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🛡️ मां स्कंदमाता (पंचम दुर्गा) मार्कण्डेय पुराण ऋषि: ब्रह्मा छंद: अनुष्टुप्

स्कंदमाता देवी कवच

Skandamata Devi Kavach

मां स्कंदमाता (पंचम दुर्गा) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। संतान सुख, ज्ञान का विस्तार व बृहस्पति जनित दोषों का निवारण।

फॉन्ट आकार:
॥ मूल कवच पाठ व भावार्थ ॥

स्कंदमाता देवी कवच मूल श्लोक व भावार्थ

श्लोक संख्या 1 कवच श्लोक
हृदयं पातु सा देवी कार्तिकेययुता ॥
सरल भावार्थ: स्कंदमाता देवी कवच (श्लोक 1): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Skandamata Devi Kavach (Verse 1): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 2 कवच श्लोक
श्री हीं हुं देवी पर्वस्या पातु सर्वदा । सर्वांग में सदा पातु स्कन्धमाता पुत्रप्रदा ॥
सरल भावार्थ: स्कंदमाता देवी कवच (श्लोक 2): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Skandamata Devi Kavach (Verse 2): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 3 कवच श्लोक
वाणंवपणमृते हुं फ्ट बीज समन्विता । उत्तरस्या तथाग्नेव वारुणे नैॠतेअवतु ॥
सरल भावार्थ: स्कंदमाता देवी कवच (श्लोक 3): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Skandamata Devi Kavach (Verse 3): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 4 कवच श्लोक
इन्द्राणां भैरवी चैवासितांगी च संहारिणी । सर्वदा पातु मां देवी चान्यान्यासु हि दिक्षु वै ॥
सरल भावार्थ: स्कंदमाता देवी कवच (श्लोक 4): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Skandamata Devi Kavach (Verse 4): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
समाप्ति कवच श्लोक
॥ इति स्कंदमाता देवी कवच संपूर्ण ॥
सरल भावार्थ: स्कंदमाता देवी कवच (श्लोक समाप्ति): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Skandamata Devi Kavach (Verse समाप्ति): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 5 कवच श्लोक
स्कंदमाता देवी कवच Aidam Bijalinka Devi Padayugmagharapara । Hridayam Patu Saa Devi Kartikeyayuta ॥
सरल भावार्थ: स्कंदमाता देवी कवच (श्लोक 5): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Skandamata Devi Kavach (Verse 5): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 6 कवच श्लोक
Shri Him Hum Devi Parvasya Patu Sarvada । Sarvang Men Sada Patu Skandhamata Putraprada ॥
सरल भावार्थ: स्कंदमाता देवी कवच (श्लोक 6): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Skandamata Devi Kavach (Verse 6): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 7 कवच श्लोक
Vanamvapanamrute Hum Ft Bij Samanvita । Uttarasya Tathagnev Varune Nailteavatu ॥
सरल भावार्थ: स्कंदमाता देवी कवच (श्लोक 7): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Skandamata Devi Kavach (Verse 7): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 8 कवच श्लोक
Indranam Bhairavi Chaivasitangi Ch Sanharini । Sarvada Patu Maam Devi Chanyanyasu Hi Dikshu Vai ॥
सरल भावार्थ: स्कंदमाता देवी कवच (श्लोक 8): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Skandamata Devi Kavach (Verse 8): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
श्लोक संख्या 9 कवच श्लोक
॥ Iti Skandmata Devi Kavach Sampurn ॥
सरल भावार्थ: स्कंदमाता देवी कवच (श्लोक 9): पावन रक्षा मन्त्र व दिव्य सुरक्षा कवच।
English Translation: Skandamata Devi Kavach (Verse 9): Sacred protective armor verse invoking divine shielding.
॥ विधि एवं नियम ॥

पाठ विधि, शुभ समय एवं नियम

⏱️
सर्वोत्तम शुभ समय: नवरात्रि पंचमी

🪔 क्रमबद्ध पाठ विधि:

  1. प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र (श्वेत/पीत/रक्त) धारण करें।
  2. पूजा वेदी पर मां स्कंदमाता (पंचम दुर्गा) का ध्यान कर शुद्ध घी अथवा तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
  3. हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर आत्मरक्षा व सर्वकल्याण का संकल्प लें।
  4. स्कंदमाता देवी कवच का एकाग्रचित्त होकर स्पष्ट व शांत स्वर में पाठ करें।
  5. पाठ के उपरांत आरती अथवा क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद वितरित करें।

✨ दिव्य फलश्रुति एवं रक्षा लाभ:

  • ✔ संतान सुख, ज्ञान का विस्तार व बृहस्पति जनित दोषों का निवारण।
  • ✔ आकस्मिक संकटों, दुर्घटनाओं, नजर दोष व नकारात्मक शक्तियों से पूर्ण रक्षा होती है।
  • ✔ मानसिक शांति, आत्मविश्वास व पारिवारिक सुख-समृद्धि में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
Frequently Asked Questions

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्कंदमाता देवी कवच का पाठ करने से क्या लाभ होता है?
स्कंदमाता देवी कवच का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से संतान सुख, ज्ञान का विस्तार व बृहस्पति जनित दोषों का निवारण। तथा साधक के चारों ओर एक अभेद्य दैवीय सुरक्षा चक्र निर्मित होता है।
स्कंदमाता देवी कवच का पाठ करने का सबसे शुभ समय व विधि क्या है?
इसका पाठ सामान्यतः नवरात्रि पंचमी के दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके घी का दीपक जलाकर करना सर्वश्रेष्ठ है।
स्कंदमाता देवी कवच का प्रामाणिक स्रोत क्या है?
इस पवित्र कवच का प्रामाणिक स्रोत मार्कण्डेय पुराण है। इसके ऋषि ब्रह्मा एवं देवता मां स्कंदमाता (पंचम दुर्गा) हैं।

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