रुद्रयामल तंत्र में वर्णित भगवान बटुक भैरव का यह ब्रह्म कवच साधक के सभी अंगों की रक्षा करता है। यह शत्रु बाधा, नजर दोष, गृह क्लेश और आकस्मिक संकटों से अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
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प्रातः काल या संध्या काल में शुद्ध होकर, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके रुद्राक्ष माला - 1 अथवा 11 पाठ पाठ करना सर्वोत्तम माना गया है।
यह पाठ नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर आत्मबल, शांति, सुरक्षा और अभीष्ट फल प्रदान करता है।
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