अमोघ शिव कवच
भगवान शिव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। समस्त भय, रोग, अकाल मृत्यु व नकारात्मक ऊर्जा से अभेद्य सुरक्षा।
पुराणों व तंत्र आगमों के 69 परम शक्तिशाली रक्षा कवचों का संपूर्ण प्रामाणिक महाकोश: दुर्गा, नवदुर्गा, काली, महाविद्या, नारायण, कृष्ण, नृसिंह, शिव, भैरव, हनुमान, नवग्रह व महालक्ष्मी कवच — मूल संस्कृत श्लोक, सरल हिंदी भावार्थ, पाठ विधि व अभेद्य सुरक्षा फलश्रुति सहित।
भगवान शिव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। समस्त भय, रोग, अकाल मृत्यु व नकारात्मक ऊर्जा से अभेद्य सुरक्षा।
मां कात्यायनी (षष्ठ दुर्गा) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। शीघ्र विवाह, सुयोग्य जीवनसाथी व दांपत्य सुख का वरदान।
कामकला काली का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। तांत्रिक अभिचार, शत्रु बाधा व अकाल संकट का तत्क्षण संहार।
भगवती कामाख्या का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। सर्व वशीकरण, आकर्षण, दरिद्रता नाश व मनोकामना सिद्धि।
कामाख्या महाशक्ति का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। सम्मोहन, पारिवारिक सुरक्षा व तांत्रिक उपद्रवों से रक्षा।
मां कालरात्रि (सप्तम दुर्गा) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। भूत-प्रेत, पिशाच, अकाल भय व दुःस्वप्नों का समूल नाश।
मां भद्रकाली का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। शत्रु-दमन, कोर्ट-कचहरी में विजय व सर्वत्र रक्षा कवच।
मां कूष्माण्डा (चतुर्थ दुर्गा) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। आरोग्य, तेज, कीर्ति, आयु व सूर्य जनित दोषों की शांति।
श्रीकृष्ण / ब्रह्माण्ड नायक का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। समस्त ब्रह्मांडीय शक्तियों से रक्षा, संतान सुख व परम मोक्ष।
केतु ग्रह देव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। केतु की महादशा, चर्म रोग, रहस्यमयी बाधाओं व भ्रम का निवारण।
भगवान श्रीगणेश का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। सर्व विघ्न विनाश, बुद्धि-विवेक, परीक्षा व व्यापार में सफलता।
सद्गुरु / गुरुदेव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। ज्ञान, आध्यात्मिक प्रगति, गुरु कृपा व अज्ञान के अंधकार का नाश।
बालगोपाल श्रीकृष्ण का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। अक्षय धन, वंश वृद्धि, बाल रक्षा व सुख-शांति का स्थायी वास।
संतान गोपाल का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। उत्तम संतान प्राप्ति, गर्भ रक्षा व घर में प्रेम-सौहार्द।
मां महाचंडी / नवदुर्गा का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। शरीर के समस्त अंगों, नौ दिशाओं और जीवन की सर्वांगीण सुरक्षा।
चन्द्रमा देव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। मानसिक तनाव, अनिद्रा, डिप्रेशन व माता के स्वास्थ्य में सुधार।
मां छिन्नमस्ता (प्रचंड चंडिका) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। कुंडलिनी जागरण, काम-क्रोध पर विजय व भयंकर शत्रुओं का नाश।
मां तारा प्रत्यंगिरा का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। अभिचार, मारण, मूठ, तांत्रिक षड्यंत्र को उसी क्षण उलट देना।
भगवती तुलसी / वृंदा का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रोकना, वास्तु शुद्धि व आरोग्य।
भगवान दत्तात्रेय का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। पिशाच, शाकिनी, डाकिनी, भय व समस्त दैहिक-दैविक कष्टों का नाश।
मां दक्षिणा काली का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। काल के भय से मुक्ति, आकस्मिक दुर्घटनाओं से रक्षा व विजय।
मां दुर्गा (देव्याः कवचम्) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। प्रथमं शैलपुत्री च... समस्त देवी शक्तियों द्वारा देह का अभेद्य घेरा।
मां धूमावती (ज्येष्ठा) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। दरिद्रता, अभाव, अलक्ष्मी, कलह व असाध्य रोगों का निष्कासन।
