BHAKTI KI SHAKTI
🌸 कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष द्वितीया ⏳ In 14 Days Vedic Sanatan Guide

Bhai Dooj / Yama Dwitiya

भाई दूज भाई-बहन के पवित्र स्नेह, अटूट विश्वास और परस्पर रक्षा का पावन पर्व है। कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर शुभ तिलक लगाती हैं, आरती उतारती हैं और उनकी लंबी आयु व सफलता की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार और आजीवन रक्षा का वचन देते हैं। इस दिन यमुना नदी में स्नान करने और बहन के हाथ से बना भोजन करने से यमराज का भय समाप्त हो जाता है।

🕉️ Principal Deity: यमराज और उनकी बहन यमुना जी, श्री कृष्ण व सुभद्रा
Festival Date (2026) 10 Nov 2026 • Tuesday View Day Panchang
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Auspicious Muhurat & Timings for 2026

Calculated as per Vedic Surya Siddhanta and Lahiri Ayanamsha

Main Puja Muhurat

दोपहर 01:14 से 03:25 तक (अवधि: 2 घंटे 11 मिनट)

Most Auspicious Window
Tithi Transition Timing

तिथि विवरण: 10 नवंबर 2026, प्रातः 08:15 बजे से • समाप्ति: 11 नवंबर 2026, प्रातः 06:10 बजे तक

Shubh Choghadiya:

लाभ: प्रातः 10:47 - 12:09 | अमृत: दोपहर 12:09 - 01:31

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Step-by-Step Schedule & Ritual Timeline (Hour by Hour)

Detailed sequence from morning to night for rituals, puja, and lighting lamps

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स्नान व पकवान तैयारी

प्रातः 08:00 - 10:00 AM

बहनें स्नान कर भाई के स्वागत हेतु सात्विक भोजन, खीर व मिष्ठान्न बनाएं।

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शुभ मुहूर्त में तिलक अनुष्ठान

दोपहर 01:14 - 03:25 PM

भाई को पूर्व या उत्तर दिशा में पाटे (चौकी) पर बैठाएं। सिर पर रुमाल रखें। अनामिका अंगुली से कुमकुम, अक्षत और चंदन का तिलक लगाएं। कलावा बांधें और कद्दू के फूल/सूखा गोला (नारियल) भेंट करें।

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आरती, भोजन व उपहार आदान-प्रदान

दोपहर 03:30 PM के बाद

कपूर या घी के दीपक से भाई की आरती उतारें। बहन अपने हाथ से भाई को भोजन कराए। भाई बहन के पैर छूकर आशीर्वाद ले और प्रेमस्वरूप उपहार भेंट करे।

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Why is this Festival Celebrated?

भाई दूज भाई-बहन के पवित्र स्नेह, अटूट विश्वास और परस्पर रक्षा का पावन पर्व है। कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर शुभ तिलक लगाती हैं, आरती उतारती हैं और उनकी लंबी आयु व सफलता की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार और आजीवन रक्षा का वचन देते हैं। इस दिन यमुना नदी में स्नान करने और बहन के हाथ से बना भोजन करने से यमराज का भय समाप्त हो जाता है।

Significance rooted in Sanatan Dharma
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Pauranik Beliefs & Cultural Traditions

मान्यता है कि यम द्वितीया के दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे, जहां यमुना ने उनका भव्य सत्कार कर तिलक लगाया और स्वादिष्ट भोजन कराया। यमराज ने प्रसन्न होकर वरदान दिया कि जो भाई आज के दिन अपनी बहन के घर जाकर उसके हाथ का भोजन करेगा और तिलक लगवाएगा, उसे अकाल मृत्यु और यमलोक की यातना नहीं होगी।

Preserved through millennia of tradition
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Complete Sacred Mythological Story (Vrat Katha)

Authentic narration from Sacred Puranas and Epics

सूर्यपुत्र यमराज और उनकी बहन यमुना में अगाध स्नेह था। यमुना बार-बार यमराज को अपने घर भोजन के लिए बुलाती थीं, परंतु व्यस्तता के कारण यमराज नहीं जा पाते थे। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमराज अचानक यमुना के घर पहुंचे। बहन के हर्ष का ठिकाना न रहा। उसने स्नान कराकर भाई का तिलक किया और 56 भोग खिलाए। यमराज ने प्रसन्न होकर वर मांगने को कहा।

यमुना ने कहा, "हे भ्राता! यदि आप मुझ पर प्रसन्न हैं, तो वरदान दीजिए कि जो भी भाई आज के दिन अपनी बहन के घर भोजन करेगा, उसे आपका भय न रहे और जो बहन-भाई यमुना में स्नान करेंगे, उन्हें मोक्ष मिले।" यमराज ने तथास्तु कहकर वरदान दिया। एक अन्य प्रसंग में नरकासुर वध के बाद भगवान श्री कृष्ण अपनी बहन सुभद्रा के घर पहुंचे थे, जहां सुभद्रा ने आरती उतारकर उनका स्वागत किया था।

📖 Reciting or listening to this Katha during puja yields multifold blessings.
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How and Where is it Celebrated? (India & Worldwide)

Regional customs across Indian states and global celebrations by Indian diaspora

🇮🇳 Across Indian States & Regions

उत्तर भारत में भाई दूज, बंगाल में "भाई फोटा", महाराष्ट्र व गोवा में "भाऊ बीज", और गुजरात में "भाई बीज" के नाम से मनाया जाता है। मथुरा के विश्राम घाट पर भाई-बहन का यमुना स्नान विश्व प्रसिद्ध है।

🌐 Celebrations Across the Globe (NRI & Diaspora)

नेपाल में इसे "भाई टीका" कहते हैं, जहां यह 5 दिवसीय तिहार का सबसे बड़ा दिन होता है और 7 रंगों का तिलक लगाया जाता है। विदेशों में भारतीय समुदाय इसे बड़े उत्साह से मनाता है।

🛍️

Puja Samagri Checklist

Tick off items as you prepare for the ritual

6 Items
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Sacred Mantras & Invocations

तिलक मंत्र: "गंगा पूजे यमुना को, यमी पूजे यमराज को। सुभद्रा पूजे कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे, मेरे भाई की आयु बढ़े॥"
यम द्वितीया प्रार्थना: "धर्मराज नमस्तुभ्यं नमस्ते यमुनाग्रज। पाहि मां किङ्करैः सार्धं सूर्यपुत्र नमोऽस्तु ते॥"
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Rules: Dos and Don'ts

What to Do (अवश्य करें)
  • ✓ तिलक के समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा में हो
  • ✓ भाई बहन के हाथ का बना भोजन ही करे
  • ✓ सूखा गोला अवश्य भेंट करें
What to Avoid (कदापि न करें)
  • ✗ राहुकाल में तिलक न करें
  • ✗ इस दिन भाई-बहन किसी विवाद या कटुता में न पड़ें
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Upcoming Dates for Bhai Dooj / Yama Dwitiya (2026–2030)

Accurate advance calendar for devotees, families and diaspora planning

Year Date Day Tithi Action
2026 10 November 2026 Tuesday कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष द्वितीया Panchang
2027 31 October 2027 Sunday कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष द्वितीया Panchang
2028 19 October 2028 Thursday कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष द्वितीया Panchang
2029 07 November 2029 Wednesday कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष द्वितीया Panchang
2030 28 October 2030 Monday कार्तिक मास, शुक्ल पक्ष द्वितीया Panchang

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