः ईश्र्वराय ॥ १८ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 19
॥ श्री ॥
यं धर्मकामार्थ-विमुक्तिकामाः ।
भजन्त इष्टां गतिमाप्नुवन्ति ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 19
॥ श्री ॥
किंत्वाशिषो रात्यपि देहमव्ययम् ।
करोतु मेऽदभ्रदयो विमोक्षणम् ॥ १९ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 20
॥ श्री ॥
एकांतिनो यस्य न कंचनार्थम् ।
वांछन्ति ये वै भगवत् प्रपन्नाः ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 20): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 20
॥ श्री ॥
अत्यद्भुतं तच्चरितं सुमंगलम् ।
गायन्त आनन्द समुद्रमग्नाः ॥ २० ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 20): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 21
॥ श्री ॥
तमक्षरं ब्रह्म परं परेशम् ।
अव्यक्तमाध्यात्मिकयोगगम्यम् ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 21): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 21
॥ श्री ॥
अतीन्द्रियं सूक्ष्ममिवातिदूरम् ।
अनंतमाद्यं परिपूर्णमिडे ॥ २१ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 21): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 22
॥ श्री ॥
यस्य ब्रह्मादयो देवा वेदा लोकाश्र्चराचराः ।
नामरुपविभेदेन फल्ग्व्या च कलया कृताः ॥ २२ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 22): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 23
॥ श्री ॥
यथार्चिषोऽग्ने सवितुर्गभस्तयोः ।
निर्यान्ति संयान्त्यसकृत् स्वरोचिषः ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 23): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 23
॥ श्री ॥
तथा यतोऽयं गुणसंप्रवाहो ।
बुद्धिर्मनः ख्रानि शरीरसर्गाः ॥ २३ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 23): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 24
॥ श्री ॥
स वै न देवासुरमर्त्यतिर्यङ ।
न स्त्री न षंढो न पुमान् न जन्तुः ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 24): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 24
॥ श्री ॥
नायं गुणः कर्म न सन्न चासन् ।
निषेधशेषो जयतादशेषः ॥ २४ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 24): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 25
॥ श्री ॥
जिजी विषे नाहमियामुया किम् ।
अन्तर्बहिश्र्चावृतयेभयोन्या ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 25): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 25
॥ श्री ॥
इच्छामि कालेन न यस्य विप्लवः ।
तस्यात्मलोकावरणस्य मोक्षम् ॥ २५ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 25): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 26
॥ श्री ॥
सोऽहं विश्र्वसृजं विश्र्वमविश्र्वं विश्र्ववेदसम् ।
विश्र्वात्मानमजंब्रह्म प्रणतोऽस्मि परं पदम् ॥ २६ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 26): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 27
॥ श्री ॥
योगरंधितकर्माणो ह्रदि योग-विभाविते ।
योगिनो यं प्रपश्यति योगेशं तं नतोऽस्म्यहम् ॥ २७ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 27): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 28
॥ श्री ॥
नमो नमस्तुभ्यमसह्यवेग ।
शक्तित्रयायाखिलधीगुणाय ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 28): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 28
॥ श्री ॥
प्रपन्नपालाय दुरन्तशक्तये ।
कदिन्द्रियाणामनवाप्यवर्त्मने ॥ २८ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 28): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 29
॥ श्री ॥
नायं वेद स्वमात्मानं यच्छक्त्याहं धिया हतम् ।
तं दुरत्ययमाहात्म्यं भगवंतमितोऽस्म्यहम् ॥ २९ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 29): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 30
॥ श्री ॥
श्रीशुक उवाच
एवं गजेन्द्र मुपवर्णितनिर्विशेषम् ।
ब्रह्मादयो विविधलिंग भिदाभिमानाः ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 30): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 30
॥ श्री ॥
नैते यदोपससृपुनिंखिलात्मकत्वात् ।
तत्राखिलामरमयो हरिराविरासीत् ॥ ३० ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 30): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 31
॥ श्री ॥
तं तद्वदार्तमुपलभ्य जगन्निवासः ।
स्तोत्रं निशम्य दिविजै सह संस्तुवद्भिः ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 31): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 31
॥ श्री ॥
छंदोमयेन गरुडेन समुह्यमानः ।
चक्रायुधोऽभ्यगमदाशु यतो गजेन्द्रः ॥ ३१ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 31): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 32
॥ श्री ॥
सोऽन्तः सरस्युरुबलेन गृहीत आर्तो ।
दृष्टवा गरुत्मति हरिं ख उपात्तचक्रम् ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 32): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 32
