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BHAKTI KI SHAKTI
🔱 Lord Shiva

Shri Tripurisundaree Vedasaaraa Stotramam

Shri Tripurisundaree Vedasaaraa Stotramam is a sacred Vedic and Puranic hymn dedicated to Lord Shiva. Sourced from Shiva Maha Purana, this divine prayer dispels darkness, grants mental clarity, and invokes universal grace.

Composer Lord Sadashiva / Veda Vyasa
Source Purana Shiva Maha Purana
Auspicious Day Mondays, Pradosh, Maha Shivratri
Chanting Rosary Rudraksha Mala - 1, 3, or 11 recitations
Verse #1 ॥ श्री ॥
कस्तूरीपङ्कभास्वद्गलचलदमलस्थूलमुक्तावलीका ज्योत्स्नाशुद्धावदाता शशिशिशुमकुटालंकृता ब्रह्मपत्नी । साहित्यांभोजभृङ्गी कविकुलविनुता सात्विकीं वाग्विभूतिं देयान्मे शुभ्रवस्त्रा करचलवलया वल्लकीं वादयन्ती ॥ १ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 1): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 1): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
ध्यानम् ॥ श्री ॥
एकान्ते योगिवृन्दैः प्रशमितकरणैः क्षुत्पिपासा विमुक्तैः सानन्दं ध्यानयोगाद्बिसगुणसदृशी दृश्यते चित्तमध्ये । या देवी हंसरूपा भवभटहरणं साधकानां विधत्ते सा नित्यं नादरूपा त्रिभुवनजननी मोदमाविष्करोतु ॥ २ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक ध्यानम्): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse ध्यानम्): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #3 ॥ श्री ॥
ईक्षित्री सृष्टिकाले त्रिभुवनमथ या तत्क्षणेऽनुप्रविश्य स्थेमानं प्रापयन्ती निजगुणविभवैः सर्वदा व्याप्य विश्वम् । संहर्त्री सर्वभासां विलयनसमये स्वात्मनि स्वप्रकाशा सा देवी कर्मबन्धं मम भवकरणं नाशयित्वादिशक्तिः ॥ ३ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 3): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #4 ॥ श्री ॥
लक्ष्या या चक्रराजे नवपुरलसिते योगिनीवृन्दगुप्ते सौवर्णे शैलशृङ्गे सुरगणरचिते तत्त्वसोपानयुक्ते । मन्त्रिण्या मेचकाङ्ग्या कुचभरनतया कोलमुख्या च सार्धं सम्राज्ञी सा मदीयं मदगजगमना दीर्घमायुस्तनोतु ॥ ४ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 4): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #5 ॥ श्री ॥
ह्रींकाराम्भोजभृङ्गी हयमुखविनुता हानिवृध्यादिहीना हंसोऽहम् मन्त्रराज्ञी हरिहयवरदा हादिमन्त्राक्षरूपा । हस्ते चिन्मुद्रिकाद्या हतबहुदनुजा हस्तिकृत्तिप्रिया मे हार्दं शोकातिरेकं शमयतु ललिताधीश्वरी पाशहस्ता ॥ ५ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 5): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #6 ॥ श्री ॥
हस्ते पङ्केरुहाभे सरससरसिजं बिभ्रती लोकमाता क्षीरोदन्वत्सुकन्या करिवरविनुता नित्यपुष्टाऽब्जगेहा । पद्माक्षी हेमवर्णा मुररिपुदयिता शेवधिस्संपदां या सा मे दारिद्र्यदोषं दमयतु करुणादृष्टिपातैरजस्रम् ॥ ६ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 6): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #7 ॥ श्री ॥
सच्चिद्ब्रह्मस्वरूपां सकलगुणयुतां निर्गुणां निर्विकारां रागद्वेषादिहन्त्रीं रविशशिनयनां राज्यदानप्रवीणाम् । चत्वारिंशत्त्रिकोणे चतुरधिकसमे चक्रराजे लसन्तीं कामाक्षीं कामितानां वितरणचतुरां चेतसा भावयामि ॥ ७ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 7): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #8 ॥ श्री ॥
कन्दर्पे शान्तदर्पे त्रिनयनज्योतिषा देववृन्दैः साशङ्कं साश्रुपातं सविनयकरुणं याचिता कामपत्न्या । या देवी दृष्टिपातैः पुनरपि मदनं जीवयामास सद्यः सा नित्यं रोगशान्त्यै प्रभवतु ललिताधीश्वरी चित्प्रकाशा ॥ ८ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 8): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
ध्यानम् ॥ श्री ॥
हव्यैः कव्यैश्च सर्वैर्श्रुतिचयविहितैः कर्मभिः कर्मशीलाः ध्यानाद्यैरष्टभिश्च प्रशमितकलुषा योगिनः पर्णभक्षाः । यामेवानेकरूपां प्रतिदिनमवनौ संश्रयन्ते विधिज्ञा सा मे मोहान्धकारं बहुभवजनितं नाशयत्वादिमाता ॥ ९ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक ध्यानम्): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse ध्यानम्): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #10 ॥ श्री ॥
लक्ष्या मूलत्रिकोणे गुरुवरकरुणालेशतः कामपीठे यस्यां विश्वं समस्तं बहुतरविततं जायते कुण्डलिन्या । यस्या शक्तिप्ररोहादविरलममृतं विन्दते योगिवृन्दं तां वन्दे नादरूपां प्रणवपदमयीं प्राणिनां प्राणधात्रीम् ॥ १० ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 10): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #11 ॥ श्री ॥
ह्रींकाराम्बोधिलक्ष्मीं हिमगिरितनयां ईश्वराणां ह्रींमन्त्राराध्यदेवीं श्रुतिशतशिखरैर्मृग्यमाणां मृगाक्षीम् । ह्रींमन्त्रान्तैस्त्रिकूटैः स्थिरतरमहिभिर्धार्यमाणां ज्वलन्तीं ह्रीं ह्रीं ह्रीमित्यजस्रं हृदयसरसिजे भावयेऽहं भवानीम् ॥ ११ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 11): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
ध्यानम् ॥ श्री ॥
सर्वेषां ध्यान मथ्रातः सविथुरु दरगं चोदयन्थि मनीषां, सविथ्री ततः पदर्त्ठ ससि युथ मकुट पञ्च शीर्षा त्रिनेथ्रा । हस्थाग्रै शङ्ख चक्रध्य अखिल जन पर्थ्रण दक्षयुधानां, भिभ्रणा वृन्द मम्ब विसदयथु मथिं ममकीनां महेसि ॥ १२ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक ध्यानम्): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse ध्यानम्): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #13 ॥ श्री ॥
कर्त्री लोकस्य लीलाविलसितविधिना कारयित्री क्रियाणां भर्त्री स्वानुप्रवेशाद्वियदनिलमुखैः पञ्चभूतैः स्वसृष्टैः । हर्त्री स्वेनैवधाम्ना पुनरपि वलये कालरूपं दधाना हन्यादामूलमस्मत्कलुषभरमुमा भुक्तिमुक्तिप्रदात्री ॥ १३ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 13): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 13): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #14 ॥ श्री ॥
लक्ष्या या पुण्यजालैः गुरुवरचरणाम्भोजसेवाविशेषात् दृश्या स्वान्ते सुधीभिर्दरदलितमहापद्मकोशेनतुल्ये । लक्षं जप्त्वापि यस्या मनुवरमणिमादिसिद्धिमन्तो महान्तः सा नित्यं मामकीने हृदयसरसिजे वासमङ्गीकरोतु ॥ १४ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 14): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 14): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #15 ॥ श्री ॥
ह्रीं श्रीं ऐं मन्त्ररूपा हरिहरविनुताऽगस्त्यपत्नीप्रतिष्ठा हादिकाद्यर्णतत्त्वा सुरपतिवरदा कामराजप्रतिष्ठा । दुष्टानां दानवानां मनभरहरणा दुःखहन्त्री बुधानां सम्राज्ञी चक्रराज्ञी प्रदिशतु कुशलं मह्यमोंकाररूपा ॥ १५ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 15): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #16 ॥ श्री ॥
श्रीमन्त्रार्थस्वरूपा श्रितजनदुरितध्वान्तहन्त्री शरण्या श्रौतस्मार्तक्रियाणामविकलफलदा फालनेत्रस्य धारा । श्रीचक्रान्तर्निषण्णा गुहवरजननी दुष्टहन्त्री वरेण्या श्रीमत्सिंहासनेशी प्रदिशतु विपुलां कीर्तिमानन्दरूप ॥ १६ ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse 16): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
समाप्ति ॥ श्री ॥
॥ इति श्रीत्रिपुर सुन्दरी वेदसार स्तोत्रम सम्पूर्णम् ॥
Hindi Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (श्लोक समाप्ति): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning: श्री त्रिपुरिसुन्दरी वेदसारा स्तोत्रं (Verse समाप्ति): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
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Related Chanting, Aarti & Panchang

