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BHAKTI KI SHAKTI
📜 भगवान वैद्यनाथ (देवघर ज्योतिर्लिंग) • 9 श्लोक

वैद्यनाथ अष्टकम

समस्त आधि-व्याधियों, असाध्य रोगों और संसार रूपी भवरोग के परम वैद्य भगवान वैद्यनाथ का यह अष्टक पूर्ण आरोग्य, दीर्घायु और सुख प्रदान करता है।

रचयिता आदि शंकराचार्य
स्रोत / ग्रन्थ शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता)
छन्द अनुष्टुप एवं उपजाति छन्द
शुभ दिन / मुहूर्त सोमवार, त्रयोदशी (प्रदोष), महाशिवरात्रि, सावन मास
श्लोक 1 ॥ श्री ॥
श्रीरामसौमित्रिजटायुवेद-षडाननादित्यकुजार्चिताय । श्रीनीलकण्ठाय दयामयाय श्रीवैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥ १ ॥
हिंदी भावार्थ: भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भक्तराज जटायु, चारों वेदों, कार्तिकेय, सूर्यदेव और मंगल ग्रह द्वारा पूजित, नीलकंठ, करुणा से परिपूर्ण भगवान श्री वैद्यनाथ शिव को मेरा बारम्बार प्रणाम है।
English Translation: Worshipped by Lord Sri Rama, Lakshmana, Jatayu, the four Vedas, Kartikeya, the Sun God, and Mars, the blue-throated compassionate Lord Vaidyanatha, salutations unto Shiva.
श्लोक 2 ॥ श्री ॥
गङ्गाप्रवाहेण सुशीतलाय शशाङ्कचूडाय जटाधराय । कालान्तकाय प्रणतप्रियाय श्रीवैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥ २ ॥
हिंदी भावार्थ: गंगा के पावन प्रवाह से शीतल, मस्तक पर चन्द्रमा धारण करने वाले, जटाधारी, काल के भी महाकाल और शरणागत भक्तों के प्रिय भगवान श्री वैद्यनाथ को मेरा प्रणाम है।
English Translation: Cooled by Ganga's holy currents, crowned with the crescent moon, bearing matted locks, the end of Death itself, beloved of the surrendered, salutations to Lord Vaidyanatha.
श्लोक 3 ॥ श्री ॥
भक्तानुरक्ताय महौषधाय संसाररोगापहमङ्गलाय । भक्तार्तिहन्त्रे वरदायकाय श्रीवैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥ ३ ॥
हिंदी भावार्थ: भक्तों से अगाध प्रेम करने वाले, साक्षात् महा-औषधि स्वरूप, संसार रूपी जन्म-मरण के भवरोग का नाश करने वाले, भक्तों की पीड़ा हरने वाले और वरदान प्रदाता श्री वैद्यनाथ को नमन है।
English Translation: Deeply affectionate to devotees, the supreme sovereign medicine, dispelling the ailment of worldly transmigration, curing suffering, granter of boons, I bow to Vaidyanatha.
श्लोक 4 ॥ श्री ॥
त्रिलोचनाय त्रिगुणात्मकाय त्रिशूलहस्ताय महेश्वराय । चिदानन्दरूपाय जगत्प्रियाय श्रीवैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥ ४ ॥
हिंदी भावार्थ: तीन नेत्रों वाले, सत्व-रज-तम तीनों गुणों से परे उनके स्वामी, हाथ में त्रिशूल धारण करने वाले, महेश्वर, चिदानन्द स्वरूप और संपूर्ण जगत के प्रिय भगवान श्री वैद्यनाथ को प्रणाम है।
English Translation: Three-eyed Lord of the three gunas, bearing the trident, supreme sovereign Maheswara, of the nature of conscious bliss, beloved of creation, salutations to Vaidyanatha.
श्लोक 5 ॥ श्री ॥
कुष्ठादिरोगप्रशमप्रदाय दारिद्र्यदुःखप्रविनाशकाय । मन्दारमालाविलसद्गलाय श्रीवैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥ ५ ॥
हिंदी भावार्थ: कुष्ठ आदि असाध्य चर्मरोगों और व्याधियों को शांत करने वाले, दरिद्रता और दुःखों का समूल विनाश करने वाले तथा कल्पवृक्ष के मंदार पुष्पों की माला धारण करने वाले श्री वैद्यनाथ को नमन है।