॥ श्री ॥
उत्क्षिप्य साम्बुजकरं गिरमाह कृच्छ्रात् ।
नारायणाखिलगुरो भगवन् नमस्ते ॥ ३२ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 32): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 33
॥ श्री ॥
तं वीक्ष्य पीडितमजः सहसावतीर्य ।
सग्राहमाशु सरसः कृपायोज्जहार ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 33): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 33
॥ श्री ॥
ग्राहाद् विपाटितमुखादरिणा गजेन्द्रम् ।
संपश्यतां हरिरमूमुचदुस्त्रियाणाम् ॥ ३३ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 33): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 34
॥ श्री ॥
योऽसौ ग्राहः स वै सद्यः परमाश्र्चर्य रुपधृक् ।
मुक्तो देवलशापेन हुहु-गंधर्व सत्तमः ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 34): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 34
॥ श्री ॥
सोऽनुकंपित ईशेन परिक्रम्य प्रणम्य तम् ।
लोकस्य पश्यतो लोकं स्वमगान्मुक्त-किल्बिषः ॥ ३४ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 34): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 35
॥ श्री ॥
गजेन्द्रो भगवत्स्पर्शाद् विमुक्तोऽज्ञानबंधनात् ।
प्राप्तो भगवतो रुपं पीतवासाश्र्चतुर्भुजः ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 35): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 35
॥ श्री ॥
एवं विमोक्ष्य गजयुथपमब्जनाभः ।
स्तेनापि पार्षदगति गमितेन युक्तः ॥ ३५ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 35): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 36
॥ श्री ॥
गंधर्वसिद्धविबुधैरुपगीयमान ।
कर्माभ्दुतं स्वभवनं गरुडासनोऽगात् ॥ ३६ ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 36): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
समाप्ति
॥ श्री ॥
॥ इति श्रीमद् भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां अष्टमस्कन्धे गजेंन्द्रमोक्षणे तृतीयोऽध्यायः ॥
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक समाप्ति): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 1
॥ श्री ॥
evam vyavasito buddhya samadhay mano hradi ।
jajap paramam japyam prakjanmanyanushikshitam ।। 1 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 1): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 2
॥ श्री ॥
om namo bhagavate tasmai yat etachidatmakam ।
purushayadibijay pareshayaabheedhimahi ।। 2 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 3
॥ श्री ॥
yasminnidam yataschedam yenedam ya idam svayam ।
yo̕smatparasmach parastam prapadde svayambhuvam ।। 3 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4
॥ श्री ॥
yah svatmaneedam nijamayayaarpitam ।
kvachidvibhantam kva ch tatirohitam ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 4
॥ श्री ॥
aviddhadruk sakshyubhayam tadikshate ।
saatmamulo̕vatu maam paratpatarah ।। 4 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5
॥ श्री ॥
kalen panchatvamiteshu krutsnasho ।
lokeshu paleshu ch sarvahetushu ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 5
॥ श्री ॥
tamastada ̕ ̕ sid gahanam gabhiram ।
yastasya pare ̕ bhivirajate vibhuh ।। 5 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6
॥ श्री ॥
na yasya deva rishayah padam viduh ।
jantuh punah ko̕rhati gantumeeritum ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 6
॥ श्री ॥
yatha natasyakrutibhirvicheshtato ।
duratyayanukramanah sa maa̕vatu ।। 6 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7
॥ श्री ॥
didrukshavo yasya padam sumangalam ।
vimuktasanga munayah susadhavah ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 7
॥ श्री ॥
charantyalokavratamavranam vane ।
bhutatmabhutah suhradah sa me gatih ।। 7 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8
॥ श्री ॥
na vidyate yasya ch janm karm va ।
na namarupe gunadosh eva va ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 8
॥ श्री ॥
tathapi lokaapyayasambhavay yah ।
svamayaya tanyanukalamruchati ।। 8 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 9
॥ श्री ॥
tasmai namah pareshay bramane̕nantashaktaye ।
arupayorurupay nam aashrcharya karmane ।। 9 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 9): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 10
॥ श्री ॥
nam aatmapradipay sakshine paramatmane ।
namo giram viduray manasaschetasamapi ।। 10 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 11
॥ श्री ॥
sattven pratilabhyay naishkarmyen vipashrchita ।
namah kaivalyanathay nirvanasukhasamvide ।। 11 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 12
