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BHAKTI KI SHAKTI
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🔱 महायोगी गुरु गोरखनाथ ⏰ मंगलवार, रविवार, नवमी, गोरखनाथ जयंती

श्री गुरु गोरखनाथ जी की आरती

नाथ संप्रदाय के प्रवर्तक गुरु गोरखनाथ जी हठयोग और तंत्र के महागुरु हैं। इनकी स्तुति से भय, तंत्र बाधा और नकारात्मकता का नाश होता है।

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॥ मुख्य टेक / मुखड़ा ॥

जय गोरख देवा, स्वामी जय गोरख देवा। अलख निरंजन दाता, सब सुख फल देवा॥ जय गोरख देवा॥

॥ संपूर्ण आरती कड़ियां ॥
1

जय गोरख देवा, स्वामी जय गोरख देवा। अलख निरंजन दाता, सब सुख फल देवा॥

2

मत्स्येन्द्रनाथ के चेले, योगेश्वर ज्ञानी। कुण्डल कानन सोहे, सिद्धि महादानी॥

3

अंग भभूत रमाए, जटाजूट धारा। त्रिशूल चिमटा साजे, नाद ध्वनि प्यारा॥

4

सिद्ध चौरासी सेवे, नौ नाथों के नाथ। शरणागत प्रतिपालक, राखो सिर पर हाथ॥

5

खिचड़ी का भोग लगे, धूणी जलती रहे। जो नर ध्यावे तुमको, संकट सब टरे॥

6

कायर भय मिट जावे, मिले आत्मबल भारी। भूत-पिशाच डरे सब, जय जय त्रिपुरारी॥

7

आरती गोरखनाथ की, जो जन नित गावे। योग सिद्धि सुख सम्पदा, परम धाम पावे॥

8

जय गोरख देवा, स्वामी जय गोरख देवा। अलख निरंजन दाता, सब सुख फल देवा॥

जय गोरख देवा, स्वामी जय गोरख देवा। अलख निरंजन दाता, सब सुख फल देवा॥ जय गोरख देवा॥

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Sacred Aarti Exposition & Meaning · आरती भावार्थ व सारांश

Divine Meaning & English Summary of Guru Gorakhnath Aarti

This sacred Aarti is an offering of light and camphor flame to Guru Gorakhnath. In Sanatan Dharma, the Aarti ritual symbolizes burning away ego and illuminating life with the divine presence of the Supreme.

✨ Stanza-by-Stanza Devotional Significance

✦ Refrain & Salutations

Hails the glory of Guru Gorakhnath, expressing deep devotional surrender.

✦ Divine Attributes & Feats

Recalls the protective acts and compassionate pastimes performed for devotees.

✦ Boon of Peace & Grace

Prays for forgiveness of human shortcomings, protection from distress, and permanent auspiciousness in the home.

🌟 Spiritual Fruits & Vastu Household Blessings (आरती फल)

Performing this Aarti at dawn or dusk cleanses household energy (Vastu), dissolves fear, and cultivates loving peace and harmony.

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आरती करने की शास्त्रोक्त विधि

धूणी या पवित्र अग्नि प्रज्वलित करें, रोट या खिचड़ी का भोग लगाएं, नाद बजाकर घी के दीपक से आरती करें।

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आरती के चमत्कारी लाभ

आध्यात्मिक सिद्धि, कुंडलिनी जागरण, भय और नकारात्मक ऊर्जाओं से संपूर्ण रक्षा प्राप्त होती है।