समस्त नवग्रह देव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। सूर्य से लेकर केतु तक सभी 9 ग्रहों के अनिष्ट प्रभाव का शमन।
भगवान श्रीमन्नारायण का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। देवराज इंद्र द्वारा प्रयुक्त परम सुरक्षा कवच, सर्वत्र अजेयता।
लक्ष्मीनारायण हृदय का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। लक्ष्मी-नारायण का सम्मिलित अनुग्रह, धन-धान्य व अखंड सौभाग्य।
नारायणास्त्र स्वरूप विष्णु का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। ब्रह्मास्त्र व समस्त अमोघ अस्त्रों से रक्षा करने वाला दिव्य अस्त्र कवच।
परमहंस स्वामी निखिलेश्वरानंद / शिव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। साधना में सफलता, कुंडलिनी जागरण व गुरु रक्षा कवच।
भगवान नृसिंह का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। शत्रु-भय, दुष्ट ग्रहों व घोर विपत्तियों से तत्काल मुक्ति।
उग्र नृसिंह देव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। हिरण्यकशिपु हंता नृसिंह का अमोघ रक्षा कवच, सर्वत्र निर्भयता।
विजय नृसिंह का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। प्रतियोगिताओं, युद्धों, व्यापारिक संकटों में निश्चित विजय।
पंचमुखी वीर हनुमान का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। वानर, नरसिंह, गरुड़, वराह, हयग्रीव—पांचों दिशाओं से सुरक्षा।
मां पीताम्बरा बगलामुखी का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। शत्रुओं की वाणी व बुद्धि का स्तम्भन, विजय व षड्यंत्र नाश।
बुध ग्रह देव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। कुशाग्र बुद्धि, व्यापारिक उन्नति, वाणी माधुर्य व त्वचा रोगों का शमन।
देवगुरु बृहस्पति का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। उच्च शिक्षा, संतान सुख, ज्ञान, धर्म व गुरु ग्रह दोष की शांति।
मां ब्रह्मचारिणी (द्वितीय दुर्गा) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। तप, त्याग, सदाचार, संयम व आत्मबल में वृद्धि।
ब्रह्माण्ड मोहिनी दुर्गा का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। अतुलनीय सम्मोहन, सर्वजन प्रियता, यश व विपुल धन।
मां भुवनेश्वरी का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। समस्त लोकों में सम्मान, साम्राज्य सुख, राजपद व वाकसिद्धि।
भगवान काल भैरव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। तांत्रिक क्रियाओं, भूत-प्रेत, भय व अकाल मृत्यु का नाश।
मंगल ग्रह (भौम) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। मांगलिक दोष, रक्त विकार, ऋण संकट व भूमि-विवाद का समाधान।
मां महागौरी (अष्टम दुर्गा) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। समस्त संचित पापों का प्रक्षालन, रूप, सौंदर्य व वैवाहिक सुख।
श्रीमहाकाली का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। काल का भी काल स्वरूप, घोर संकटों व असाध्य शत्रुओं से रक्षा।
महायक्षिणी देवी का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। अकूत धन, गड़ा धन, गुप्त विद्या व आर्थिक विपन्नता का नाश।
भगवती महालक्ष्मी का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। अष्ट ऐश्वर्य, स्थिर लक्ष्मी, व्यापार वृद्धि व ऋणमुक्ति।
दस महाविद्याएं का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। काली, तारा, षोडशी सहित दसों महाविद्याओं का सम्मिलित रक्षा कवच।
मां तारा देवी का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। घोर संकट से तारने वाली, वाक्-सिद्धि, ज्ञान व मोक्ष प्रदाता।
मां मातंगी (उच्छिष्ट चांडालिनी) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। संगीत, कला, साहित्य, वक्तृत्व कला व सर्व वशीकरण।
यक्षिणी देवियां का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। आर्थिक समृद्धि, आकर्षण व जीवन में सुगम साधन प्राप्ति।