॥ श्री ॥
namah shantaay ghoray mudhay gunadharmine ।
nirvisheshay samyay namo dnyanaghanay ch ।। 12 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 12): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 13
॥ श्री ॥
kshetragnyay namastubhyam sarvaadhyakshay sakshine ।
purushayatmamulay mulprakrutaye namah ।। 13 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 13): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 14
॥ श्री ॥
sarvendriyagunadrashtre sarvapratyayahetave ।
asatachayayoktay sadabhasay te namah ।। 14 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 14): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 15
॥ श्री ॥
namo namaste̕khil karanay ।
nishkaranayadbhut karanay ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 15
॥ श्री ॥
sarvagamaamnayamaharnavay ।
namo̕pavargay parayanay ।। 15 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 16
॥ श्री ॥
gunaranicchhannachidushmapay ।
takshobha-visphoorjitamanasay ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 16
॥ श्री ॥
naishkarmyabhaven vivarjitagam ।
svayamprakashay namaskaromi ।। 16 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 17
॥ श्री ॥
madrukprapannapashupashavimokshanay ।
muktay bhurikarunay namo̕layay ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 17
॥ श्री ॥
svanshenasarvatanubhrutmansi-pratit-pratyag ।
drshe bhagavate bruhate namaste ।। 17 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 18
॥ श्री ॥
aatmatmajaptagruhavittajaneshu saktaih ।
dusprapanay gunasangavivarjitay ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 18
॥ श्री ॥
muktatmabhih svahradaye paribhavitay ।
dnyanatmane bhagavate namah ishrvaray ।। 18 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 19
॥ श्री ॥
yam dharmakamarth-vimuktikamah ।
bhajant ishtam gatimapnuvanti ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 19
॥ श्री ॥
kintvashisho ratyapi dehamavyayam ।
karotu me̕dabhradayo vimokshanam ।। 19 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 20
॥ श्री ॥
ekantino yasya na kanchanartham ।
vanghhanti ye vai bhagavat prapannah ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 20): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 20
॥ श्री ॥
atyadbhutam tacharitam sumangalam ।
gayant anand samudramagnah ।। 20 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 20): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 21
॥ श्री ॥
tamaksharam bram param paresham ।
avyaktamadhyatmikayogagamyam ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 21): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 21
॥ श्री ॥
atindriyam sukshmamivatiduram ।
anantamadyam paripurnamide ।। 21 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 21): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 22
॥ श्री ॥
yasya bramadayo deva veda lokashrcharacharah ।
namarupavibheden falgvya ch kalaya krutah ।। 22 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 22): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 23
॥ श्री ॥
yatharchisho̕gne saviturgabhastayoh ।
niryanti sanyaantyaskrut svarochishah ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 23): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 23
॥ श्री ॥
tatha yato̕yam gunasampravaho ।
buddhirmanah khrani sharirasargah ।। 23 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 23): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 24
॥ श्री ॥
sa vai na devasuramartyatiryang ।
na stri na shandho na puman na jantuh ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 24): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 24
॥ श्री ॥
nayam gunah karm na sann chasan ।
nishedhashesho jayatadasheshah ।। 24 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 24): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 25
॥ श्री ॥
jiji vishe nahamiyamuya kim ।
antarbahishrchavrutayebhayonya ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 25): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 25
॥ श्री ॥
ichami kalen na yasya viplavah ।
tasyatmalokaavaranasya moksham ।। 25 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 25): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 26
॥ श्री ॥
so̕ham vishrvasrijam vishrvamvishrvam vishrvavedasam ।
