कराग्रे वसते लक्ष्मीः (कर-दर्शन श्लोक)
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती। करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥
Karaagre Vasate Lakshmeeh Karamadhye Saraswati | Karamoole Tu Govindah Prabhaate Karadarshanam ||
हाथ के अग्रभाग में माता लक्ष्मी, मध्य भाग में माँ सरस्वती और मूल (कलाई) में भगवान गोविंद (श्रीकृष्ण) का वास है। अतः प्रातःकाल अपनी हथेलियों का दर्शन करना चाहिए।