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मां दक्षिणा काली
कालिका कुलसर्वस्व
ऋषि: महाकाल
छंद: त्रिष्टुप्
दक्षिणा कालिका कवच
Dakshina Kalika Kavach
मां दक्षिणा काली का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। काल के भय से मुक्ति, आकस्मिक दुर्घटनाओं से रक्षा व विजय।
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॥ मूल कवच पाठ व भावार्थ ॥
दक्षिणा कालिका कवच मूल श्लोक व भावार्थ
श्लोक संख्या 1
कवच श्लोक
वक्षःस्थले समासीना भैरवी परिपृच्छति ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2
कवच श्लोक
॥ भैरव्युवाच ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3
कवच श्लोक
देवेश परमेशान लोकानुग्रहकारकः ।
कवचं सूचितं पूर्वं किमर्थं न प्रकाशितम् ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4
कवच श्लोक
यदि मे महती प्रीतिस्तवास्ति कुल भैरव ।
कवचं कालिका देव्याः कथयस्वानुकम्पया ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5
कवच श्लोक
॥ भैरवोवाच ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 6
कवच श्लोक
अप्रकाश्य मिदं देवि नर लोके विशेषतः ।
लक्षवारं वारितासि स्त्री स्वभावाद्धि पृच्छसि ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 6): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 6): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7
कवच श्लोक
॥ भैरव्युवाच ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 8
कवच श्लोक
सेवका वहवो नाथ कुलधर्म परायणाः ।
यतस्ते त्यक्तजीवाशा शवोपरि चितोपरि ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 8): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 8): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 9
कवच श्लोक
तेषां प्रयोग सिद्धयर्थ स्वरक्षार्थ विशेषतः ।
पृच्छामि बहुशो देव कथयस्व दयानिधे ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 9): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 9): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 10
कवच श्लोक
॥ भैरवोवाच ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 10): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 10): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 11
कवच श्लोक
कथयामि श्रृणु प्राज्ञे कालिका कवचं परम् ।
गोपनीयं पशोरग्रे स्वयोनिम परे यथा ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 11): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 11): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
विनियोगः
कवच श्लोक
विनियोग
अस्य श्री दक्षिणकालिका कवचस्य भैरव ऋषिः, उष्णिक् छन्द:, अद्वैतरूपिणी श्री दक्षिणकालिका देवता, ह्नीं बीजं, हूं शाक्तिः. क्रीं कीलकं सर्वार्थ साधन पुरःसर मंत्र सिद्धौ विनियोगः ।
॥ अथ
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक विनियोगः): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse विनियोगः): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 12
कवच श्लोक
सहस्त्रारे महापद्मे कर्पूरधवलो गुरुः ।
वामोरुस्थिततच्छक्तिः सदा सर्वत्र रक्षतु ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 12): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 12): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 13
कवच श्लोक
परमेश: पुरः पातु परापर गुरुस्तथा ।
परमेष्ठी गुरुः पातु दिव्य सिद्धिश्च मानवः ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 13): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 13): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 14
कवच श्लोक
महादेवी सदा पातु महादेव: सदावतु ।
त्रिपुरो भैरवः दिव्यरूपधरः सदा ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 14): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 14): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 15
कवच श्लोक
ब्रह्मानन्दः सदा पातु पूर्णदेवः सदावतु ।
चलश्चित्तः सदा पातु पातु चेलाञ्चलश्च पातु माम् ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 15): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 15): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 16
कवच श्लोक
कुमारः क्रोधनश्चैव वरदः स्मरदीपन: ।
मायामायावती चैव सिद्धौघा: पातु सर्वदा ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 16): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 16): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 17
कवच श्लोक
विमलो कुशलश्चैव भीजदेवः सुधारकः ।
मीनो गोरक्षकश्चैव भोजदेवः प्रजापतिः ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 17): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 17): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 18
कवच श्लोक
मूलदेवो रतिदेवो विघ्नेश्वर हुताशान: ।
सन्तोषः समयानन्दः पातु माम मनवा सदा ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 18): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 18): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 19
कवच श्लोक
सर्वेऽप्यानन्दनाथान्तः अम्बान्तां मातरः क्रमात् ।
गणनाथः सदा पातु भैरवः पातु मां सदा ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 19): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 19): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 20
कवच श्लोक
बटुको नः सदा पातु दुर्गा मां परिरक्षतु ।
शिरसः पाद पर्यन्तं पातु मां घोरदक्षिणा ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक 20): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse 20): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
समाप्ति
कवच श्लोक
तथा शिरसि माम काली ह्यदि मूले च रक्षतु ।
सम्पूर्ण विद्यया देवी सदा सर्वत्र रक्षतु ॥
सरल भावार्थ:
दक्षिणा कालिका कवच (श्लोक समाप्ति): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation:
Dakshina Kalika Kavach (Verse समाप्ति): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
॥ विधि एवं नियम ॥
पाठ विधि, शुभ समय एवं नियम
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सर्वोत्तम शुभ समय:
शनिवार, अमावस्या
🪔 क्रमबद्ध पाठ विधि:
- प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र (श्वेत/पीत/रक्त) धारण करें।
- पूजा वेदी पर मां दक्षिणा काली का ध्यान कर शुद्ध घी अथवा तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
- हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर आत्मरक्षा व सर्वकल्याण का संकल्प लें।
- दक्षिणा कालिका कवच का एकाग्रचित्त होकर स्पष्ट व शांत स्वर में पाठ करें।
- पाठ के उपरांत आरती अथवा क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद वितरित करें।
✨ दिव्य फलश्रुति एवं रक्षा लाभ:
- ✔ काल के भय से मुक्ति, आकस्मिक दुर्घटनाओं से रक्षा व विजय।
- ✔ आकस्मिक संकटों, दुर्घटनाओं, नजर दोष व नकारात्मक शक्तियों से पूर्ण रक्षा होती है।
- ✔ मानसिक शांति, आत्मविश्वास व पारिवारिक सुख-समृद्धि में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
Frequently Asked Questions
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दक्षिणा कालिका कवच का पाठ करने से क्या लाभ होता है?
दक्षिणा कालिका कवच का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से काल के भय से मुक्ति, आकस्मिक दुर्घटनाओं से रक्षा व विजय। तथा साधक के चारों ओर एक अभेद्य दैवीय सुरक्षा चक्र निर्मित होता है।
दक्षिणा कालिका कवच का पाठ करने का सबसे शुभ समय व विधि क्या है?
इसका पाठ सामान्यतः शनिवार, अमावस्या के दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके घी का दीपक जलाकर करना सर्वश्रेष्ठ है।
दक्षिणा कालिका कवच का प्रामाणिक स्रोत क्या है?
इस पवित्र कवच का प्रामाणिक स्रोत कालिका कुलसर्वस्व है। इसके ऋषि महाकाल एवं देवता मां दक्षिणा काली हैं।