English Translation: Curing severe afflictions like leprosy and chronic ailments, complete destroyer of poverty and misery, wearing celestial Mandara garlands, salutations to Lord Vaidyanatha.
श्लोक 6 ॥ श्री ॥
वृषध्वजाय स्मरनाशकाय कैलासशैलप्रणतप्रियाय । वेदान्तवेद्याय परात्पराय श्रीवैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥ ६ ॥
हिंदी भावार्थ: वृषभ की ध्वजा वाले, कामदेव का नाश करने वाले, कैलास पर्वत पर निवास करने वाले, वेदान्त द्वारा जानने योग्य और परात्पर परब्रह्म स्वरूप भगवान श्री वैद्यनाथ को मेरा प्रणाम है।
English Translation: Bearing the bull banner, vanquisher of Cupid, resident of Mount Kailasa, realized through Vedanta, transcendental beyond the highest, I bow to Lord Vaidyanatha.
श्लोक 7 ॥ श्री ॥
पार्वतीशोभितवामभागाय कारुण्यपूर्णाय मनोहराय । सर्वेशिताय प्रमथेश्वराय श्रीवैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥ ७ ॥
हिंदी भावार्थ: जिनके वाम भाग में माता पार्वती सुशोभित हैं, जो पूर्ण करुणा से भरे हैं, अत्यंत मनोहर हैं, सबके नियंता और प्रमथगणों के स्वामी हैं, उन भगवान श्री वैद्यनाथ को नमन है।
English Translation: With Goddess Parvati gracing His left side, filled with boundless compassion, mesmerizing, sovereign master of all, Lord of Pramathas, salutations to Vaidyanatha.
श्लोक 8 ॥ श्री ॥
भवाय शर्वाय शिवाय तुभ्यं नमो नमः पापविनाशकाय । आयुःप्रदात्रे वरदाय नित्यं श्रीवैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥ ८ ॥
हिंदी भावार्थ: भव, शर्व और मंगलमय शिव स्वरूप, समस्त पापों का नाश करने वाले, दीर्घायु प्रदान करने वाले और नित्य वरदान देने वाले भगवान श्री वैद्यनाथ को बारम्बार नमस्कार है।
English Translation: O Bhava, Sharva, auspicious Shiva, vanquisher of sins, bestower of long life, perpetual granter of boons, salutations again and again unto Lord Vaidyanatha.
फलश्रुति 9 ॥ श्री ॥
वैद्यनाथाष्टकं पुण्यं यः पठेन्नित्यमादरात् । सर्वव्याधिविनिर्मुक्तो दीर्घमायुश्च विन्दति ॥ ९ ॥
हिंदी भावार्थ: जो मनुष्य आदर और श्रद्धापूर्वक प्रतिदिन इस पावन वैद्यनाथाष्टकम का पाठ करता है, वह समस्त शारीरिक और मानसिक व्याधियों से मुक्त होकर दीर्घायु और पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करता है।
English Translation: Whoever recites this sacred Vaidyanatha Ashtakam daily with reverence becomes emancipated from all physical and mental diseases, enjoying robust health and longevity.
✨ समाप्ति
।। इति श्रीमच्छङ्कराचार्यविरचितं श्री वैद्यनाथ अष्टकम् सम्पूर्णम् ।।

🪔 प्रामाणिक पाठ विधि एवं नियम

  • 1 प्रातःकाल स्नान कर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
  • 2 भगवान वैद्यनाथ का ध्यान करते हुए घी का दीपक जलाएं।
  • 3 रोगमुक्ति का संकल्प लेकर 'श्रीवैद्यनाथाय नमः शिवाय' का ध्यान करते हुए पाठ करें।

✨ फलश्रुति एवं अलौकिक लाभ

  • ✔ असाध्य रोग, चर्मरोग, नेत्र विकार और पुरानी बीमारियों से मुक्ति और स्वास्थ्य लाभ होता है।
  • ✔ दवाइयों का असर न होने पर इस अष्टक के पाठ से औषधियां अमृत के समान फल देने लगती हैं।
  • ✔ अकाल मृत्यु का भय समाप्त होकर व्यक्ति दीर्घायु और निरोगी काया प्राप्त करता है।
🗓️ शुभ वार व मुहूर्त: सोमवार, त्रयोदशी (प्रदोष), महाशिवरात्रि, सावन मास