Complement your stotra recitation with authentic Aarti, Chalisa, Vedic puja rules, and today's auspicious Panchang timings:

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Divine Benefits (Phalashruti)

  • ✓ Invokes the boundless blessings, protection, and spiritual grace of Lord Shiva
  • ✓ Relieves anxieties, unseen fears, domestic conflict, and planetary afflictions
  • ✓ Removes obstacles in career, commerce, and higher pursuits
  • ✓ Daily chanting charges the environment with auspicious energy and peace
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Chanting Rules & Vidhi

1
शुद्धि व स्नान
प्रातः काल स्नानोपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2
आसन व दीप
पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख कर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं।
3
ध्यान व अर्पण
भगवान शिव का ध्यान कर पुष्प, चंदन, अक्षत और नैवेद्य अर्पित करें।
4
संकल्प व पाठ
हाथ में जल और अक्षत लेकर अपने मनोरथ का संकल्प करें और शांत मन से स्तोत्र का पाठ करें।
5
क्षमा प्रार्थना व समर्पण
पाठ उपरांत अज्ञानतावश हुई त्रुटियों के लिए क्षमा मांगें और आरती करें।
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Frequently Asked Questions

When should Shri Tripurisundaree Vedasaaraa Stotramam be recited? ▼

Reciting with a pure mind during Brahma Muhurta or dusk, especially on Mondays, Pradosh, Maha Shivratri, yields maximum spiritual results.

What are the primary benefits of this stotra? ▼

It dispels negative vibrations, calms the mind, provides spiritual immunity, and brings fulfillment of noble wishes.