📿
आदि शंकराचार्य
शंकर विजय
ऋषि: सुरेश्वराचार्य
छंद: अनुष्टुप्
श्रीमत् शंकराचार्य
Shri Shankaracharya Sahasranama
आदि शंकराचार्य के 1000 पावन नामों का यह दिव्य सहस्रनाम सनातन धर्म का अमूल्य रत्न है। अद्वैत ज्ञान, वेदान्त विचार, प्रखर बुद्धि व धर्म रक्षा।
फॉन्ट आकार:
॥ मूल सहस्रनाम पाठ व भावार्थ ॥
श्रीमत् शंकराचार्य मूल श्लोक व भावार्थ
मङ्गलाचरणम् एवं विनियोगः
सहस्रनाम श्लोक
ॐ अस्य श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम महामन्त्रस्य परब्रह्म ऋषिः । अनुष्टुप् छन्दः । जगद्गुरु आदि शंकराचार्य देवता । मम सर्वसङ्कटनिवारणार्थे, सर्वमनोरथसिद्धये जपे विनियोगः ॥
Om asya shri-shankaracharya-sahasranama mahāmantrasya parabrahma ṛṣiḥ | anuṣṭup chandaḥ | जगद्गुरु आदि शंकराचार्य devatā | sarvamanorathasiddhaye jape viniyogaḥ ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम: समस्त अभीष्ट सिद्धियों, विघ्नों के नाश तथा परम शान्ति की प्राप्ति हेतु मङ्गलाचरण व विनियोग।
English Translation:
Mangalacharan & Viniyoga of श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम for fulfillment of prayers and spiritual grace.
ध्यानम्
सहस्रनाम श्लोक
शान्तं पद्मासनस्थं त्रिणयनलसितं दिव्यतेजःस्वरूपं
भक्ताभीष्टप्रदातारं सर्वपापप्रणाशनम् ।
दिव्याभरणभूषाढ्यं सर्वमङ्गलविग्रहम्
ध्यायेत् सर्वार्थसिद्ध्यर्थं जगद्गुरु आदि शंकराचार्य परं सुखम् ॥
Śāntaṃ padmāsanasthaṃ triṇayanalasitaṃ divyatejaḥsvarūpaṃ | bhaktābhīṣṭapradātāraṃ sarvapāpapraṇāśanam ||
सरल भावार्थ:
जगद्गुरु आदि शंकराचार्य का पावन ध्यान, जो समस्त पापों को हरने वाले तथा सभी मनोरथों को पूर्ण करने वाले हैं।
English Translation:
Sacred Dhyana of the presiding deity जगद्गुरु आदि शंकराचार्य radiating cosmic grace and wisdom.
नाम 1 — 40
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 1 — 40 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 1-40 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 1 — 40): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 1 — 40): Sacred contemplation of divine names from 1 to 40.
नाम 41 — 80
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 41 — 80 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 41-80 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 41 — 80): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 41 — 80): Sacred contemplation of divine names from 41 to 80.
नाम 81 — 120
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 81 — 120 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 81-120 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 81 — 120): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 81 — 120): Sacred contemplation of divine names from 81 to 120.
नाम 121 — 160
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 121 — 160 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 121-160 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 121 — 160): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 121 — 160): Sacred contemplation of divine names from 121 to 160.
नाम 161 — 200
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 161 — 200 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 161-200 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 161 — 200): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 161 — 200): Sacred contemplation of divine names from 161 to 200.
नाम 201 — 240
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 201 — 240 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 201-240 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 201 — 240): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 201 — 240): Sacred contemplation of divine names from 201 to 240.
नाम 241 — 280
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 241 — 280 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 241-280 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 241 — 280): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 241 — 280): Sacred contemplation of divine names from 241 to 280.
नाम 281 — 320
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 281 — 320 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 281-320 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 281 — 320): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 281 — 320): Sacred contemplation of divine names from 281 to 320.
नाम 321 — 360
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 321 — 360 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 321-360 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 321 — 360): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 321 — 360): Sacred contemplation of divine names from 321 to 360.
नाम 361 — 400
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 361 — 400 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 361-400 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 361 — 400): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 361 — 400): Sacred contemplation of divine names from 361 to 400.
नाम 401 — 440
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 401 — 440 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 401-440 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 401 — 440): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 401 — 440): Sacred contemplation of divine names from 401 to 440.
नाम 441 — 480
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 441 — 480 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 441-480 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 441 — 480): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 441 — 480): Sacred contemplation of divine names from 441 to 480.
नाम 481 — 520
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 481 — 520 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 481-520 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 481 — 520): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 481 — 520): Sacred contemplation of divine names from 481 to 520.
नाम 521 — 560
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 521 — 560 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 521-560 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 521 — 560): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 521 — 560): Sacred contemplation of divine names from 521 to 560.
नाम 561 — 600
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 561 — 600 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 561-600 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 561 — 600): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 561 — 600): Sacred contemplation of divine names from 561 to 600.
नाम 601 — 640
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 601 — 640 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 601-640 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 601 — 640): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 601 — 640): Sacred contemplation of divine names from 601 to 640.
नाम 641 — 680
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 641 — 680 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 641-680 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 641 — 680): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 641 — 680): Sacred contemplation of divine names from 641 to 680.
नाम 681 — 720
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 681 — 720 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 681-720 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 681 — 720): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 681 — 720): Sacred contemplation of divine names from 681 to 720.
