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BHAKTI KI SHAKTI
🔱 श्री कृष्ण

भीष्म कृता श्री कृष्णा स्तुति

श्री कृष्ण की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक भीष्म कृता श्री कृष्णा स्तुति।

रचयिता पितामह भीष्म
स्रोत / ग्रन्थ महाभारत शांति पर्व
॥ श्लोक 1 ॥
इति मतिरुपकल्पिता वितृष्णा भगवति सात्वतपुङ्गवे विभूम्नि। स्वसुखमुपगते क्वचिद्विहर्तुं प्रकृतिकमुपेयुषि यद्भवप्रवाहः॥
हिंदी भावार्थ:

शरशय्या पर लेटे पितामह भीष्म कहते हैं: मेरी यह निष्काम बुद्धि अब समस्त वासनाओं से मुक्त होकर उन परम प्रभु भगवान श्री कृष्ण के चरणों में समर्पित हो जाए।

अंग्रेजी अनुवाद: Lying on the bed of arrows, Bhishma prays: May my purified intellect, free of desires, merge completely in Lord Sri Krishna.
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पाठ विधि एवं नियम

  • ✦ प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर शुद्ध श्वेत या पीले वस्त्र धारण करें।
  • ✦ पूजा स्थान में श्री कृष्ण की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
  • ✦ रोली, अक्षत, सुगंधित पुष्प व नैवेद्य अर्पित कर आचमन करें।
  • ✦ एकाग्र चित्त होकर भीष्म कृता श्री कृष्णा स्तुति का श्रद्धापूर्वक पाठ करें व अंत में आरती करें।
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चमत्कारी फलश्रुति व लाभ

अंतिम समय में शांत चित्त, जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति और वैकुंठ लोक की प्राप्ति।

🗓️ शुभ मुहूर्त व वार: प्रातः काल, प्रदोष काल व संबंधित देवता का पावन वार