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BHAKTI KI SHAKTI
🔱 कोदंडधारी श्री राम

श्री रामचंद्र स्तुति

कोदंडधारी श्री राम की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक श्री रामचंद्र स्तुति।

रचयिता ऋषि वाल्मीकि
स्रोत / ग्रन्थ आनंद रामायण
॥ श्लोक 1 ॥
रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे। रघुनाथाय नाथाय सीतायाः पतये नमः॥
हिंदी भावार्थ:

राम, रामभद्र, रामचंद्र, विधाता स्वरूप, रघुनाथ तथा श्री जानकी जी के पति प्रभु श्री राम को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम।

अंग्रेजी अनुवाद: Salutations to Rama, Ramabhadra, Ramachandra, the supreme ruler, Lord of Raghu dynasty and beloved consort of Sita.
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पाठ विधि एवं नियम

  • ✦ प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर शुद्ध श्वेत या पीले वस्त्र धारण करें।
  • ✦ पूजा स्थान में कोदंडधारी श्री राम की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
  • ✦ रोली, अक्षत, सुगंधित पुष्प व नैवेद्य अर्पित कर आचमन करें।
  • ✦ एकाग्र चित्त होकर श्री रामचंद्र स्तुति का श्रद्धापूर्वक पाठ करें व अंत में आरती करें।
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चमत्कारी फलश्रुति व लाभ

ग्रह दोषों की शांति, संकटों का निवारण और परिवार में मर्यादा व सुख।

🗓️ शुभ मुहूर्त व वार: प्रातः काल, प्रदोष काल व संबंधित देवता का पावन वार