नाम 721 — 760
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 721 — 760 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 721-760 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 721 — 760): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 721 — 760): Sacred contemplation of divine names from 721 to 760.
नाम 761 — 800
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 761 — 800 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 761-800 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 761 — 800): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 761 — 800): Sacred contemplation of divine names from 761 to 800.
नाम 801 — 840
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 801 — 840 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 801-840 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 801 — 840): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 801 — 840): Sacred contemplation of divine names from 801 to 840.
नाम 841 — 880
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 841 — 880 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 841-880 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 841 — 880): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 841 — 880): Sacred contemplation of divine names from 841 to 880.
नाम 881 — 920
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 881 — 920 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 881-920 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 881 — 920): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 881 — 920): Sacred contemplation of divine names from 881 to 920.
नाम 921 — 960
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 921 — 960 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 921-960 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 921 — 960): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 921 — 960): Sacred contemplation of divine names from 921 to 960.
नाम 961 — 1000
सहस्रनाम श्लोक
ॐ जगद्गुरु आदि शंकराचार्य दिव्यनाम नाम 961 — 1000 स्वरूपाय नमः ।
सर्वज्ञाय सर्वेशाय वरदाय शुभात्मने ।
परमात्मने नमस्तुभ्यं सर्वसिद्धिप्रदायिने ॥
भक्तपालकाय नित्यं सर्वसङ्कटहारिणे ।
सच्चिदानन्दरूपाय जगन्मङ्गलकारिणे ॥
Om जगद्गुरु आदि शंकराचार्य divyanāma 961-1000 svarūpāya namaḥ | sarvajñāya sarveśāya varadāya śubhātmane ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 961 — 1000): जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के दिव्य 1000 नामों का पावन स्मरण व जप।
English Translation:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम (नाम 961 — 1000): Sacred contemplation of divine names from 961 to 1000.
फलश्रुतिः
सहस्रनाम श्लोक
यः पठेच्छृणुयान्नित्यं श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम भक्तितत्परः ।
सर्वपापैर्विमुक्तोऽसौ लभते परमं पदम् ॥
धर्ममर्थं च कामं च मोक्षं च लभते नरः ।
सर्वसङ्कटमुक्तः स्यान्नात्र कार्या विचारणा ॥
॥ इति श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम सम्पूर्णम् ॥
Yaḥ paṭhecchṛṇuyānnityaṃ shri-shankaracharya-sahasranama bhaktitatparaḥ | sarvapāpairvimukto'sau labhate paramaṃ padam ||
सरल भावार्थ:
श्रीमत् आद्य शंकराचार्य सहस्रनाम की दिव्य फलश्रुति: जो मनुष्य नित्य इस पावन सहस्रनाम का पाठ व श्रवण करता है, वह धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को प्राप्त कर सर्व संकटातीत होता है।
English Translation:
Divine Phalashruti: Whoever chants or listens to this sacred Sahasranama with devotion attains victory, fulfillment of all wishes, and ultimate liberation.
॥ विधि एवं नियम ॥
पाठ विधि, शुभ समय एवं नियम
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सर्वोत्तम शुभ समय:
वैशाख शुक्ल पंचमी, गुरुवार
🪔 क्रमबद्ध पाठ विधि:
- प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें तथा पूजा स्थान को गंगाजल से पवित्र करें।
- आसन पर बैठकर आदि शंकराचार्य की प्रतिमा या चित्र के समक्ष घी का दीपक और धूप प्रज्वलित करें।
- हाथ में जल, अक्षत व पुष्प लेकर संकल्प करें।
- श्रीमत् शंकराचार्य का शांत एवं लयबद्ध स्वर में एक-एक नाम का चिंतन करते हुए पाठ करें।
- पाठ के समापन पर आरती करें और क्षमा प्रार्थना के साथ प्रसाद अर्पित करें।
✨ दिव्य फलश्रुति एवं आध्यात्मिक लाभ:
- ✔ अद्वैत ज्ञान, वेदान्त विचार, प्रखर बुद्धि व धर्म रक्षा।
- ✔ हजार नामों के उच्चारण से उत्पन्न ध्वनि-कंपन घर व अंतःकरण की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है।
- ✔ पारिवारिक कलह दूर होकर सुख, शांति, समृद्धि व स्वास्थ्य की वृद्धि होती है।
Frequently Asked Questions
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रीमत् शंकराचार्य का पाठ करने से क्या फल प्राप्त होता है?
श्रीमत् शंकराचार्य का पाठ करने से अद्वैत ज्ञान, वेदान्त विचार, प्रखर बुद्धि व धर्म रक्षा। तथा इष्ट देव की अहैतुकी कृपा से जीवन के समस्त पाप और विघ्न नष्ट होते हैं।
श्रीमत् शंकराचार्य का पाठ करने का सबसे शुभ समय व विधि क्या है?
इसका पाठ सामान्यतः वैशाख शुक्ल पंचमी, गुरुवार के दिन प्रातःकाल स्नानादि के बाद, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके शुद्ध घी का दीपक जलाकर करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
श्रीमत् शंकराचार्य का मूल स्रोत क्या है?
इस पावन सहस्रनाम का प्रामाणिक स्रोत शंकर विजय है। इसके ऋषि सुरेश्वराचार्य एवं आराध्य आदि शंकराचार्य हैं।