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BHAKTI KI SHAKTI
📜 भगवान श्री वेंकटेश्वर (बालाजी / श्रीनिवास) • 9 श्लोक

श्री वेंकटेश्वर अष्टकम

कलियुग के प्रत्यक्ष वरदाता तिरुपति बालाजी का यह अष्टक घोर दरिद्रता, कर्ज और ग्रह पीड़ा का नाश कर अक्षय धन, ऐश्वर्य और वैकुण्ठ कृपा देता है।

रचयिता ब्रह्माण्ड पुराण / तिरुमला परम्परा
स्रोत / ग्रन्थ ब्रह्माण्ड पुराण (वेङ्कटाचल माहात्म्य)
छन्द अनुष्टुप छन्द
शुभ दिन / मुहूर्त शनिवार, एकादशी, ब्रह्मोत्सव, पूर्णिमा
श्लोक 1 ॥ श्री ॥
वेङ्कटेशो वासुदेवः प्रद्युम्नोऽमितविक्रमः । सङ्कर्षणोऽनिरुद्धश्च शेषाद्रिपतिरेव च ॥ १ ॥
हिंदी भावार्थ: जो भगवान वेङ्कटेश, वासुदेव, असीम पराक्रमी प्रद्युम्न, सङ्कर्षण, अनिरुद्ध और शेषाद्रि पर्वत के परम स्वामी हैं, उन श्रीनिवास को मेरा प्रणाम है।
English Translation: Lord Venkatesha, Vasudeva, of boundless valor Pradyumna, Sankarshana, Aniruddha, and Lord of Sheshadri hills, salutations to Him.
श्लोक 2 ॥ श्री ॥
जनार्दनः पद्मनाभो वैकुण्ठपतिरच्युतः । माधवः श्रीधरो विष्णुर्गोविन्दो गरुडध्वजः ॥ २ ॥
हिंदी भावार्थ: जो जनार्दन, पद्मनाभ, वैकुण्ठ के स्वामी, अच्युत, माधव, वक्षःस्थल पर लक्ष्मी को धारण करने वाले श्रीधर, विष्णु, गोविन्द और गरुड़ध्वज हैं, उन भगवान को नमन है।
English Translation: Janardana, Padmanabha, sovereign Lord of Vaikuntha, Acyuta, Madhava, Shridhara, Vishnu, Govinda, and Garuda-bannered, I bow to You.
श्लोक 3 ॥ श्री ॥
चतुर्भुजो महाविष्णुः शङ्खचक्रगदाधरः । पीताम्बरधरो देवः श्रीवत्सकृतलक्षणः ॥ ३ ॥
हिंदी भावार्थ: चार भुजाओं वाले महाविष्णु, जो शंख, चक्र और गदा धारण करते हैं, दिव्य पीताम्बर ओढ़े हैं और जिनके वक्षःस्थल पर भृगुमुनि का श्रीवत्स चिह्न शोभित है, उन बालाजी को नमन है।
English Translation: Four-armed Mahavishnu holding conch, discus, and mace, draped in yellow silks, bearing the auspicious Srivatsa mark, I bow to Him.
श्लोक 4 ॥ श्री ॥
पद्मावतीपतिः श्रीमान् सर्वलोकहितैषिणः । कल्याणमूर्तये नित्यं शेषाचलनिवासिने ॥ ४ ॥
हिंदी भावार्थ: माता पद्मावती के प्राणप्रिय पति, परम शोभायमान, समस्त लोकों का कल्याण चाहने वाले, मंगलमूर्ति और शेषाचल पर्वत पर नित्य निवास करने वाले भगवान वेंकटेश्वर को मेरा प्रणाम है।
English Translation: Consort of Goddess Padmavati, resplendent, wishing well for all worlds, the embodiment of auspiciousness residing eternally upon Sheshachala, salutations unto You.
श्लोक 5 ॥ श्री ॥
अनाथरक्षकः स्वामी शरणागतवत्सलः । त्रैलोक्यपूजितः पादपद्मद्वयविराजितः ॥ ५ ॥
हिंदी भावार्थ: जो अनाथों के रक्षक, समस्त सृष्टि के स्वामी, शरणागतों से अगाध प्रेम करने वाले, तीनों लोकों द्वारा पूजित और अति सुंदर चरण-कमल वाले हैं, उन भगवान वेंकटेश्वर को नमन है।
English Translation: Guardian of the helpless, supreme Master, loving to the surrendered, adored across the three worlds, with radiant lotus feet, I bow to You.