श्रीराधारानी का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। परम भगवत्प्रेम, दांपत्य मधुरता, कृष्ण सान्निध्य व भक्ति।
राहु ग्रह देव का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। कालसर्प योग, राहु की महादशा, भ्रम, भय व अचानक होने वाले नुकसान से रक्षा।
तंत्रोक्त कालिका का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। तांत्रिक सुरक्षा, दुष्ट ग्रहों व गुप्त शत्रुओं के संहार हेतु।
माता लक्ष्मी का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। धन, वैभव, सुख, ऐश्वर्य व परिवार में शांति की वर्षा।
श्री लक्ष्मीनारायण का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। आध्यात्मिक व भौतिक दोनों प्रकार की समृद्धि का आशीर्वाद।
भगवान भू-वराह का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। भूमि लाभ, अचल संपत्ति विवाद में विजय व पाताल भयों से मुक्ति।
विकट नृसिंह का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। अत्यंत विकट संकटों, घोर शत्रुता व रोग शमन हेतु।
शनिदेव महाराज का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। साढ़ेसाती, ढैय्या, दुर्घटना व कर्म जनित बाधाओं की शांति।
शनिश्वर वज्रपंजर का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। शनि पीड़ा से वज्र समान अभेद्य सुरक्षा प्रदान करने वाला कवच।
भक्त माता शबरी / श्रीराम का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। सरल निष्कपट भक्ति, कष्ट निवारण व प्रभु श्रीराम की कृपा।
सदाशिव अमोघ का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। रोग-मुक्ति, आयु वृद्धि, अकाल मृत्यु शमन व मोक्ष।
शुक्राचार्य / शुक्र ग्रह का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। भौतिक सुख, वाहन, दांपत्य प्रेम, आकर्षण व सौंदर्य की वृद्धि।
मां शैलपुत्री (प्रथम दुर्गा) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। मूलाधार चक्र जाग्रति, स्थिरता, सौभाग्य व चंद्र दोष शांति।
श्रीमहादुर्गा का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। दसों दिशाओं में सर्वत्र रक्षा करने वाला विश्वविख्यात दुर्गा कवच।
श्रीमहालक्ष्मी का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। धन, स्वर्ण, रजत, वाहन व व्यापार में चतुर्दिक उन्नति।
भगवान रुद्र का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। रुद्राभिषेक के समान फल, पापों का नाश व मृत्युंजय शक्ति।
मां सिद्धिदात्री (नवम दुर्गा) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। अणिमा, महिमा आदि अष्ट सिद्धियों व सर्व मनोकामनाओं की पूर्ति।
सुदर्शन चक्र राज का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। शत्रुओं के तीक्ष्ण बाणों, अभिचार व बाधाओं को भस्म करने वाला चक्र कवच।
भगवान भुवन भास्कर सूर्य का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। नेत्र रोग, हृदय विकार, पिता से संबंध व राज-सम्मान में वृद्धि।
मां स्कंदमाता (पंचम दुर्गा) का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। संतान सुख, ज्ञान का विस्तार व बृहस्पति जनित दोषों का निवारण।
मां त्रिपुर भैरवी का यह परम दिव्य कवच साधक के सभी अंगों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र की रक्षा करता है। भय का नाश, तेज, ओज, आध्यात्मिक जागृति व आंतरिक शक्ति।
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सनातन साधना में कवच साधक के सूक्ष्म व स्थूल शरीर के चारों ओर एक अभेद्य ज्योतिर्मय आवरण का निर्माण करता है। इसमें प्रत्येक श्लोक शरीर के विशिष्ट अंगों (शिर, नेत्र, कंठ, हृदय आदि) पर इष्ट शक्ति की सुरक्षा स्थापित करता है।
कवचों की उत्पत्ति श्रीमद्भागवत, मार्कण्डेय पुराण, स्कंद पुराण व रुद्रयामल तंत्र जैसे प्रामाणिक ग्रंथों से हुई है। इनका नित्य पाठ अकाल मृत्यु, नजर दोष, तांत्रिक अभिचार व गंभीर ग्रहदोषों को उसी क्षण निष्प्रभावी कर देता है।
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