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BHAKTI KI SHAKTI
📜 भगवती शीतला माता • 9 श्लोक

शीतला अष्टकम्

चेचक, खसरा, ज्वर, त्वचा रोग, ताप और संक्रामक महामारियों से रक्षा करने वाला यह अष्टक बच्चों और पूरे परिवार को परम आरोग्य व शीतलता प्रदान करता है।

रचयिता महर्षि वेदव्यास / स्कन्द पुराण
स्रोत / ग्रन्थ स्कन्द पुराण (शीतला स्तोत्र)
छन्द अनुष्टुप छन्द
शुभ दिन / मुहूर्त शीतला अष्टमी (बसोड़ा), मंगलवार, चैत्र कृष्ण अष्टमी
श्लोक 1 ॥ श्री ॥
वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम् । मार्जनीकलशोपेतां शूर्पालङ्कृतमस्तकाम् ॥ १ ॥
हिंदी भावार्थ: गर्दभ (गधे) पर सवार, दिगम्बरा, हाथ में झाड़ू (मार्जनी) और अमृत-कलश धारण करने वाली तथा मस्तक पर सूप (सूपड़ा) अलंकृत करने वाली भगवती शीतला माता को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Translation: I bow unto Goddess Sheetala, seated upon a donkey, sky-clad, holding a sweeping broom and water pot, crowned with a winnowing basket on Her head.
श्लोक 2 ॥ श्री ॥
वन्देऽहं शीतलां देवीं सर्वरोगभयापहाम् । यामासाद्य विमुच्येत विस्फोटोत्थभयान्नरः ॥ २ ॥
हिंदी भावार्थ: समस्त रोगों और भयों को दूर करने वाली भगवती शीतला देवी की मैं वंदना करता हूँ, जिनकी शरण में आने से मनुष्य चेचक, फोड़े-फुंसी और संक्रामक रोगों के भय से मुक्त हो जाता है।
English Translation: I worship Goddess Sheetala who dispels all fear of illness, taking refuge in whom humans are completely emancipated from dread of smallpox and eruptive fevers.
श्लोक 3 ॥ श्री ॥
शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता । शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नमः ॥ ३ ॥
हिंदी भावार्थ: हे शीतले! आप ही संपूर्ण जगत की माता हैं, आप ही जगत के पिता हैं और आप ही इस जगत का भरण-पोषण करने वाली धात्री हैं। हे भगवती शीतला! आपको बार-बार नमस्कार है।
English Translation: O Sheetala! You are the Mother of the universe, You are its Father, and You are its supreme nourishing Fosterer. Salutations again and again unto Sheetala Devi.
श्लोक 4 ॥ श्री ॥
रासभो गर्दभश्चैव शूर्पं मार्जनिका तथा । चत्वार्येतानि चिह्नानि शीतलायाः फलप्रदे ॥ ४ ॥
हिंदी भावार्थ: गर्दभ वाहन, सूपड़ा, झाड़ू और जल-कलश—ये चारों मां शीतला के दिव्य आयुध और चिह्न हैं, जो साधक को शीतलता और आरोग्य का फल प्रदान करते हैं।
English Translation: The donkey mount, winnowing basket, broom, and nectar pitcher—these four emblems of Mother Sheetala cleanse impurities and bestow health.
श्लोक 5 ॥ श्री ॥
दिगम्बरी महामाया सर्वविस्फोटनाशिनी । यस्याः स्मरणमात्रेण ज्वरो याति पराभवम् ॥ ५ ॥
हिंदी भावार्थ: दिगम्बरी स्वरूप वाली, महामाया, समस्त चेचक और त्वचा विकारों का नाश करने वाली देवी शीतला के केवल स्मरण मात्र से ही भयानक ज्वर (बुखार) शांत हो जाता है।