श्लोक 6 ॥ श्री ॥
दरिद्रदुःखशमनः सर्वसम्पत्प्रदायकः । कलौ प्रत्यक्षवरदः श्रीनिवासः सनातनः ॥ ६ ॥
हिंदी भावार्थ: जो दरिद्रता और दुःखों का शमन करने वाले, समस्त संपत्तियां प्रदान करने वाले, कलियुग में साक्षात् प्रत्यक्ष वरदाता और सनातन श्रीनिवास हैं, उन भगवान बालाजी को मैं प्रणाम करता हूँ।
English Translation: Dispeller of poverty and agony, bestower of all wealth and fortunes, the manifest living granter of boons in Kali Yuga, eternal Srinivasa, I revere Him.
श्लोक 7 ॥ श्री ॥
भक्ताभीष्टप्रदो देवः सर्वसिद्धिप्रदायकः । नमामि वेङ्कटनाथं सर्वपापप्रणाशनम् ॥ ७ ॥
हिंदी भावार्थ: भक्तों के समस्त मनोरथों को पूर्ण करने वाले, सभी प्रकार की सिद्धियों के प्रदाता और समस्त पापों का विनाश करने वाले भगवान वेङ्कटनाथ को मैं बारम्बार नमन करता हूँ।
English Translation: Fulfiller of devotees' desires, bestower of all spiritual perfections, vanquisher of all sins, I continually bow to Lord Venkatanatha.
श्लोक 8 ॥ श्री ॥
तिरुपतिगिरिस्थाय भक्तानुग्रहकारिणे । नमो वेङ्कटेशाय शेषाद्रिनिलयाय च ॥ ८ ॥
हिंदी भावार्थ: तिरुमला तिरुपति पर्वत पर विराजमान, भक्तों पर सदा अनुग्रह की वर्षा करने वाले, शेषाद्रि पर्वत पर वास करने वाले भगवान वेङ्कटेश बालाजी को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम है।
English Translation: Enthroned upon the sacred heights of Tirupati, showering compassionate grace upon devotees, dwelling upon Sheshadri hill, salutations unto Lord Venkatesha.
फलश्रुति 9 ॥ श्री ॥
वेङ्कटेशाष्टकं पुण्यं यः पठेद्भक्तिमान् नरः । सर्वान् कामानवाप्नोति विष्णोः सायुज्यमाप्नुयात् ॥ ९ ॥
हिंदी भावार्थ: जो मनुष्य भक्तिपूर्वक इस परम पवित्र वेङ्कटेशाष्टकम का पाठ करता है, वह इस संसार में अपनी समस्त मनोकामनाएं प्राप्त करता है और अंत में भगवान विष्णु के सायुज्य मोक्ष को प्राप्त करता है।
English Translation: Whoever devoutly recites this holy Venkateshwara Ashtakam realizes all desires in this life and attains supreme oneness with Lord Vishnu in the hereafter.
✨ समाप्ति
।। इति श्रीब्रह्माण्डपुराणोक्तं श्री वेंकटेश्वर अष्टकम सम्पूर्णम् ।।

🪔 प्रामाणिक पाठ विधि एवं नियम

  • 1 शनिवार को प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें।
  • 2 भगवान वेंकटेश्वर बालाजी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और तुलसीदल व लड्डू का भोग लगाएं।
  • 3 कर्ज मुक्ति और धन वृद्धि का स्मरण करते हुए इस अष्टक का ३ या ११ बार पाठ करें।

✨ फलश्रुति एवं अलौकिक लाभ

  • ✔ तिरुमला तिरुपति बालाजी के साक्षात् दर्शन का पुण्यफल और कर्ज से स्थायी मुक्ति मिलती है।
  • ✔ व्यापार में लाभ, नौकरी में पदोन्नति और गृह-भूमि के योग प्रबल होते हैं।
  • ✔ शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और राहु-केतु के क्रूर दोषों का शमन होता है।
🗓️ शुभ वार व मुहूर्त: शनिवार, एकादशी, ब्रह्मोत्सव, पूर्णिमा