Verse #1
॥ श्री ॥
॥ श्री उन्मत्त-भैरव उवाच ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 1): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 1): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #2
॥ श्री ॥
श्रृणु कल्याणि ! मद्-वाक्यं, कवचं देव-दुर्लभं ।
यक्षिणी-नायिकानां तु,संक्षेपात् सिद्धि-दायकं ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 2): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 2): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #3
॥ श्री ॥
हे कल्याणि ! देवताओं को दुर्लभ, संक्षेप (शीघ्र) में सिद्धि देने वाले,
यक्षिणी आदि नायिकाओं के कवच को सुनो –
ज्ञान-मात्रेण देवशि ! सिद्धिमाप्नोति निश्चितं ।
यक्षिणि स्वयमायाति,
॥ कवच-ज्ञान-मात्रतः ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 3): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 3): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #4
॥ श्री ॥
हे देवशि ! इस कवच के ज्ञान-मात्र से यक्षिणी स्वयं आ जाती है और निश्चय
ही सिद्धि मिलती है। सर्वत्र दुर्लभं देवि ! डामरेषु प्रकाशितं । पठनात् धारणान्मर्त्यो,
॥ यक्षिणी-वशमानयेत् ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 4): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 4): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
विनियोगः
॥ श्री ॥
हे देवि ! यह कवच सभी शास्त्रों में दुर्लभ है, केवल डामर-तन्त्रों में
प्रकाशित किया गया है । इसके पाठ और लिखकर धारण करने से यक्षिणी वश में होती है ।
विनियोग :-
ॐ अस्य श्रीयक्षिणी-कवचस्य श्रीगर्ग ऋषिः, गायत्री छन्दः,
श्री अमुकी यक्षिणी देवता, साक्षात् सिद्धि-समृद्धयर्थे पाठे विनियोगः ।
ऋष्यादिन्यासः-
श्रीगर्ग ऋषये नमः शिरसि,
गायत्री छन्दसे नमः मुखे,
श्री अमुकी यक्षिणी देवतायै नमः हृदि,
साक्षात् सिद्धि-समृद्धयर्थे पाठे
विनियोगाय नमः सर्वांगे।
॥ मूल पाठ ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक विनियोगः): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse विनियोगः): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #5
॥ श्री ॥
शिरो मे यक्षिणी पातु, ललाटं यक्ष-कन्यका ।
मुखं श्री धनदा पातु, कर्णौ मे कुल-नायिका ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 5): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 5): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #6
॥ श्री ॥
चक्षुषी वरदा पातु, नासिकां भक्त-वत्सला ।
केशाग्रं पिंगला पातु, धनदा श्रीमहेश्वरी ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 6): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 6): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #7
॥ श्री ॥
स्कन्धौ कुलालपा पातु, गलं मे कमलानना ।
किरातिनी सदा पातु, भुज-युग्मं जटेश्वरी ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 7): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 7): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #8
॥ श्री ॥
विकृतास्या सदा पातु, महा-वज्र-प्रिया मम ।
अस्त्र-हस्ता पातु नित्यं, पृष्ठमुदर-देशकम् ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 8): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 8): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #9
॥ श्री ॥
भेरुण्डा माकरी देवी, हृदयं पातु सर्वदा ।
अलंकारान्विता पातु, मे नितम्ब-स्थलं दया ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 9): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 9): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #10
॥ श्री ॥
धार्मिका गुह्यदेशं मे, पाद-युग्मं सुरांगना ।
शून्यागारे सदा पातु, मन्त्र-माता-स्वरुपिणी ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 10): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 10): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #11
॥ श्री ॥
निष्कलंका सदा पातु, चाम्बुवत्यखिलं तनुं ।
प्रान्तरे धनदा पातु, निज-बीज-प्रकाशिनी ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 11): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 11): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #12
॥ श्री ॥
लक्ष्मी-बीजात्मिका पातु, खड्ग-हस्ता श्मशानके ।
शून्यागारे नदी-तीरे, महा-यक्षेश-कन्यका ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 12): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 12): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #13
॥ श्री ॥
पातु मां वरदाख्या मे, सर्वांगं पातु मोहिनी ।
महा-संकट-मध्ये तु, संग्रामे रिपु-सञ्चये ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 13): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 13): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #14
॥ श्री ॥
क्रोध-रुपा सदा पातु, महा-देव निषेविका ।
सर्वत्र सर्वदा पातु, भवानी कुल-दायिका ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 14): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 14): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #15
॥ श्री ॥
इत्येतत् कवचं देवि ! महा-यक्षिणी-प्रीतिवं ।
अस्यापि स्मरणादेव, राजत्वं लभतेऽचिरात् ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 15): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 15): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #16
॥ श्री ॥
पञ्च-वर्ष-सहस्राणि, स्थिरो भवति भू-तले ।
वेद-ज्ञानी सर्व-शास्त्र-वेत्ता भवति निश्चितम् ।
अरण्ये सिद्धिमाप्नोति, महा-कवच-पाठतः ।
यक्षिणी कुल-विद्या च, समायाति सु-सिद्धदा ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 16): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 16): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #17
॥ श्री ॥
अणिमा-लघिमा-प्राप्तिः सुख-सिद्धि-फलं लभेत् ।
पठित्वा धारयित्वा च, निर्जनेऽरण्यमन्तरे ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 17): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 17): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #18
॥ श्री ॥
स्थित्वा जपेल्लक्ष-मन्त्र मिष्ट-सिद्धिं लभेन्निशि ।
भार्या भवति सा देवी, महा-कवच-पाठतः ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 18): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 18): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
Verse #19
॥ श्री ॥
ग्रहणादेव सिद्धिः स्यान्, नात्र कार्या विचारणा ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक 19): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse 19): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
समाप्ति
॥ श्री ॥
॥ इति वृहद् भूत डामरे महातन्त्रे श्रीमदुन्मत्त भैरवी-भैरव सम्वादे यक्षिणी कवच संपूर्ण ॥
Hindi Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (श्लोक समाप्ति): पावन स्तुति व मंगलकारी श्लोक पाठ।
English Meaning:
यक्षिणी स्तोत्र (Verse समाप्ति): Sacred verse of devotion, protection, and auspicious blessings.
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