सनातन धर्म की संपूर्ण 49 दिव्य स्तुतियां — भगवान श्री कृष्ण, राम, शिव, भैरव, माँ दुर्गा, काली, गणेश, हनुमान, दस महाविद्या व वैदिक ऋषि स्तुति। शुद्ध संस्कृत श्लोक, सरल हिंदी भावार्थ, पाठ विधि व फलश्रुति सहित।
श्री कृष्ण की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक अक्रूर कृता श्री कृष्णा स्तुति।
माँ कमला (महालक्ष्मी) की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक कमला स्तुति।
माँ कामेश्वरी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक कामेश्वरी देवी स्तुति।
भगवान काल भैरव की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक काल भैरव स्तुति।
माँ काली की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक काली स्तुति।
भगवान गणेश की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक गणेश स्तुति।
गुरुवायुरप्पन (श्री कृष्ण) की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक गुरु वायुपुर्सा मंगल स्तुति।
माँ छिन्नमस्ता की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक छिन्नमस्ता स्तुति।
माँ तारा की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक तारा स्तुति।
माँ त्रिपुरा भैरवी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक त्रिपुरा भैरवी स्तुति।
माँ दुर्गा की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक दुर्गा स्तुति।
श्री कृष्ण की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक द्रौपदी कृता श्री कृष्णा स्तुति।
धर्म संस्था / भगवान अय्यप्पा की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक धर्म संस्था स्तुति दसकम।
माँ धूमावती की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक धूमावती स्तुति।
भगवान श्री हरि विष्णु की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक ध्रुव कृत भागवत स्तुति।
नवनाथ गुरु गण की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक नवनाथ स्तुति।
माँ बगलामुखी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक बगलामुखी स्तुति।
भगवान श्री राम की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक ब्रह्मा देवा कृता श्रीरामा स्तुति।
परमपिता ब्रह्मा जी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक ब्रह्मा स्तुति पंचकम।
परब्रह्म श्री हरि की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक भागवत स्तुति।
श्री कृष्ण की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक भीष्म कृता श्री कृष्णा स्तुति।
माँ भुवनेश्वरी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक भुवनेश्वरी स्तुति।
भगवान भैरव की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक भैरव स्तुति।
माँ मंगला गौरी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक मंगल गौरी स्तुति।
दस महाविद्या की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक महाविद्या स्तुति।
माँ मातंगी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक मातंगी स्तुति।
मार्ग सहायेश्वर शिव की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक मार्ग सहाय शिवलिंगम स्तुति।
श्री राधा रानी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक राधा स्तुति।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक राम स्तुति।
माँ महालक्ष्मी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक लक्ष्मी स्तुति।
माँ ललिता त्रिपुरसुंदरी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक ललिताम्बिका स्तुति।
भगवान श्री हरि विष्णु की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक विष्णु स्तुति।
श्री गणेश की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक विघ्न नाशक गणेश स्तुति।
भगवान शिव की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक शिव पंचारत्नम स्तुति।
भगवान चंद्रशेखर की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक शिव सुवार्नामाला स्तुति।
महादेव शिव की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक शिव स्तुति।
सदाशिव की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक शिवस्तुति मंत्र।
श्री कृष्ण की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक श्री कृष्णाश्रय स्तुति।
कांची कामकोटि शंकराचार्य की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक श्री चंद्रशेखरेन्द्र सरस्वती स्तुति।
माँ भुवनेश्वरी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक श्री भुवनेश्वरी पंचारत्ना स्तुति।
भगवान श्री राम की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक श्री राम स्तुति।
कोदंडधारी श्री राम की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक श्री रामचंद्र स्तुति।
माँ सरस्वती (वाणी) की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक श्री वाणी प्रसनामाला स्तुति।
महालक्ष्मी श्री की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक श्री स्तुति।
भगवान श्री हरि की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक श्रीहरी स्तुति।
माँ षोडशी (श्री विद्या) की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक षोडशी त्रिपुरा सुंदरी स्तुति।
शिरडी साईं बाबा की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक साईं स्तुति।
श्री राम की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक हनुमान कृता श्री राम स्तुति।
संकट मोचन हनुमान की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक हनुमान स्तुति।
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स्तुति का शाब्दिक अर्थ है ईश्वर के दिव्य गुणों, लीलाओं और स्वरूप की प्रेमपूर्वक प्रशंसा व गुणगान करना। वेदों, उपनिषदों और पुराणों में ऋषियों, देवताओं और परम भक्तों (जैसे भीष्म, ध्रुव, द्रौपदी, अक्रूर) द्वारा की गई स्तुतियों का पाठ करने से भगवान की अहैतुकी कृपा, चित्त शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
चालीसा 40 चौपाइयों का सरल अवधी/हिंदी पाठ होता है। स्तोत्र किसी विशिष्ट देवता के गुणों का छंदबद्ध काव्यात्मक श्लोक संग्रह होता है। जबकि स्तुति भक्ति और समर्पण की पराकाष्ठा है, जो प्रायः संकट, विजय अथवा दिव्य दर्शन के समय प्रभु की महिमा में गाई जाती है।
स्तुति पाठ के लिए प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त, संध्या काल या पूजा-आरती के पश्चात का समय सर्वोत्तम है। पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके शुद्ध घी का दीपक जलाकर एकाग्र चित्त से पाठ करना चाहिए।
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