वैदिक ज्योतिष कैलकुलेटर हब
नाम-राशि, घटी-घंटा, ग्रहण व सूतक काल, रत्न, रुद्राक्ष, यंत्र, मोबाइल अंक व अयनांश — तुरंत निःशुल्क सटीक गणना एवं विस्तृत परिणाम।
नाम से राशि व नक्षत्र
108 Classical Syllablesनाम का पहला अक्षर (नामाक्षर) दर्ज करके जानें जन्म-नक्षत्र, चरण, चंद्र-राशि, स्वामी ग्रह, गण, योनि व नाड़ी — शास्त्रीय 108 नामाक्षर सारणी अनुसार।
घटी-पल ↔ घंटा-मिनट
Bi-directional Vedic Clockप्राचीन वैदिक समय-इकाई कनवर्टर: 1 घटी = 24 मिनट, 1 पल = 24 सेकंड, 1 मुहूर्त = 2 घटी = 48 मिनट। जन्म-कुंडली का इष्टकाल तुरंत बदलें।
मोबाइल नंबर अंक-ज्योतिष
Cheiro Friendship Matrixअपनी जन्मतिथि के मूलांक व भाग्यांक से जानें अपने लिए शुभ मोबाइल नंबर योग — और अपना मौजूदा 10-अंकीय नंबर परखें।
रुद्राक्ष Calculator
1-14 Mukhi Vedic Guidanceअपनी चंद्र-राशि चुनें — राशि-स्वामी ग्रह और अधिष्ठाता देवता के अनुसार शास्त्रीय मुखी-रुद्राक्ष, बीज मंत्र व धारण विधि जानें।
राशि नहीं पता? ऊपर "नाम से राशि" कैलकुलेटर का उपयोग करें। 5-मुखी रुद्राक्ष सर्व-कल्याणकारी व सभी के लिए सुरक्षित है।
सिद्ध यंत्र Calculator
Sacred Geometric Yantrasराशि चुनें — राशि-स्वामी ग्रह का शुभ यंत्र, श्री यंत्र, महामृत्युंजय व कुबेर यंत्र की स्थापना दिशा व पूजा विधि जानें।
रत्न (Gemstone) Calculator
Navaratna & Uparatnaअपनी चंद्र-राशि चुनें — राशि-स्वामी ग्रह अनुसार शास्त्रीय नवरत्न, किफायती उपरत्न, अंगूठी की धातु, धारण उंगली व दिन जानें।
महत्वपूर्ण: नीलम, गोमेद व लहसुनिया तीव्र प्रभाव वाले रत्न हैं — इन्हें बिना 3-दिवसीय परीक्षण व ज्योतिषी परामर्श धारण न करें।
खगोलीय अयनांश Calculator
Lahiri, KP, Raman & Faganकिसी भी तारीख़ का सटीक अयनांश निकालें — लाहिरी (चित्रपक्ष), के.पी. (KP), डॉ. रमण व फागन-ब्रैडली पद्धतियों में।
तारीख़ ख़ाली छोड़ें तो आज का मान दिखेगा। भक्ति की शक्ति की सभी पंचांग गणनाएँ भारत सरकार मानक लाहिरी अयनांश पर हैं।
चीनी राशि (Chinese Zodiac)
12 Animals & 5 Elementsजन्म-वर्ष दर्ज करके 12-वर्षीय चीनी राशि-चक्र का पशु-चिह्न, पंच-तत्व (Wu-Xing), यिन/यांग ध्रुवीयता व स्वभाव जानें।
नोट: चीनी नववर्ष जनवरी के अंत या फ़रवरी में बदलता है। जनवरी या शुरुआती फ़रवरी जन्म होने पर पिछला वर्ष भी अवश्य देखें।
ग्रहण व सूतक काल Calculator
Solar & Lunar Eclipse Timings with Sutak Kaalआगामी सूर्य व चंद्र ग्रहण की स्थानीय शहर अनुसार समय-गणना (स्पर्श, मध्य, मोक्ष), सूतक काल अवधि, भारत में दृश्यता व धार्मिक नियम।
धार्मिक मान्यता: सूतक काल केवल उन्हीं क्षेत्रों में मान्य होता है जहाँ ग्रहण प्रत्यक्ष दृश्यमान हो। जो ग्रहण भारत में अदृश्य हों, उनका धार्मिक सूतक मान्य नहीं होता।
🛠 भक्ति की शक्ति के अन्य प्रमुख वैदिक उपकरण
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नाम के पहले अक्षर से राशि और नक्षत्र कैसे ज्ञात किए जाते हैं?
वैदिक ज्योतिष में संपूर्ण राशि-चक्र को 27 नक्षत्रों में बांटा गया है। प्रत्येक नक्षत्र के 4 चरण होते हैं, जिनसे कुल 108 नामाक्षर बनते हैं। 9 चरणों की एक राशि होती है। नाम के प्रथम उच्चारण अक्षर को इस 108 नामाक्षर सारणी में मिलाकर संबंधित नक्षत्र चरण और चंद्र-राशि निकाली जाती है।
यदि नाम-राशि और जन्म-कुंडली की राशि अलग हों तो किसे प्राथमिकता दें?
यदि सटीक जन्मतिथि, समय व जन्मस्थान ज्ञात हो, तो जन्म-कुंडली की चंद्र-राशि (जन्म-राशि) ही सर्वोपरि व प्रामाणिक मानी जाती है। नाम-राशि का उपयोग मुख्य रूप से तब किया जाता है जब जन्म-समय उपलब्ध न हो अथवा व्यावहारिक नाम के कंपन का आकलन करना हो।
एक घटी और एक मुहूर्त में कितने मिनट होते हैं?
1 घटी में ठीक 24 मिनट होते हैं (और 1 घटी में 60 पल होते हैं, जहाँ 1 पल = 24 सेकंड)। 2 घटी मिलकर 1 मुहूर्त बनाती हैं (अर्थात 48 मिनट)। एक संपूर्ण 24 घंटे के वैदिक अहोरात्र (दिन-रात) में ठीक 60 घटी या 30 मुहूर्त होते हैं।
अयनांश क्या है और भारत में लाहिरी (चित्रपक्ष) ही मानक क्यों है?
पृथ्वी के अक्षीय घूर्णन (Precession of Equinoxes) के कारण सायन और निरयण राशि-चक्र के मध्य लगभग 24° का कोणीय अंतर है। भारत सरकार की पंचांग सुधार समिति द्वारा चित्रपक्ष (लाहिरी) अयनांश को राष्ट्रीय मानक घोषित किया गया है, जिस पर अधिकांश प्रामाणिक भारतीय पंचांग व कुंडलियां आधारित हैं।
क्या कोई भी व्यक्ति बिना कुंडली दिखाए 5-मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकता है?
हाँ! शिव महापुराण के अनुसार 5-मुखी रुद्राक्ष (कालाग्नि रुद्र स्वरूप) सर्व-कल्याणकारी है। इसे कोई भी स्त्री, पुरुष या बालक बिना किसी कुंडली दोष के धारण कर सकता है। यह मन की एकाग्रता, रक्तचाप नियंत्रण और आत्मिक शांति प्रदान करता है।