English Translation: Sky-clad Mahamaya, destroyer of all eruptive plagues; through the mere recollection of whose name raging burning fevers retreat in defeat.
श्लोक 6 ॥ श्री ॥
यस्त्वामुदकमध्ये तु संस्थाप्य प्रजपेन्नरः । विस्फोटकभयं तस्य न भवेत्तु कदाचन ॥ ६ ॥
हिंदी भावार्थ: जो मनुष्य जल के पात्र में आपका ध्यान करके अथवा जल से आपका अभिषेक कर इस स्तोत्र का जप करता है, उसे कभी भी चेचक या संक्रामक रोगों का भय नहीं रहता।
English Translation: Whoever meditates upon You through sacred water and recites this hymn never incurs fear of contagious outbreaks or skin eruptions.
श्लोक 7 ॥ श्री ॥
धर्मार्थकाममोक्षाणां प्रदात्री वरदायिनी । शीतलां सततं नौमि तापत्रयनिवारिणीम् ॥ ७ ॥
हिंदी भावार्थ: धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—चारों पुरुषार्थों को देने वाली, वरदायिनी तथा आध्यात्मिक, आधिभौतिक व आधिदैविक तीनों तापों का निवारण करने वाली मां शीतला को मैं निरंतर नमन करता हूँ।
English Translation: Bestower of the four aims of life (Dharma, Artha, Kama, Moksha), granter of boons, dispeller of threefold worldly miseries, I continually praise Sheetala Devi.
श्लोक 8 ॥ श्री ॥
नमोऽस्तु शीतले तुभ्यं सर्वशान्तिप्रदायिनि । बालग्रहादिदोषघ्नि रक्षे मां शरणागतम् ॥ ८ ॥
हिंदी भावार्थ: हे संपूर्ण शांति प्रदान करने वाली मां शीतले! आपको नमन है। छोटे बच्चों को लगने वाले बाल-ग्रह दोष और नजर-दोष को दूर करने वाली हे देवि! मुझ शरणागत की रक्षा कीजिए।
English Translation: Salutations to You, O Sheetala, bestower of absolute serenity! Destroyer of infant planetary afflictions and evil eye, protect me who have taken shelter in You.
फलश्रुति 9 ॥ श्री ॥
शीतलाष्टकमेवेदं यः पठेत्प्रयतः शुचिः । विस्फोटकभयं घोरं न तस्य जायते क्वचित् ॥ ९ ॥
हिंदी भावार्थ: जो मनुष्य पवित्र होकर श्रद्धापूर्वक इस शीतला अष्टकम का पाठ करता है, उसे और उसके परिवार को कभी भी चेचक, भयानक ज्वर या संक्रामक रोगों का भय नहीं होता।
English Translation: Whoever recites this Sheetala Ashtakam with pure devotion is forever protected from smallpox, pestilence, virulent fevers, and contagious ailments.
✨ समाप्ति
।। इति स्कन्दपुराणोक्तं श्री शीतला अष्टकम् सम्पूर्णम् ।।

🪔 प्रामाणिक पाठ विधि एवं नियम

  • 1 शीतला अष्टमी (बसोड़ा) के दिन बासी (शीतल) भोजन, मीठे भात और दही का भोग तैयार करें।
  • 2 प्रातःकाल ठंडे जल से स्नान कर नीम के पत्तों और जल से शीतला माता का पूजन करें।
  • 3 हाथ जोड़कर 'वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्' श्लोक से अष्टक का पाठ करें।

✨ फलश्रुति एवं अलौकिक लाभ

  • ✔ चेचक, खसरा, फोड़े-फुंसी, चर्मरोग और तीव्र ज्वर से तत्काल रक्षा और आरोग्य मिलता है।
  • ✔ छोटे बच्चों को बाल-ग्रह दोष, बुरी नजर और संक्रामक रोगों से माता का रक्षा कवच प्राप्त होता है।
  • ✔ घर में शीतलता, सुख, शांति और संक्रामक महामारियों से अभय का वरदान मिलता है।
🗓️ शुभ वार व मुहूर्त: शीतला अष्टमी (बसोड़ा), मंगलवार, चैत्र कृष्ण अष्टमी