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BHAKTI KI SHAKTI
🔱 माँ तारा

तारा स्तुति

माँ तारा की कृपा और समस्त अभीष्ट सिद्धियों की प्राप्ति हेतु प्रामाणिक तारा स्तुति।

रचयिता महर्षि वशिष्ठ
स्रोत / ग्रन्थ बृहन्नील तंत्र
॥ श्लोक 1 ॥
मातर्नीलसरस्वति प्रणमतां सौभाग्यसम्पत्प्रदे प्रत्यालीढपदस्थिते शवहृदि स्मेराननाम्भोरुहे । फुल्लेन्दीवरलोचने त्रिनयने शङ्खं कृपाणं करै- र्बिभ्राणे वरदाभये च भवतीं तारामहं संश्रये ॥ १ ॥
हिंदी भावार्थ:

प्रणाम करने वाले साधकों को सौभाग्य और ज्ञान-संपत्ति देने वाली, नील सरस्वती, शव के हृदय पर प्रत्यालीढ़ मुद्रा में स्थित, कमल नयनी, त्रिनेत्री माँ तारा की मैं शरण लेता हूँ।

अंग्रेजी अनुवाद: I seek refuge in Mother Tara, the dark-blue Saraswati who grants supreme fortune and knowledge to surrendered devotees.
॥ श्लोक 2 ॥
पद्मे साट्टहासे शवहृदि विगलन्मुण्डमाले विशाले खड्गं खर्परमिन्दीवरमपि दधतीं नीलवर्णां त्रिनेत्राम् । संसाराम्भोधिमग्नान् सुकृतजनगणान् तारयन्तीं दयाद्रीं वन्दे तां तारिणीं श्रीत्रिभुवनजननीं सर्वसिद्धेश्वराणाम् ॥ २ ॥
हिंदी भावार्थ:

गले में मुंडमाला, हाथ में खड्ग, खप्पर और नीलकमल धारण करने वाली, संसार-सागर में डूबे जीवों का उद्धार करने वाली परम कारुणिक तारिणी माता को मेरा नमन है।

अंग्रेजी अनुवाद: Prostrations to Goddess Tarini, holding the sword, skull-cup and blue lotus, delivering earnest souls across the ocean of worldly trials.
॥ श्लोक 3 ॥
भक्तार्तिशमनीं देवीं तारिणीं भवतारिणीम् । उग्रतारां महोदारां नमामि सुखदायिनीम् ॥ ३ ॥
हिंदी भावार्थ:

भक्तों के समस्त संकटों को हरने वाली, संसार से तारने वाली, उग्रतारा स्वरूपिणी और परम उदार सुखदायिनी माता को मेरा बारंबार नमन।

अंग्रेजी अनुवाद: Reverence to Ugra-Tara, the compassionate deliverer who quells all anguish and bestows everlasting peace and illumination.
॥ श्लोक 4 ॥
विद्यादात्रीं महामायां वाक्प्रदां वरवर्णनीम् । एकजटां त्रिनेत्रां च वन्दे तारां महेश्वरि ॥ ४ ॥
हिंदी भावार्थ:

वाक्-सिद्धि व परम विद्या प्रदान करने वाली, एकजटा स्वरूपिणी, त्रिनेत्री महामाया तारा महेश्वरी की मैं स्तुति करता हूँ।

अंग्रेजी अनुवाद: Adorations to Ekajata Tara, the granter of eloquent speech, supreme intellect, and spiritual mastery.
॥ श्लोक 5 ॥
तारके त्वं महामाये त्राहि मां भवसागरात् । शत्रुबाधाप्रशमनि नमो देवि नमोऽस्तु ते ॥ ५ ॥
हिंदी भावार्थ:

हे तारिणी महामाये! इस भवसागर से मेरी रक्षा कीजिए और समस्त शत्रुबाधाओं का शमन कीजिए। हे भगवती तारा! आपको नमन है।

अंग्रेजी अनुवाद: O Divine Savior Mother Tara, shield me through worldly currents and pacify all adversities; prostrations unto You.
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पाठ विधि एवं नियम

  • ✦ प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर शुद्ध श्वेत या पीले वस्त्र धारण करें।
  • ✦ पूजा स्थान में माँ तारा की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
  • ✦ रोली, अक्षत, सुगंधित पुष्प व नैवेद्य अर्पित कर आचमन करें।
  • ✦ एकाग्र चित्त होकर तारा स्तुति का श्रद्धापूर्वक पाठ करें व अंत में आरती करें।
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चमत्कारी फलश्रुति व लाभ

घोर आर्थिक संकट, विपत्ति और अज्ञान का नाश होकर वाक्-सिद्धि व मोक्ष की प्राप्ति होती है।

🗓️ शुभ मुहूर्त व वार: प्रातः काल, प्रदोष काल व संबंधित देवता का पावन वार