माँ मंगला गौरी की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक मंगल गौरी स्तुति।
समस्त मंगलों का भी मंगल करने वाली, कल्याणकारिणी, सब पुरुषार्थों को सिद्ध करने वाली, शरणागतवत्सला, त्रिनेत्रा हे गौरी! आपको मेरा कोटि-कोटि नमन है।
अखंड सौभाग्य प्रदान करने वाली, मंगलों की आधार, जगत का पालन करने वाली और भगवान शंकर की प्रिय पत्नी माता मंगला गौरी को मैं प्रणाम करता हूँ।
कुंकुम के लेप से सुशोभित, अति सुंदर, दिव्य वस्त्रों और आभूषणों से अलंकृत तथा भक्तों को पुत्र-पौत्र और वंशवृद्धि का वरदान देने वाली मंगला गौरी को नमन है।
दरिद्रता और दुःखों का शमन करने वाली, समस्त आंतरिक व बाह्य शत्रुओं का मर्दन करने वाली तथा कामधेनु के समान सभी इच्छाएं पूर्ण करने वाली पराशक्ति मंगला का मैं भजन करता हूँ।
जो भक्त माता मंगला गौरी का पूजन और स्तुति श्रद्धापूर्वक करता है, उसके घर में नित्य मंगल, सुख, शांति और अखंड संपदा का वास होता है।
अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन, शीघ्र विवाह और पति की दीर्घायु का वरदान।
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