vishrvatmanamajambram pranato̕smi param padam ।। 26 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 26): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 27
॥ श्री ॥
yogarandhitakarmano hradi yog-vibhavite ।
yogino yam prapashyati yogesham tam nato̕smyaham ।। 27 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 27): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 28
॥ श्री ॥
namo namastubhyamasahyaveg ।
shaktitrayayakhildheegunay ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 28): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 28
॥ श्री ॥
prapannapalay durantashaktaye ।
kadindriyanamanavapyavartmane ।। 28 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 28): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 29
॥ श्री ॥
nayam ved svamatmanam yacchhaktyaham dhiya hatam ।
tam duratyayamahatmyam bhagavantamito̕smyaham ।। 29 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 29): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 30
॥ श्री ॥
evam gajendra mupavarnitanirvishesham ।
bramadayo vividhaling bhidabhimanah ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 30): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 30
॥ श्री ॥
naite yadopasasripuninkhilatmakatvat ।
tatrakhilamaramayo hariravirasit ।। 30 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 30): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 31
॥ श्री ॥
tam tadvadartamupalabhya jagannivasah ।
stotram nishamya divijai sah sanstuvadbhih ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 31): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 31
॥ श्री ॥
chhandomayen garuden samuhyamanah ।
chakrayudho̕bhyagamadashu yato gajendrah ।। 31 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 31): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 32
॥ श्री ॥
so̕ntah sarasyurubalen grihit aarto ।
drushtava garutmati harim kh upattachakram ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 32): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 32
॥ श्री ॥
utkshipya sambujakaram giramah krichrat ।
narayanaakhilaguro bhagavan namaste ।। 32 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 32): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 33
॥ श्री ॥
tam vikshya piditamajah sahasavatirya ।
sagrahamaashu sarasah krupayojjahar ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 33): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 33
॥ श्री ॥
grahad vipatitamukhaadarina gajendram ।
sampashyatam hariramumuchadustriyanam ।। 33 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 33): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 34
॥ श्री ॥
yo̕sau grahah sa vai sadyah paramakcharya rupdhruk ।
mukto devalashapen huhu-gandharva sattamah ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 34): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 34
॥ श्री ॥
so̕nukampit ishen parikramya pranamya tam ।
lokasya pashyato lokam svamaganmukt-kilbishah ।। 34 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 34): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 35
॥ श्री ॥
gajendro bhagavatsparshaad vimukto̕dnyanabandhanat ।
prapto bhagavato rupam pitvasashrchaturbhujah ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 35): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 35
॥ श्री ॥
evam vimokshya gajayuthapamabjanabhah ।
stenaapi parshadagati gamiten yuktah ।। 35 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 35): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 36
॥ श्री ॥
gandharvasiddhavibudhairupagiyaman ।
karmabhdutam svabhavanam garudasano̕gat ।। 36 ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 36): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 37
॥ श्री ॥
।। iti shrimad bhagavate mahapurane paramahansyam sanhitayam ashtamaskandhe gajenndramokshane trutiyo̕dhyayah ।।
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 37): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
श्लोक संख्या 38
॥ श्री ॥
आरती
चालीसा
स्तुतियाँ
सूक्तम्
अष्टकम्
सहस्त्रनाम
सूर्य स्तोत्रम्
चन्द्र स्तोत्रम्
मंगल स्तोत्रम्
बुध स्तोत्रम्
बृहस्पति स्तोत्रम्
शुक्र स्तोत्रम्
शनि स्तोत्रम्
राहू स्तोत्रम्
केतु स्तोत्रम्
नवग्रह स्तोत्रम्
हिंदी भावार्थ:
गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्रं (श्लोक 38): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
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